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संपादकीय

लेख@ छठ पूजन का महत्व और प्रयोजन का कारण

भारत और विश्व में सूर्य के कई क्षेत्र हैं, जो आज भी उन नामों से उपलब्ध हैं। पर बिहार में ही छठ पूजा होने के कुछ कारण हैं। मुंगेर-भागलपुर राजधानी में स्थित कर्ण सूर्य पूजक थे। एक अन्य कथा है कि गया जिले के देव में सूर्य मन्दिर है। महाराष्ट्र के देवगिरि की तरह यहां के देव का नाम भी …

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@कविता @भुईयां ह जम्मो सिरावत हे

भर्री,भाठा,धरसा,सरार,अउ परिया सिरावत हेशहरीकरण के सुरसा म,भुईंया हर लीलावत हजनसंख्या के बढ़ाई म,भुईंया कम होत जात हेजिनगी हर कईसे होही,सोंच के मन घबरात हे।अंधाधून रुखराई के, कटाई म जंगल नंदावत हेजंगल के जीव-जनावर ह,भूख म कलबलात हे।नदिया,नरवा दिनों-दिन, परिया होवत जावत हेभुईंया के बरदान म करिया बादर हर मंडरात हे।खेत-खार,के धान-पान हर अब घटते जावत हेबखरी-बारी के साग-भाजी हर घलो …

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@कविता @सड़क दुर्घटना

हर दिन सड़क,दुर्घटना होता रहता हफिर भी लोंग,गाड़ी स्पीड से चलाते हैं!हमारी एक गलती से ,बहुत नुकसान होता हैं!इसमें न जाने,कौन क्या क्या खो देता हैं!गाड़ी चलाते समय,सावधानी बरतना हैं!ट्रैफिक के नियमों का,हमें पालन करना हैं!नशे से दुर रहना हैं,हेल्मेंट का प्रयोग करना हैं!संकेतों को देखकर,सडक पार करना हैं!कृष्णा चौहानअमेरी, तह.-बरमकेलासारंगढ़-बिलाईगढ़(छ.ग.)

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लेख@ पके धान के खेत का स्वाद और सौंदर्य

हविष्यान्न में परिगणित धान (चावल) देवताओं के भोग-प्रसाद का अनिवार्य घटक है तो यज्ञ अनुष्ठान के ऋत्विज और होता के आहार का हिस्सा भी। यज्ञवेदी में अग्निदेव को समर्पित हवन समिधा में अक्षत, तिल और जौ का सहभागी है तो अतिथि-अभ्यागत के स्वागत सत्कार में प्रयुक्त रोली, चंदन, हल्दी का अभिन्न मीत भी। आमजन की दैनंदिन क्षुधापूर्ति का सहज साधन …

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@ छठ विशेष लेख@छठ महापर्व

आज मैं बात कर रहा हूँ छठ पूजा की। यह हमारे लिए केवल एक पर्व नहीं बल्कि महापर्व है। यह त्योहार हमारे यहाँ की संस्कृति एवं संस्कार को प्रदर्शित करता है। इस महापर्व के कण-कण में जितनी शुद्धता है वह किसी अन्य पर्व में नहीं मिलती। छठी मैया सूर्यदेव की बहन और ब्रह्मदेव की मानस पुत्री हैं; जिनका आशीष हमपर …

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@छठ विशेष लेख@लोक आस्था का महा पर्व-छठ व्रत

@छठ मईया की महिमा,जाने सकल जहान।@लाल पावे जे पूजे,सदा करी कल्याण।। CREATOR: gd-jpeg v1.0 (using IJG JPEG v62), quality = 85 सृष्टी की देवी प्रकृति नें खुद को 6 भागों में बांट रखा है। इनके छठे अंश को मातृदेवी के रुप में पूजा जाता है। ये ब्रम्हा की मानस पुत्री हैं। छठ व्रत यानी इनकी पूजा कार्तिक मास में आमवस्या …

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कविता @भोले से मनुहार

मन की मनुहार है,भोले से प्यार है,सरगम की धुन में ही,जीवन का सार है।मन की मनुहार …कल्पना के सागर में,भोले उतराए हैं,दिल की धड़कनों में,बस भोले समाए हैं ।मन की मनुहार …भोले के आने की,आहट हुई है,मन में भी थोड़ी,अकुलाहट हुई है।मन की मनुहार …लगन लगी भोले से,मन भर की देखो,बदली है रुत अब,भोले को देखो।मन की मनुहार …दुनिया करें …

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कविता @बहन का प्रेम

भाई बहन का प्यार होता अटूटएक दूजे के लिए प्रेम है कूट-कूटदोनों के बीच होता बात छूट पूटमना लेते जाते कभी दोनों रूठ।।लंबी उम्र की करती कामनान हो जीवन में दुख से सामनापूर्ण हो भैया तेरा मनोकामनायही है सदा मेरा शुभकामना।।सफलता मिले इन्हें अपारकरो प्रभु मुझ पर उपकारमेरे जिंदगी का यह सारदेना भगवन मुझे ये उपहार।।मिले भले हमें कोई यातनासुनना …

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कविता@ गोवर्धन पूजा

जय जय जय गिरिराज आए हम शरण तिहारी,जय हो महाराज तुमसा ना कोई और हितकारी,रक्षा हेतु नख पर गोवर्धन उठाया हे गोवर्धन धारी,तुमसा ना कोई और दयालु जाऊं तुम पर बलिहारी ।कन्हैया, कृष्ण, यशोदा नंदन, हे राधा रमण बिहारी,भक्तों की कामना पूरी करते माधव मुकुंद मुरारी,इंद्र का मान भंग किया हे लीलाधर पीताम्बरधारी,कमलनयन रसिक मनोहर वासुदेव हरि बंशीधारी ।पुकार सुन …

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कविता @कुचल दिया भरोसा ले गया विश्वास निकाल…

सुना था शहर में मिलता है फसल का अच्छा दामयही सोच कर निकल पड़ा गांव से एक किसानदो घंटे की उतराई सिर पर बेचने के लिए कुछ सामानजा पहुंचा भटकते भटकते सामने दिखी आढ़ती की दुकानइतने में सामने से आ गया एक लड़का जवानहाव भाव उसके देखकर लिया उसने यह जानदेहाती है पहली बार पहुंचा है गांव से शहरपांव छुए …

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