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अहमदाबाद@जय विज्ञान जय अनुसधान का आह्वान करते हुए आगे बढ़ रहा है नया भारत:मोदी

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अहमदाबाद, 10 सितम्बर 2022। प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेस के माध्यम से अहमदाबाद मे साइस सिटी मे आयोजित दो दिवसीय केद्र-राज्य विज्ञान सम्मेलन का उद्घाटन किया और कहा कि आज का नया भारत, जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ ही जय अनुसधान का आह्वान करते हुए आगे बढ़ रहा है।
मोदी ने इस अवसर पर सभा को भी सबोधित करते हुए कहा कि 21वी सदी के भारत के विकास मे विज्ञान उस ऊर्जा की तरह है जिसमे हर क्षेत्र के विकास को हर राज्य के विकास को गति देने का सामर्थ्य है। आज जब भारत चौथी औद्योगिक क्राति का नेतृत्व करने की तरफ बढ़ रहा है तो उसमे भारत की साइस और इस क्षेत्र से जुड़े लोगो की भूमिका बहुत अहम है। समाधान का, सॉल्यूशन का, इवोलूशन का और इनोवेशन का आधार विज्ञान ही है। इसी प्रेरणा से आज का नया भारत, जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ ही जय अनुसधान का आह्वान करते हुए आगे बढ़ रहा है।
उन्होने कहा कि अगर हम पिछली शताबदी के शुरुआती दशको को याद करे तो पाते है कि दुनिया मे किस तरह तबाही और त्रासदी का दौर चल रहा था। लेकिन उस दौर मे भी बात चाहे ईस्ट की हो या वेस्ट की हर जगह के साइटिस्ट अपनी महान खोज मे लगे हुए थे। पश्चिम मे आइन्स्टाइन, फर्मी, मैक्स प्लाक, नील्स बोर, टेस्ला जैसे साइटिस्ट अपने प्रयोगो से दुनिया को चौका रहे थे। उसी दौर मे सी वी रमन, जगदीश चद्र बोस, सत्येद्रनाथ बोस, मेघनाद साहा, एस चद्रशेखर समेत कई वैज्ञानिक अपनी नई-नई खोज सामने ला रहे थे।
प्रधानमत्री ने कहा कि जब हम अपने वैज्ञानिको की उपलबधयो को सेलिब्रेट करते है तो साइस हमारे समाज का हिस्सा बन जाती है वो पार्ट ऑफ कल्चर बन जाती है। इसलिए आज सबसे पहला आग्रह मेरा यही है कि हम अपने देश के वैज्ञानिको की उपलबधयो को जमकर सेलिब्रेट करे। हमारी सरकार साइस बेस्ड डेवलपमेट की सोच के साथ काम कर रही है। 2014 के बाद से साइस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र मे इन्वेस्टमेट मे काफी वृद्धि की गई है। सरकार के प्रयासो से आज भारत ग्लोबल इनोवेशन इडेक्स मे 46वे स्थान पर है जबकि 2015 मे भारत 81 नबर पर था।
उन्होने कहा कि इस अमृतकाल मे भारत को रिसर्च और इनोवेशन का ग्लोबल सेटर बनाने के लिए हमे एक साथ अनेक मोर्चो पर काम करना है। अपनी साइस और टेक्नॉलॉजी से जुड़ी रिसर्च को हमे लोकल स्तर पर लेकर जाना है। इनोवेशन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकारो को ज्यादा से ज्यादा वैज्ञानिक सस्थानो के निर्माण पर और प्रक्रियाओ को सरल करने पर बल देना चाहिए। राज्यो मे जो उच्च शिक्षा के सस्थान है उनमे इनोवेशन लैबस की सख्या भी बढ़ाई जानी चाहिए। राज्यो मे राष्ट्रीय स्तर के अनेक वैज्ञानिक सस्थान होते है, नेशनल लेबोरेटरीज भी होती है। इनके सामर्थ्य का लाभ, इनकी एक्सपर्टाइज का पूरा लाभ भी राज्यो को उठाना चाहिए। हमे अपने साइस से जुड़े सस्थानो को सिलोस की स्थिति से भी बाहर निकालना होगा।


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