रायपुर,10 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी और पेंशनर एक बार फिर सरकार के सामने अपनी आवाज उठाने जा रहे हैं। नियमित-अनियमित कर्मचारी, अधिकारी और पेंशनर आज नया रायपुर स्थित इंद्रावती भवन में सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे।
प्रदर्शन दोपहर 1 बजे गेट नंबर-3 के सामने होगा। कर्मचारी संगठनों के मुताबिक, ‘एक मांग, एक मंच’ अभियान के तहत होने वाले इस प्रदर्शन में 55 से अधिक कर्मचारी संगठनों के वर्तमान और निवर्तमान प्रांताध्यक्ष शामिल होंगे।
महंगाई भत्ते और एरियर्स का मुद्दा प्रमुख : कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महंगाई भत्ते (महंगाई भत्ते) के भुगतान में देरी और एरियर्स लंबित रहने से कर्मचारियों और पेंशनरों में नाराजगी है। छत्तीसगढ़ प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष करन सिंह अटेरिया ने सरकार पर कर्मचारियों और पेंशनरों की आर्थिक मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, 13 सितंबर 2025 को वित्त मंत्री ने वर्ष 2026 से केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता देने की बात कही थी। कर्मचारी संगठन अब इस दिशा में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन में अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण भी अहम मुद्दा रहेगा।
ठेका पद्धति और पुरानी पेंशन का मुद्दा : कर्मचारी संगठन स्वास्थ्य विभाग में ठेका पद्धति का विरोध भी कर रहे हैं। कर्मचारी नेता जितेंद्र सिंह ठाकुर का कहना है कि इससे पदोन्नति के अवसर और बेरोजगारों के हित प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा नगरीय निकायों में पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग भी प्रदर्शन में उठाई जाएगी।
संगठनों का कहना है कि ठेका व्यवस्था के बजाय नियमित नियुक्तियों और कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
किन मांगों को लेकर प्रदर्शन?
1 केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता देने की मांग।
2 लंबित महंगाई भत्ते एरियर्स के भुगतान की मांग।
3 अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा।
4 स्वास्थ्य विभाग में ठेका पद्धति की जगह नियमित नियुक्तियों की मांग।
5 नगरीय निकायों में पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग।
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