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संपादकीय

लेख@ कैंसर नहीं है पूरी तरह लाइलाज,जागरूकता जरूरी

भारत में कैंसर के करीब दो तिहाई मामलों का बहुत देर से पता चलता है और कई बार तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। लोगों को कैंसर होने के संभावित कारणों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ही प्रतिवर्ष 4 फरवरी को ‘विश्व कैंसर दिवस’ मनाया जाता है। दरअसल आज भी लगभग सभी लोगों के लिए कैंसर …

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@विश्व कैंसर दिवस पर विशेष@जागरूकता से ही होगा कैंसर रोग पर नियंत्रण

कैंसर बीमारियों का एक जटिल समूह है जिसकी विशेषता असामान्य कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि और प्रसार है । इसमें 100 से अधिक विभिन्न रोग शामिल हैं जो शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित करते है। ये कोशिकाएं ट्यूमर नामक द्रव्यमान का निर्माण कर सकती हैं। जो शरीर के सामान्य कामकाज में हस्तक्षेप कर सकती हैं। जबकि कैंसर किसी को भी …

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@सिने अभिनेत्री वहीदा रहमान के जन्मदिवस 3 फरवरी विशेष@फिल्म गाइड की सौन्दर्य-स्वामिनी रोजी:वहीदा रहमान

यदि समाज के समस्त चारित्रिक घटनाक्रम साहित्य में प्रतिबिम्बित होता है, तो उस घटनाक्रम का जीवंत दर्शन होता है सिनेमा में। सिनेमा सामाजिक, धार्मिक, आध्यात्मिक एवं साहित्यिक घटनाक्रमों को सार्वजनिक रूप से उजागर करने का साधन है; और इसीलिए यह साधन चलचित्र कहलाता है। सिनेमा न सिर्फ मनोरंजन का एक जरिया है, बल्कि विभिन्न शिक्षाप्रद तथ्यों का सुगम स्रोत है। …

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लेख@ चिंताजनक है बच्चों के साथ समय न बिताना

बात करना बहुत ज़रूरी है,साथ ही ज़रूरत पड़ने पर दयालु होना भी ज़रूरी है। जितना हो सके अपने बच्चे को अपने काम में शामिल करने की कोशिश करें। उन पर ध्यान दें और उनकी पसंदीदा गतिविधियों में शामिल हों; इससे आप दोनों के बीच नज़दीकियाँ बढ़ेंगी। बच्चे स्वाभाविक रूप से अपने माता-पिता का ध्यान और स्वीकृति चाहते हैं, इसलिए समझदार …

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लेख@ महामारी में राज्य सरकारों की स्वास्थ्य सेवाएं कमजोर क्यों?

भारत को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक अंतर-सरकारी संगठन की तत्काल आवश्यकता है, क्योंकि अनेक स्वास्थ्य क्षेत्रों का तेजी से वैश्वीकरण हो रहा है तथा समकालीन प्रौद्योगिकियों का प्रभाव बढ़ रहा है, जो स्वास्थ्य रणनीतियों को बदल रहे हैं। एक ऐसा संगठन जो संघीय सरकार तथा राज्यों के बीच समन्वय में सुधार करने में सक्षम हो। सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रकोपों का …

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लेख@ बसंत पंचमी:संगीत और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित पर्व

माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी ‘बसंत पंचमी’ के रूप में देशभर में धूमधाम से मनाई जाती रही है, जो इस वर्ष 2 फरवरी को मनाई जा रही है। इस वर्ष पंचांग के अनुसार, पंचमी तिथि 2 फरवरी को सुबह 9 बजकर 14 मिनट पर आरंभ होगी और 3 फरवरी को सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगी, …

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@02 फरवरी बसन्त पंचमी पर विशेष@प्रकृति और ज्ञान के संगम का पर्व बसन्त पंचमी

बसंत पंचमी, प्रकृति और ज्ञान के संगम का पर्व है। यह त्योहार वसंत ऋतु के आगमन पर मनाया जाता है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है। बसंत पंचमी पर प्रकृति का खिलना और नई फसल आना भी देखा जाता है। बसंत पंचमी एक बहुआयामी त्योहार है जो वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है और समृद्ध परंपराओं, …

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लेख@ बसंत आगमन

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।देवी आराधना सांसारिक जीवन की नितांत आवश्यकता है। देवी, शक्ति व भक्ति का जीवंत स्वरूप है, जो मानवकल्याण के लिए अन्य संसाधनों से सर्वोपरि है। अतः संसार में देवी की पूजा-अर्चना,जीवन के सुख प्राप्ति व दुख निवारण के लिए आवश्यक माना गया है। हिंदी पंचांग के अनुसार हर माह किसी न किसी …

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लेख@ उजाले की खोज

आवश्यकता आविष्कार की जननी है। इसका आशय यह नहीं है कि, मनुष्य जैसा चाहे वैसा आविष्कार कर सकता है। कोई सोचे कि मनुष्य पक्षियों हवाई जहाज की तरह उड़ने लग जाए तो यह एक कोरी कल्पना होगी । मानव सभ्यता संभावनाओं की तलाश करते थे ,अनिवार्य बहुपयोगी ,संसाधनों को जीवनोपयोगी बनाने की जिद्दी स्वभाव ,शोधपूर्ण कार्य उन्हें एक वैज्ञानिक सिद्ध …

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कहानी@ एक मुट्ठी सुख

दो दिन से नूरपुर की ढाणी के पास कच्ची सड़क से पक्की सड़क बनाने का काम चल रहा था। ट्रैक्टर, रोलर और मिक्स्चर मशीन रोड पर खड़े थे। ठेकेदार,नाप-जोख करने वाले पांच-सात पुरुष और हाथों में गेंती,फावड़ा और परातें लिए महिला मजदूरों की अच्छी खासी चहल-पहल थी। दोपहर में एक घंटा उनके विश्राम का था जिसमें भोजन, बातचीत और हंसी …

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