शासन प्रशासन की कार्यप्रणाली निरंकुश नजर आ रहीःविवेक चतुर्वेदी

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शासन प्रशासन जन शिकायतों के प्रति गंभीर नहीं,रवैया उदासीन बना हुआ

बैकु΄ठपुर 26 सितम्बर 2021 (घटती-घटना)। कोरिया जिले के खोगांपानी नगर पंचायत के पार्षद ने शासन प्रशासन पर जन शिकायतों के संदर्भ में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है की वर्तमान में शासन प्रशासन की जन शिकायतों को लेकर गम्भीरता उदासीन हो गई है वहीं अब अधिकारी व कर्मचारी निरंकुश हो चुके हैं जिसकी वजह से जनता की शिकायतें कार्यालयों में स्वीकार तो कर ली जातीं हैं लेकिन उसमें न तो जांच तय की जाती है और न ही जांच करते हुए कार्यवाही ही कि जाति है। उन्होंने कहा कि शासन प्रशासन जन शिकायतों के प्रति गम्भीर नहीं है वहीं वह लगातार शिकायतों की प्राप्ति होने पर कार्यवाही के नाम पर ही केवल खानापूर्ति करते हैं वहीं औपचारिकता पूरी करते हुए केवल मामले को किसी तरह से दबाने का प्रयास करते हैं यही अमूमन देखा जाने लगा है।
शिकायतों की फाइलें या तो कार्यालय में नीचे ही दबा दी जाती हैं या फिर अधिकारियों तक पहुंचते ही मामले को आपस मे ही निपटा लिया जाता है। एक तरह से जनता के प्रति शासन प्रशासन का रुख सही नहीं है। वहीं उन्होंने शासन प्रशासन से अपील की है कि जन शिकायतों को प्राथमिकता देकर किसी भी शिकायत मामले की जांच कराई जाए वहीं दोषियों पर तत्काल कार्यवाही की जाय जिससे जनता का विश्वास शासन प्रशासन के प्रति कायम रह सके। पार्षद विवेक चतुर्वेदी ने यह भी कहा कि प्रतिदिन कई कार्यालयों में जन शिकायतें आम जनता करती है वहीं जनप्रतिधि भी लगातार शिकायत करते हैं जिसमे अधिकारियों कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायत की जाती है जबकि शिकायतों पर कार्यवाही या उसकी जांच किये बगैर ही मामले का पटाक्षेप कर दिया जाना या शिकायत प्रकरणों को दबा देना जन कल्याणकारी राज्य की परिकल्पना के विपरीत आचरण है। खोंगपानी के पार्षद विवेक चतुर्वेदी ने कहा कि शासन प्रशासन की कार्यप्रणाली इस समय निरंकुश नजर आ रही है शिकायतकर्ता से शिकायत करते हैं उस पर शासन प्रशासन की कार्यवाही होती नहीं दिख रही, आखिर शिकायत करने का मतलब ही क्या है शिकायत आदमी इसलिए करता है ताकि उसकी शिकायत से शासन-प्रशासन ध्यान दें और कमियों को दूर कराए, ताकि उस पर सुधार हो सके, इस समय तो स्थिति ऐसी है सिर्फ शिकायत करते जाइए और वह फाइलों में गट्ठर बन कर रखे जाते हैं उस पर संज्ञान लेना तो दूर उस पर जिक्र भी नहीं किया जाता।

शिकायतों पर प्रशासन का ध्यान सिर्फ औपचारिकता कार्यवाही नहीं

कोरिया जिले के सभी विभागों में अधिकारियों की कार्यप्रणाली किसी से छुपी नहीं है यही वजह है कि इस समय शिकायतों के भी अंबार है पर सबसे बड़ी वजह यह है किस शिकायतें सिर्फ होती हैं और शिकायतों को संज्ञान लेने वाला कोई नहीं ऐसा कोई विभाग नहीं है जहां शिकायतें नहीं पर क्या शिकायतों से उस कमियों को दूर करने की पहल की जा रही है ऐसा दिख नहीं रहा, इस समय जो हो रहा है उसे शासन-प्रशासन देखने का प्रयास नहीं कर रहे और जो दिख रहा है वह लोगों को रास नहीं आ रहा यही वजह है कि कलेक्टर कार्यालय में शिकायतों के अंबार है पर शिकायत किस काम के जब उस पर संज्ञान है कोई ना ले।

जब प्रशासन कांग्रेस के लोगों की शिकायत नहीं सुन रहा तो आम लोगों की शिकायत कैसे सुनेगा

जिले में जो चल रहा है किसी से छुपा नहीं है वर्तमान सरकार कांग्रेस की है और कांग्रेस के ही लोगों की शिकायतें भी प्रशासन के खिलाफ खूब हैं, पर सवाल यह है कि जब कांग्रेस के लोगों पर के ही शिकायतों का निराकरण नहीं हो पा रहा तो आम लोगों की शिकायतों का निराकरण कैसे होगा, शिकायतों पर कार्यवाही ना होना प्रदेश सरकार के लिए एक नेगेटिव उपलब्धि है, आखिर सरकार शिकायतों का निराकरण कराने पर ध्यान क्यों नहीं दे रही है जिसके ऊपर जांच हो रहे हैं वह जांच भी प्रभावित हो रहे हैं निष्पक्ष जांच ना होना सरकार के कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है। गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों पर विभागीय जांच भी समय पर ना शुरू होना एक बहुत बड़ा सवाल है, जिले में विभागीय जांच भी कुछ अधिकारियों पर होनी है, पर जांच के लिए टीम गठित ना होना से सरकार के प्रति लोगों में सही संदेश नहीं जा रहा।


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