गोंडवाना की बजाय इंटरसिटी से आए,संघ की बैठक में शामिल होंगे,छत्तीसगढ़ संगठन में बदलाव की चर्चा
बिलासपुर,22 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत 2 दिवसीय दौरे पर बिलासपुर पहुंचे हैं। गुरुवार दोपहर रेलवे स्टेशन पर कड़ी सुरक्षा के बीच उतरने के बाद वे कोनी स्थित सरस्वती आवासीय विद्यालय पहुंचे। यहां वे संघ के बौद्धिक वर्ग और महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल होंगे। कार्यक्रम में युवाओं को संगठन से जुड़ने और सामाजिक कामों में भाग लेने के टिप्स दे सकते हैं। जानकारी के मुताबिक मोहन भागवत गोंडवाना एक्सप्रेस से शाम 4 बजे बिलासपुर पहुंचने वाले थे।
लेकिन वे इंटरसिटी एक्सप्रेस से तय समय से पहले बिलासपुर पहुंचे। कल 23 अक्टूबर को प्रांत कार्यकारिणी की बैठक होगी। इसमें छत्तीसगढ़ में संघ के प्रांत प्रमुख का पद समाप्त करने पर चर्चा होने की बात कही जा रही है। कोनी में बौद्धिक वर्ग में संघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता,भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सहित अन्य आनुषंगिक संगठनों के कार्यकर्ता शामिल होंगे। डॉ. भागवत देश और समाज से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखेंगे। साथ ही भविष्य की रूपरेखा पर मार्गदर्शन देंगे। इसके बाद एक दौर की बैठक होगी।
छत्तीसगढ़ में संघ के प्रांत
प्रमुख का पद हो सकता है समाप्त
संघ से जुड़े लोगों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में फिलहाल आरएसएस के प्रांत प्रमुख का पद है। उनके पास पूरे प्रदेश की जिम्मेदारी है। आने वाले समय में अखिल भारतीय स्तर की बैठक होगी, जिसमें छत्तीसगढ़ प्रांत को दो हिस्सों में बांटने पर चर्चा हो सकती है। इसके तहत रायपुर और बिलासपुर विभाग बनाए जाएंगे। फिलहाल छत्तीसगढ़ प्रांत को 11 विभागों में बांटा गया है। विभाजन के बाद रायपुर में 6 और बिलासपुर में 5 विभाग शामिल होंगे। इससे संघ के कामकाज का विकेंद्रीकरण होगा। इसके साथ ही प्रांत प्रमुख सहित कई मौजूदा पद समाप्त हो सकते हैं, जबकि नए पद भी बनाए जाएंगे। संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत इस विषय पर पदाधिकारियों से चर्चा कर सकते हैं। डॉ. मोहन भागवत दूसरे दिन छत्तीसगढ़ प्रांत के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे। इसमें बिलासपुर नगर के 11 उपनगरों सहित पूरे छत्तीसगढ़ के संघ पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। इस बैठक में भाजपा सहित संघ के अन्य आनुषंगिक संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
ABVP और BJYM के युवाओं को दे सकते हैं टिप्स
बताया जा रहा है कि देश में युवाओं के आंदोलनों को देखते हुए आरएसएस आने वाले समय में 40 साल से कम उम्र के लोगों को संगठन से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसके तहत आरएसएस के साथ-साथ अन्य आनुषंगिक संगठनों में भी युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य है। संघ के वर्गों की तरह अलग-अलग गतिविधियों के जरिए युवाओं को जोड़ने की योजना है। ऐसे में मोहन भागवत संघ से जुड़े युवा संगठनों अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय जनता युवा मोर्चा के युवाओं को टिप्स दे सकते हैं।
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