प्रति खाता एक हजार रुपये लेकर खुलवाता था खाते,पंजाब नेशनल बैंक के खातों का ठगी के लेन-देन में इस्तेमाल,अन्य सहयोगियों की तलाश जारी
संवाददाता-
अम्बिकापुर,28 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)। साइबर ठगी के लिए दूसरों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनका इस्तेमाल करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने सूरजपुर जिले के एक 54 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रति खाता एक हजार रुपये लेकर पंजाब नेशनल बैंक में खाते खुलवाता था और उन्हें मोबाइल नंबरों से लिंक करवाता था। इन खातों का इस्तेमाल विभिन्न राज्यों में लोगों से 14 लाख 17 हजार 49 रुपये की ऑनलाइन ठगी से जुड़े लेन-देन में किया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बैंक पासबुक की छायाप्रतियां जब्त की हैं। मामले में अन्य मोबाइल धारकों और सहयोगियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर म्यूल बैंक खातों और फर्जी मोबाइल नंबर जारी करने वाले पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश प्राप्त हुए थे। दस्तावेजों की जांच में संबंधित बैंक खाते के विरुद्ध साइबर अपराध पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से ऑनलाइन शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई। जांच में इन खातों का कथित तौर पर धोखाधड़ी की रकम प्राप्त करने और उसके लेन-देन में इस्तेमाल किया जाना पाया गया। इसके बाद कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 761/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 317(4) और 3(5) में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
फेसबुक पर हुई पहचान,खाते खुलवाने के बदले लेता था रकम : विवेचना के दौरान पुलिस ने संबंधित खाताधारकों के बयान दर्ज किए और सतीश कुमार भारती, पिता स्वर्गीय त्रिलोकी राम, निवासी द्वारिका नगर,लटोरी चौकी,जिला सूरजपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार,पूछताछ में आरोपी ने बताया कि फेसबुक के माध्यम से उसकी एक व्यक्ति से पहचान हुई थी। इसके बाद वह प्रति खाता एक हजार रुपये लेकर अन्य लोगों के नाम पर पंजाब नेशनल बैंक में खाते खुलवाने और उन्हें मोबाइल नंबरों से लिंक कराने का काम करने लगा। पुलिस का कहना है कि इन खातों का इस्तेमाल विभिन्न राज्यों में हुई ऑनलाइन ठगी की रकम के लेन-देन के लिए किया गया। जांच के दौरान आरोपी द्वारा खाताधारकों के मूल दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने और अस्पष्ट छायाप्रतियां दिए जाने के मामले में साक्ष्य छिपाने से संबंधित तथ्य सामने आने पर प्रकरण में बीएनएस की धारा 238 भी जोड़ी गई। पुलिस ने बैंक पासबुक की छायाप्रतियां जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायालय के समक्ष पेश किया।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी : पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य मोबाइल नंबर धारकों,खातों के उपयोगकर्ताओं और सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित तौर पर खुलवाए गए बैंक खातों का इस्तेमाल किन-किन साइबर अपराधों में हुआ और ठगी की रकम का लेन-देन किन माध्यमों से किया गया। इस कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, साइबर सेल टीम और आरक्षक जोधन पैकरा की भूमिका रही। पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के जरिए होने वाले साइबर अपराधों पर कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
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