नई दिल्ली , 14 जुलाई 2022। आप ने ऑर्गन्स ट्रासप्लाट के बारे मे तो बहुत सुना होगा याने इसान का कोई भी महत्वपूर्ण अग अगर खराब होता है, तो दूसरे इसान के अग को लगाकर उसकी जान बचाई जा सकती है, नगर ज्यादातर मामलो मे डोनर नही मिलता, जिस वजह से मरीजो की जान जाती है।ऐसी घटनाओ को रोकने के लिए वैज्ञानिक और डॉक्टर अब जानवरो के अग इसानो मे लगाने का ट्रायल कर रहे है। जिसमे अमेरिका के डॉक्टरो को बड़ी सफलता मिली है।
आपकी जानकारी के लिए बता दे हाल ही मे न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के सर्जनो ने दो ब्रेन डेड लोगो मे जेनेटिकली मॉडिफाइड सुअर के दिल का ट्रासप्लाट कर इतिहास रचा। ये एक तरह का ट्रायल है, जिसके जरिए जानवरो की मदद से इसानो की जान बचाई जाएगी। डॉक्टरो ने बताया कि जून के महीने मे उन्होने लॉरेस केली मे एक ट्रासप्लाट किया, जहा एक ब्रेन डेड इसान के शरीर मे सुअर का दिल लगाया गया। इसके बाद इसी तरह का ट्रासप्लाट 6 जुलाई को भी हुआ।
वही इस मामले मे एनवाईयू लैगोन हेल्थ मे ऑपरेशन का नेतृत्व करने वाले डॉ. नादर मोआजमी ने कहा कि हमने इस ट्रासप्लाट के दौरान बहुत कुछ सीखा है। ये बहुत ही बेहतर विकल्प है। जब मानव शरीर मे सुअर का दिल धड़क रहा था, तो हम काफी खौफ मे थे। उन्होने ट्रासप्लाट के पहले सुअर मे पाए जाने वाले सभी वायरस की जाच की थी। इसके अलावा उसके अग की बायोप्सी भी की गई।जिन दो सुअरो का दिल इसानो मे लगाया गया उसमे 10 जेनेटिकली मॉडिफिकेशन किए गए थे, ताकि वो इसान के शरीर के साथ अच्छे से काम कर सके। इसके अलावा इस अध्ययन के लिए उपयोग किए जाने वाले ऑपरेटिग रूम को केवल भविष्य के एक्सनोट्रासप्लाटेशन अनुसधान के लिए लिया गया है।
इसके साथ ही डॉक्टरो ने आगे कहा कि उन्होने ट्रासप्लाट के बाद मरीज को वेटिलेटर पर रखा था, लेकिन बाद मे उन्होने टेस्ट के लिए उसे हटा दिया। जाच मे उन्होने पाया कि दोनो मरीजो का दिल तीन दिन तक सही से धड़कता रहा। वही कुछ महीनो पहले अमेरिका मे डेविड बेनेट के शख्स मे भी सुअर का दिल लगाया गया था, लेकिन दो महीने बाद उनकी मौत हो गई। उस दौरान जाच मे पता चला था कि सुअर का एक वायरस डेविड के शरीर मे आ गया था, जिससे उनकी जान गई। इसी वजह से इस बार हर वायरस की सही से जाच की गई थी। वैज्ञानिको के मुताबिक सुअर के शरीर को जेनेटिकली मॉडिफाइड किया जा रहा है, ताकि उनके अग को इसानो मे ट्रासप्लाट किया जा सके। सिर्फ अमेरिका की बात करे तो वहा पर एक लाख से ज्यादा लोगो की वेटिग ऑर्गन ट्रासप्लाट के लिए है। जिनमे से सबसे अधिक लोग किडनी के है।
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