राहुल गांधी के मुद्दे पर शनिवार को भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देशभर में प्रदर्शन किया
देशभर में आज आंदोलन की तैयारी
नई दिल्ली,25 मार्च 2023 (ए)। मोदी सरनेम विवाद में एक ओर सूरत कोर्ट से राहुल गांधी को दो साल की सजा हुई, तो दूसरी ओर उनकी लोकसभा की सदस्यता भी चली गई। कांग्रेस का आरोप है कि राहुल की प्रसिद्धी से मोदी सरकार घबराई हुई है, ऐसे में उन्होंने दबाव डालकर राहुल की सांसदी खत्म करवा दी। जिसके लिए कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर रहे हैं। शनिवार को राहुल के समर्थन में देशभर में प्रदर्शन हुआ, तो वहीं कांग्रेस ने रविवार की भी रणनीति तैयार कर ली है।
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल के मुताबिक उनकी पार्टी कल (रविवार) राष्ट्रव्यापी आंदोलन की तैयारी कर रही। इसके तहत सुबह 10 बजे से संकल्प सत्याग्रह शुरू होगा। उनके मुताबिक पूरे भारत में कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं, ऐसे में सभी राज्य मुख्यालयों और गांधी प्रतिमा के सामने संकल्प सत्याग्रह किया जाएगा। पार्टी ने सभी राज्य इकाइयों को इसके लिए निर्देश जारी कर दिए हैं।
कई जगहों पर हुआ प्रदर्शन
राहुल गांधी के मुद्दे पर शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देशभर में प्रदर्शन किया। इस दौरान चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शताब्दी एक्सप्रेस रोक दी। वो इंजन के ऊपर चढ़ गई थे। साथ ही मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं राहुल वायनाड सीट से सांसद थे, ऐसे में वहां पर भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिनभर प्रदर्शन किया। केरल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले हुए सुरक्षा के इंतजाम कर लिए थे।
राहुल गांधी ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
वहीं सदस्यता जाने के बाद राहुल गांधी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बीजेपी और मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। राहुल ने आरोप लगाया कि उनकी आवाज दबाने के लिए ये कदम उठाया गया है। वो सवाल उठाना जारी रखेंगे। बीजेपी के अपमान वाले आरोपों पर उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा की मेरी कोई भी स्पीच देख लीजिए, मैंने हमेशा कहा है कि सब समाज एक हैं। नफरत, हिंसा नहीं होनी चाहिए। ये ओबीसी का मामला नहीं है, ये नरेंद्र मोदी और अडानी के रिश्ते का मामला है। भाजपा ध्यान को भटकाने का काम करती है, कभी ओबीसी की बात करेगी, कभी विदेश की बात करेगी।
माफी मांग सकते थे राहुल गांधी,
ओबीसी समुदाय का ना होता अपमानः हिमंत बिस्वा सरमा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि राहुल गांधी माफी मांग सकते थे या उस टिप्पणी को वापस ले सकते थे जिसके लिए उन्हें सूरत की एक अदालत ने सजा सुनाई थी। सरमा ने कहा कि कभी-कभी जुबान फिसल जाती है और हमने भी इसका अनुभव किया है, लेकिन हम यह कहते हुए माफी मांगते हुए बयान जारी करते हैं कि यह अनजाने में हुआ था। राहुल गांधी भी ऐसा कर सकते थे और मामला वहीं खत्म हो जाता।
ओबीसी समुदाय का अपमान
सरमा ने मानहानि में राहुल गांधी को दोषी ठहराए जाने के सूरत अदालत के फैसले का जिक्र करते हुए दावा किया कि गांधी ने माफी नहीं मांगी और न ही पिछले पांच वर्षों में टिप्पणियों को वापस लिया और यह सब ओबीसी समुदाय का अपमान करने के लिए किया गया था।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा कि देश एक संवैधानिक लोकतंत्र में नई गिरावट देख रहा है। टीएमसी सुप्रीमो ने एक ट्वीट में कहा, “पीएम मोदी के न्यू इंडिया में, विपक्षी नेता भाजपा के मुख्य लक्ष्य बन गए हैं!
जबकि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले भाजपा नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाता है, विपक्षी नेताओं को उनके भाषणों के लिए अयोग्य घोषित किया जाता है।
इसी तरह, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी शुक्रवार को देश के लिए अयोग्यता को आपत काल (आपातकाल) करार देते हुए केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर हमला बोला। सोरेन ने एक ट्वीट में कहा, आज के अमृत काल में भाजपा और केंद्र द्वारा विपक्षी नेताओं को सत्ता के हर हथकंडे का इस्तेमाल कर चुप कराया जा रहा है।
पांच साल की
लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद लिया गया फैसला
असम के मुख्यमंत्री ने शनिवार को कहा, ऐसा नहीं है कि उन्हें किसी भाजपा सदस्य या प्रधानमंत्री नरेंद्र से माफी मांगनी पड़ी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और अपना अहंकार दिखाया। यह एक न्यायिक प्रक्रिया है…एक चक्र है और इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है।
पांच साल की लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद यह फैसला लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने फैसले का जिक्र करते हुए कहा, कर्म (भाग्य) ने आखिरकार उसे पकड़ लिया है। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि न्यायिक सहारा खुला है, और गांधी उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में फैसले को चुनौती दे सकते हैं
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur