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नई दिल्ली@यूपीआई के 10 साल पूरे,पीएम मोदी बोले- इस डिजिटल क्रांति पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए

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नई दिल्ली,25 अगस्त 2026। यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के मंगलवार को 10 साल पूरे हो गए। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश की इस डिजिटल भुगतान क्रांति पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूपीआई की शुरुआत भारत के डिजिटल भुगतान इतिहास में अब तक का सबसे निर्णायक क्षण साबित हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि एक दशक पहले यूपीआई की शुरुआत हुई थी और यह भारत की डिजिटल भुगतान यात्रा में अब तक का सबसे निर्णायक फैसला साबित हुआ है। उन्होंने यूपीआई के व्यापक पैमाने और पहुंच पर गर्व करने की बात कही। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से यूपीआई के साथ अपने अनुभव साझा करने की अपील की। उन्होंने लोगों से यह बताने को कहा कि यूपीआई के आने से उनके जीवन में किस तरह का बदलाव आया है और डिजिटल भुगतान ने रोजमर्रा के लेनदेन को कितना आसान बनाया है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, यूपीआई पर वार्षिक लेनदेन की संख्या बीते एक दशक में करीब 13,000 गुना बढ़ी है। वित्त वर्ष 2025-26 में यूपीआई के जरिए 24,162 करोड़ लेनदेन हुए, जबकि वित्त वर्ष 2016-17 में यह संख्या 1.78 करोड़ थी।
लेनदेन का मूल्य करीब 4,000 गुना बढ़ा
यूपीआई लेनदेन का कुल मूल्य भी इस दौरान तेजी से बढ़ा है। वित्त वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 314 लाख करोड़ रुपए हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2016-17 में कुल लेनदेन मूल्य 0.07 लाख करोड़ रुपए था। यह एक दशक में करीब 4,000 गुना की वृद्धि को दर्शाता है।
25 अगस्त 2016 को हुआ था लॉन्च
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने 25 अगस्त 2016 को यूपीआई लॉन्च किया था। एक दशक में यूपीआई देश की डिजिटल भुगतान प्रणाली की रीढ़ बन गया है और छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारी लेनदेन तक इसका व्यापक इस्तेमाल हो रहा है। दक्षिण-एशियाई और प्रवासी
दुनिया के सबसे बड़े रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम में शामिल
वित्त मंत्रालय के अनुसार, यूपीआई के बड़े पैमाने, भरोसे और इंटरऑपरेबिलिटी को दुनिया भर में पहचान मिली है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने लेनदेन की मात्रा के आधार पर यूपीआई को दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम माना है। 2025 तक दुनिया भर में हुए रियल-टाइम पेमेंट लेनदेन की मात्रा में यूपीआई की हिस्सेदारी करीब 49′ रही।


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