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अम्बिकापुर@अब छत्तीसगढ़ के अस्पताल में भी रोबोट के उपयोग से सर्जरी किया जाना हुआ संभव

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अम्बिकापुर,19 जुलाई 2022(घटती-घटना)। होली क्रॉस हॉस्पिटल की वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर सिस्टर बैयाट्रिस की पहल पर सरगुजा संभाग का पहला लेप्रोस्कोपिक शल्य क्रिया पर जीवंत कार्यशाला का आयोजन हॉस्पिटल के सभागार कक्ष में किया गया। इस वर्कशॉप में सरगुजा अंचल के शल्य चिकित्सक सम्मिलित हुए। जिसमें पित्त की थैली, हार्निया, गर्भाशय के बीमारी का ऑपरेशन लेप्रोस्कोपिक विधि से शल्य क्रिया की बारीकियों को समझाते हुए रामकृष्ण केयर हास्पिटल, रायपुर के डॉ. संदीप दवे व डॉ. सिद्धार्थ तामस्कर द्वारा किया गया।
पेट की जटिल बीमारी का पूर्ण निदान वर्तमान में प्रचलित आधुनिकतम तकनीक से काफी आसान हो गया है। यह चिकित्सा विधि महंगी जरूर है, पर मरीज को ऑपरेशन के बाद 2 दिन में छुट्टी कर दी जाती है। वहीं परंपरागत शल्य क्रिया की अपेक्षा भविष्य में परेशानी का कम से कम सामना करना पड़ता है। रोबोटिक सर्जरी पर व्याख्यान देते हुए डॉक्टर संदीप दवे ने बताया कि अब छत्तीसगढ़ में रोबोट के उपयोग से सर्जरी किया जाना संभव हुआ है। जिसमें शल्य क्रिया संपादन करने वाले रोबोट के चार हाथ होते हंै जिससे शल्य क्रिया का संपादन बेहतर किया जाना संभव हुआ है। आईएमए अंबिकापुर की अध्यक्ष डॉक्टर अंजु गोयल ने चिकित्सकों को लगातार अपने कौशल को बढ़ाने व मरीज को गुणवत्तापूर्ण इलाज देने की बात कही। जीवंत कार्यशाला का आयोजन संचालक होली क्रॉस हॉस्पिटल सिस्टर डायना, हॉस्पिटल के स्टाफ व सर्जन क्लब के सहयोग से किया गया था। मंच का संचालन आइएमए अंबिकापुर सचिव डॉक्टर योगेंद्र गहरवाल व आभार प्रदर्शन महापौर डॉ. अजय तिर्की द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डॉ फैजुल हसन फिरदौसी , डॉ. मधु, डॉ. रचना, डॉ. अक्षय गोयल, डॉ. विकास, डॉ. एनपी शर्मा, डॉ. आशा बंसल, डॉ. आरएन परीदा, डॉ. अमित, डॉ. अंकिता, डॉ. अजय गुप्ता, डॉ. वैभव जायसवाल, डॉ. देवेस शुक्ला, डॉ. रवि, डॉ. पीएस सिसोदिया, डॉ. दिव्या, डॉ. अशोक, डॉ. परवेज खान, डॉ. अजीत दीवान, डॉ. राकेश शर्मा, समेत सरगुजा संभाग के 100 से ज्यादा चिकित्सक सम्मिलित हुए।
सामान्य सर्जरी से महंगी होती है रोबोटिक सर्जरी
डॉक्टर संदीप दवे ने बताया कि इसमें ऑपरेशन के समय संक्रमण का खतरा 1 प्रतिश से भी कम होता है। बड़ी आंत के कैंसर की सर्जरी जो सामान्यत: तीन चरण में पूरी की जाती है उसे रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से एक ही चरण में पूरा किया जाता है। रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से पेट की 18 से ज्यादा जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया जा चुका है। रोबोटिक सर्जरी सामान्य सर्जरी की तुलना में 1.25 लाख से लेकर 1.5 लाख तक महंगी होती है।


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