अंग्रेजी शासन से मुक्ति और स्वराज्य प्राप्ति के लिए 1857 से आरम्भ हुआ स्वाधीनता संघर्ष 1947 में पूर्ण हुआ। इस यात्रा में देश के विविध क्षेत्रों से हजारों नर-नारियों ने योगदान दिया है। अपना सर्वस्व समर्पण करके मां भारती के गौरव एवं गरिमा में वृद्धि की है। भारतीय राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में समाज जागरण करते हुए राष्ट्रीय एकात्मकता का भाव …
Read More »संपादकीय
लेख@ शादी के बाद करियर:उड़ान या उलझन?
परिवारों को यह समझना होगा कि शादी का मतलब महिलाओं के करियर का अंत नहीं होता। पुरुषों को घर और बच्चों की जिम्मेदारी में बराबर भागीदारी निभानी चाहिए। कंपनियों को महिलाओं के लिए अधिक फ्लेक्सिबल जॉब ऑप्शंस देने चाहिए। करियर और शादी को विरोधी ध्रुवों की तरह देखने की बजाय उन्हें साथ ले चलने की जरूरत है। पुरुषों को भी …
Read More »लेख @हमारी सोच से आगे महिलाएं वैचारिकता बदलनें की दरकार
निश्चित तौर पर भारत में महिलाओं की मुक्ति तथा सशक्तिकरण का प्रश्न स्वतंत्रता एवं भारत की मुक्ति के साथ अनिवार्य रूप से जुड़ गया है। निश्चित तौर पर हर रात की सुबह होती है, और सुबह चमकदार और उजाले से भरपूर होती है। स्वतंत्र काल से जुड़ी हुई महिला सशक्तिकरण की यात्रा आज तक अनवरत जारी है। अब महिलाओं को …
Read More »@24 मार्च विश्व टीबी दिवस पर विशेष@टीबी के खिलाफ तेज करनी होगी जंग
भारत काफी लंबे समय से टीबी नामक बिमारी से जंग लड़ रहा है। लेकिन अब टीबी को लेकर एक डरावनी स्टडी सामने आई है। जर्नल प्लस मेडिसीन की स्टडी के मुताबिक भारत में अनुमान है कि 2021 से 2040 तक टीबी के 6 करोड़ केस और 80 लाख मौतें हो सकती है। स्टडी के मुताबिक भारत को इस बिमारी के …
Read More »लेख@ तलाक की भेंट चढ़ते तेरे मेरे सपने
जब सपने बिखरते हैं, प्रेम विवाह में तलाक बढ़ते हैं आजकल तलाक के बढ़ते मामलों ने समाज में एक नई चिंता को जन्म दिया है। चाहे अरेंज मैरिज हो या प्रेम विवाह, रिश्तों में दूरियाँ बढ़ने से वैवाहिक जीवन अस्थिर होता जा रहा है। तलाक सिर्फ¸ दो लोगों को ही नहीं,बल्कि उनके परिवारों, बच्चों और समाज को भी प्रभावित करता …
Read More »लेख@ इलाहाबाद नाबालिंग कोर्ट केस,प्राइवेट पार्ट्स को छूना बलात्कार नहीं,एक विवादित अमाननीय फैसला
भारत एक ऐसा देश है जिसकी संस्कृति में देवी पूजन का बड़ा महत्व है । बेटियों ,बहुओं को घर की लक्ष्मी मन जाता है । परंतु विडंबना यह है के उसी धरती पर संस्कृति के विरोध जा कर आज भी नारी ,स्त्री जाति को अपने हक¸ की लड़ाई न सिर्फ घर से बाहर बल्कि घर में भी लड़ने पड़ती है। …
Read More »लेख@ पलास के फुल भी बहुत ही सुंदर और आकर्षक होते हैं
पलास एक सुंदर और आकर्षक पेड़ है,जो अपने खूबसूरत फूलों और पत्तियों के लिए जाना जाता है। पलास के फुल भी बहुत ही सुंदर और आकर्षक होते हैं। ये फूल गहरे लाल या गुलाबी रंग के होते हैं और इनमें पांच पंखुडि़याँ होती हैं। पलास के फूलों की खुशबू बहुत ही मोहक होती है और ये फूल पेड़ पर मार्च …
Read More »लेख@ लुप्त होती हरियाणा की अनमोल विरासत रागनी कला
हरियाणवी लोकसंस्कृति का एक महत्त्वपूर्ण अंग रागनी आज विलुप्ति के कगार पर है। मनोरंजन के आधुनिक साधनों के आगमन और बदलते सामाजिक परिवेश के कारण यह कला पिछड़ती जा रही है। यदि समय रहते इसके संरक्षण के प्रयास नहीं किए गए, तो आने वाली पीढि़यों को यह विरासत केवल किताबों में ही देखने को मिलेगी। रागनी के लुप्त होने का …
Read More »@शीतलामाता अष्टमी पर आज विशेष@ संक्रामक रोगों से मुक्ति दिलाती है शीतला माता
शीतला माता स्वच्छता की अधिष्ठात्री देवी हैं और इसी संदर्भ में शीतला माता की पूजा से हमें स्वच्छता की प्रेरणा मिलती है। इनका सैदव से ही बहुत अधिक माहात्म्य रहा है। शीतला-मंदिरों में प्रायः माता शीतला को गर्दभ पर ही आसीन दिखाया गया है। शीतला माता गधे पर सवार होती है और नीम के पत्तों की माला का श्रृंगार करती …
Read More »@विश्व जल दिवस पर आज विशेष@ जल संरक्षण के लिए अब नहीं…तो कभी नहीं
भयावह होती जल संकट की तस्वीरजल संकट दुनिया के लगभग सभी देशों की एक विकट समस्या बन चुका है। हालांकि पृथ्वी का करीब तीन चौथाई हिस्सा पानी से लबालब है लेकिन धरती पर मौजूद पानी के विशाल स्रोत में से महज एक-डेढ़ फीसदी पानी ही ऐसा है, जिसका उपयोग पेयजल या दैनिक क्रियाकलापों के लिए किया जाना संभव है। इसीलिए …
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