नई दिल्ली,01 सितंबर 2026। भारतीय रेलवे ने सुरक्षा, सिग्नलिंग आधुनिकीकरण और माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। समस्तीपुर मंडल के 21 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के लिए 233 करोड़ रुपये, दक्षिण पूर्व रेलवे में अद्रा-जॉयचंडीपहाड़-सांका बाईपास लाइन के लिए 272 करोड़ रुपये और मुरादाबाद मंडल में 712 रूट किलोमीटर पर कवच 4.0 के लिए 170 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं पर कुल 675 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रेलवे ने कहा है कि इनके जरिए पुराने सिग्नलिंग तंत्र का आधुनिकीकरण, ट्रेन परिचालन की सुरक्षा में वृद्धि, मालगाडि़यों की आवाजाही में तेजी और रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है। मंत्रालय के अनुसार पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल के 21 स्टेशनों पर मौजूदा पैनल इंटरलॉकिंग को इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से बदलने की मंजूरी दी गई है।
इस कार्य पर 233 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कंप्यूटर आधारित यह आधुनिक प्रणाली पुराने रिले आधारित तंत्र की तुलना में अधिक विश्वसनीय होगी। इससे खराबी की पहचान और रखरखाव आसान होगा तथा परिचालन में लचीलापन बढ़ेगा। परियोजना से इन स्टेशनों पर सिग्नलिंग व्यवस्था मजबूत होगी और कवच प्रणाली लागू करने के लिए आवश्यक आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार होगा। दक्षिण पूर्व रेलवे में अद्रा छोर से जॉयचंडीपहाड़ के बीच 11 किलोमीटर लंबी बाईपास लाइन बनाने को 272 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। अद्रा-जॉयचंडीपहाड़-सांका बाईपास से मौजूदा परिचालन बाधाएं और सतही क्रॉसिंग के कारण होने वाली देरी कम होगी।
बाईपास आगामी तीसरी लाइन से द्विदिशीय संपर्क उपलब्ध कराएगा और मालगाडि़यों के लिए अलग मार्ग सुनिश्चित करेगा। परियोजना से प्रतिदिन अनुमानित 6.065 मालगाडि़यों की आवाजाही को सुविधा मिलेगी। इसके पूरा होने पर अतिरिक्त 8.88 एमटीपीए माल यातायात संभालने की क्षमता विकसित होने की उम्मीद है।
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