बिना नक्शा बटांकन डिजिटल मैपिंग से गड़बड़ी की आशंका,तकनीकी सुधार और किसानों के हितों की सुरक्षा की मांग
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,22 अक्टूबर 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चला गया है। पटवारियों की हड़ताल से राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, पटवारी संघ ने फसल भौतिक सत्यापन यानी पीवी ऐप की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसमें तकनीकी सुधार की मांग की है। संघ का कहना है कि बिना नक्शा बटांकन के खसरों की डिजिटल मैपिंग से खेतों की पहचान और राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी की आशंका है। इसका असर किसानों के धान पंजीयन और बिक्री पर भी पड़ सकता है। पटवारी संघ के मुताबिक, पीवी ऐप के माध्यम से फसल भौतिक सत्यापन के दौरान खेतों के चारों कोनों की तस्वीरें लेने में कई तरह की व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही हैं। खेतों में जलभराव, खराब मेड़ और पहुंचविहीन रास्तों के कारण सत्यापन करने में दिक्कत हो रही है। संघ का कहना है कि इन परिस्थितियों में डिजिटल मैपिंग के दौरान त्रुटि होने की आशंका बनी रहती है।
गलत मैपिंग से किसानों को हो सकती है परेशानी : संघ ने आशंका जताई है कि गलत मैपिंग होने से खेतों में लगी धान की फसल का रिकॉर्ड प्रभावित हो सकता है। इससे किसानों को धान बेचने के दौरान परेशानी उठानी पड़ सकती है। पटवारी संघ ने शासन से जियो रेफरेंसिंग शीट और मैप ओवरलैप शीट उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ ही डिजिटल मैपिंग की तकनीकी खामियों को दूर करने और निजी सर्वेयरों द्वारा किए गए सर्वे का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सत्यापन कराने की मांग भी उठाई है।
तकनीकी खामियां दूर करने की मांग :पटवारी संघ ने स्पष्ट किया है कि वह डिजिटल व्यवस्था का विरोध नहीं कर रहा है, बल्कि प्रक्रिया में मौजूद तकनीकी खामियों को दूर करने की मांग कर रहा है, ताकि किसानों के हित प्रभावित न हों। संघ का कहना है कि डिजिटल सत्यापन की प्रक्रिया को व्यावहारिक बनाने और राजस्व अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए। पटवारी संघ ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
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