14 वें 15 वें वित्त अनुदान की राशि में गड़बड़ी की जांच में भी गड़बड़ी करते नजर आए जांच अधिकारी

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मामला बैकुंठपुर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत खांडा में शासकीय राशि के दुरुपयोग का

रवि सिंह-


बैकु΄ठपुर 22 सितम्बर 2021 (घटती-घटना)। जनपद पंचायत बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत खांडा में 14 वें 15 वें वित्त अनुदान की राशि में गड़बड़ी कर बन्दरबांट की पंचायत प्रतिनिधियों सहित ग्रामीणों की शिकायत पर जिला पंचायत कोरिया ने जांच दल गठित कर जब दस्तावेजों की जांच की तो प्रथम दृष्ट्या आरोप सही पाए जाने पर जिला पंचायत कोरिया के द्वारा तात्कालीन ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित करते हुए 40 निर्माण कार्यों की लगभग 30 लाख से भी ज्यादा राशि जो ग्राम पंचायत के बैंक खातों से तो निकाल ली गई थी वहीं जिन निर्माण कार्यों या विकास कार्यों के नाम पर राशि निकाली गई वह भौतिक रूप से सम्पन्न किये गए कि नहीं जिसका आरोप पंचायत प्रतिनिधियों सहित ग्रामीणों द्वारा लगाया गया था के भौतिक सत्यापन के लिए आरईएस विभाग के एसडीओ के नेतृत्व में एक दल गठित कर एक सफ्ताह के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश जिला पंचायत कोरिया ने जारी किया था।

दूसरे दिवस जांच करने पहुंचे अधिकारियों पर लगा सरपंच को बचाने का आरोप

जांच दल पहले दिन की जांच के बाद एक हफ्ते से ज्यादा समय तक मौन रहा, जबकि जिला पंचायत का सपष्ट निर्देश था कि जांच प्रतिवेदन एक सफ्ताह में प्रस्तुत किया जाना है, वहीं हफ्ते भर से भी ज्यादा समय बाद आज जब जांच दल दोबारा ग्राम पंचायत खांडा पहुंचा और गोपनीय तरीके से बिना ग्रामीणों व अन्य पंचायत प्रतिनिधियों को सूचित किये जांच को जल्दबाजी से सरपंच के पक्ष में ही पूरा कर प्रतिवेदन जिला पंचायत कोरिया को भेजे जाने की तैयारी में जुटा हुआ था, तभी पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों को कहीं से सूचना मिल गई वहीं ग्रामीण आक्रोशित होकर जांच दल के सामने पहुंचकर मांग करने लगे कि जिन निर्माण या मरम्मत कार्यों के नाम पर राशि निकाली गई, शासकीय राशि की बन्दरबांट की गई उसमें से एक भी काम जब धरातल पर किये ही नहीं गए तब कैसे सरपंच व सचिव के पक्ष में जांच दल जांच प्रतिवेदन बना सकता है। पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों के आक्रोश व विरोध के बाद जांच दल को आभास हो गया कि मामला बिगड़ सकता है इसलिए वह जांच अधूरा छोड़कर ही चले गए।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने लगाई फटकार

जिला पंचायत उपाध्यक्ष वेदांती तिवारी को जब पता चला कि जिला पंचायत द्वारा गठित जांच दल जिसके अगुआ आरईएस के एसडीओ हैं और वह गड़बडी की जांच में भी गड़बड़ी करना चाह रहें हैं उन्होंने तत्काल एसडीओ को फोन लगाकर सपष्ट रूप से चेतावनी दे डाली, उन्होंने साफ साफ कहा यदि आप जांच सही तरीके से नहीं कर सकते या कोई दवाब है जांच को लेकर आप जिला पंचायत को लिखकर दे दें कि आप जांच पूरा कर पाने में असमर्थ हैं। उन्होंने यह भी कहा मामला आर्थिक अनियमितता का है और बहोत बड़ी राशि का बन्दरबांट पंचायत खाते से किया गया है जिसकी जांच निष्पक्ष की जानी चाहिए और दोषियों पर कार्यवाही भी होनी चाहिए।

इंजीनियरों से है सरपंच सहित सरपंच के मित्रों की मित्रता

जांच दल में आज जिन दो इंजीनियरों द्वारा जांच कार्यवाही को सरपंच के पक्ष में निष्पादित किया जा रहा था बताया जा रहा है उनसे सरपंच सहित सरपंच के मित्रों की मित्रता है वह भी गाढ़ी मित्रता। मित्रता की वजह से वह यह जानते हुए की गड़बडी बड़ी है वह जांच में भी गड़बड़ी कर सरपंच सहित सचिव को बचाना चाह रहे थे, लेकिन जब मामला उजागर हो गया वह लौट गए।

जांच के पहले दिन धरातल पर निर्माण कार्यों की स्थिति चौकाने वाली रही

भौतिक सत्यापन करने पहुंचे जांच दल ने ग्राम पंचायत खांडा के 8 ऐसे निर्माण व मरम्मत कार्यों का भौतिक सत्यापन किया जिनके नाम पर पंचायत खाते से राशि निकाली जा चुकी थी। 8 कार्यों में से 5 का धरातल पर कोई अता पता नहीं चला वहीं जो 3 कार्यों को धरातल पर जांच दल ने पाया वह भी जर्जर व अपूर्ण थे।


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