
-संवाददाता-
एमसीबी,24 अगस्त 2026 (घटती-घटना)। भलौर में विवाहिता निशा जायसवाल की मौत का मामला अब पुलिस कार्रवाई के अगले चरण में पहुंच गया है, 8 अगस्त को निशा की मौत के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए घटना को संदिग्ध बताया था,परिजनों ने दहेज के लिए प्रताड़ना, मारपीट और पैसों की मांग का आरोप लगाते हुए मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की थी,अब इस मामले में मनेन्द्रगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतका के पति, सास और ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है,जबकि उसका देवर निलेश कुमार जायसवाल फरार बताया जा रहा है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है। मामले में थाना मनेन्द्रगढ़ में अपराध क्रमांक 188/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्रकरण में धारा 80(2)/3(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत कार्रवाई की है,गिरफ्तार आरोपियों में मृतका का पति नीरज जायसवाल,ससुर सुरेश जायसवाल और सास शेष कुमारी जायसवाल शामिल हैं,वहीं देवर निलेश कुमार जायसवाल की गिरफ्तारी अभी बाकी है।
मौत के बाद सामने आए थे कई गंभीर सवाल-निशा की मौत के बाद घटनास्थल और उसके शरीर पर दिखाई देने वाले कथित निशानों को लेकर मायके पक्ष ने कई सवाल उठाए थे,परिवार का कहना था कि निशा की मौत को महज आत्महत्या मानकर मामले को समाप्त नहीं किया जाना चाहिए,बल्कि उसकी वैवाहिक जिंदगी,कथित प्रताड़ना और मौत से पहले की परिस्थितियों की भी गहराई से जांच होनी चाहिए,मायके पक्ष ने मृतका के शरीर पर चोट के निशान होने का दावा किया था। परिजनों का कहना था कि पीठ सहित शरीर के अन्य हिस्सों पर ऐसे निशान दिखाई दिए,जिन्हें लेकर उन्हें मारपीट की आशंका है,गले पर निशान और घटनास्थल की परिस्थितियों को लेकर भी परिवार ने सवाल उठाए थे, हालांकि इन सभी बिंदुओं पर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
शादी के बाद से प्रताड़ना का आरोप-मृतका के भाई विवेक जायसवाल के मुताबिक निशा की शादी करीब पांच वर्ष पहले नीरज जायसवाल के साथ हुई थी, मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही निशा को ससुराल में कथित रूप से प्रताडि़त किया जाता था, परिजनों के अनुसार निशा की दो छोटी बच्चियां हैं,परिवार का आरोप है कि इसके बावजूद उसके साथ मारपीट की जाती थी और दहेज तथा पैसों को लेकर दबाव बनाया जाता था,मायके पक्ष ने पुलिस के सामने इन आरोपों की जांच कराने की मांग की थी,अब तीन ससुराल पक्ष के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में पुलिस विवेचना की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।
मौत से दो दिन पहले मां से फोन पर बातचीत का दावा
मामले में एक महत्वपूर्ण कड़ी मृतका की अपनी मां से हुई कथित बातचीत को बताया जा रहा है,मायके पक्ष के अनुसार 6 अगस्त को निशा ने अपनी मां को फोन कर ससुराल में मारपीट की जानकारी दी थी, परिजनों का कहना है कि इस बातचीत के करीब दो दिन बाद उन्हें निशा की मौत की सूचना मिली। यही घटनाक्रम परिवार के संदेह का प्रमुख कारण बना, मायके पक्ष का सवाल था कि यदि घटना से ठीक पहले निशा अपने परिवार को प्रताड़ना की जानकारी दे रही थी, तो उसके बाद ऐसी परिस्थिति कैसे बनी कि उसकी मौत हो गई,अब पुलिस के सामने यह भी महत्वपूर्ण होगा कि घटना से पहले निशा की किस-किस से बातचीत हुई थी और उसके अंतिम दिनों में उसके साथ क्या परिस्थितियां थीं।
पैसों की मांग को लेकर भी लगाए गए आरोप
मायके पक्ष ने पूर्व में आर्थिक विवाद का आरोप भी लगाया था,परिवार का कहना था कि निशा के परिवार को शासन से प्राप्त अनुदान की राशि को लेकर भी ससुराल पक्ष की ओर से कथित रूप से पैसों की मांग की जा रही थी, परिजनों के अनुसार अप्रैल में करीब एक लाख रुपये दिए जाने के बावजूद कथित दबाव समाप्त नहीं हुआ। इन आरोपों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और जांच के माध्यम से ही हो सकेगी,यदि पुलिस विवेचना में आर्थिक लेन-देन और प्रताड़ना के बीच कोई संबंध सामने आता है तो यह मामले की आगे की जांच में महत्वपूर्ण तथ्य हो सकता है।
घटनास्थल की जांच और पोस्टमार्टम के बाद बढ़ी कार्रवाई-निशा की मौत की सूचना के बाद पुलिस एवं फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था, मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया,मायके पक्ष ने घटनास्थल पर शव की स्थिति, फांसी से जुड़े सामान और शरीर पर दिखाई देने वाले निशानों को लेकर सवाल उठाए थे, परिवार का कहना था कि इन सभी पहलुओं की वैज्ञानिक तरीके से जांच होनी चाहिए,अब पुलिस द्वारा तीन आरोपियों की गिरफ्तारी किए जाने के बाद यह माना जा रहा है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है,हालांकि पुलिस की विवेचना अभी पूरी नहीं हुई है और पूरे मामले का अंतिम निष्कर्ष न्यायालयीन प्रक्रिया में साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।
तीन आरोपी जेल में,देवर की तलाश जारी- मनेन्द्रगढ़ पुलिस ने पति नीरज जायसवाल,ससुर सुरेश जायसवाल और सास शेष कुमारी जायसवाल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया,जहां से तीनों को जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है,दूसरी ओर मृतका का देवर निलेश कुमार जायसवाल फरार बताया जा रहा है, पुलिस उसकी तलाश में जुटी है,उसकी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में मामले से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की संभावना है,फरार आरोपी की भूमिका भी पुलिस जांच का हिस्सा है और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विवेचना में उसके खिलाफ क्या साक्ष्य सामने आते हैं।
चार आरोपियों पर कार्रवाई,लेकिन जांच के सवाल अभी बाकी-इस मामले में तीन गिरफ्तारियां होने के बाद पुलिस की कार्रवाई ने निश्चित रूप से मामले को नया मोड़ दिया है,लेकिन इससे यह नहीं माना जा सकता कि मौत की वास्तविक परिस्थितियां पूरी तरह स्पष्ट हो गई हैं, गिरफ्तारी किसी आरोप की अंतिम न्यायिक पुष्टि नहीं होती,अदालत में अभियोजन को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध करने होंगे,इसलिए मामले में पुलिस की विवेचना, मेडिकल रिपोर्ट,फॉरेंसिक साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेज महत्वपूर्ण रहेंगे, विशेष रूप से यह पता लगाना जरूरी होगा कि निशा की मौत से पहले उसके साथ वास्तव में क्या हुआ था और मायके पक्ष द्वारा लगाए गए प्रताड़ना एवं मारपीट के आरोपों की पुष्टि किस हद तक होती है।
मीडिया में लगातार उठता रहा मामला- निशा की मौत के बाद मायके पक्ष ने न्याय की मांग उठाई थी, स्थानीय स्तर पर मामले को लेकर चर्चा हुई और पत्रकारों ने भी परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों तथा घटनाक्रम को खबरों के माध्यम से सामने रखा,लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब पुलिस की कार्रवाई सामने आने से मामले ने एक नया चरण शुरू किया है,हालांकि पुलिस की ओर से जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना की पूरी कड़ी क्या थी और प्रत्येक आरोपी की भूमिका क्या रही।
परिवार को अब न्यायिक जांच के नतीजे का इंतजार-निशा की मौत के बाद उसकी दो छोटी बच्चियां और मायके पक्ष अब न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं, परिवार की मांग है कि घटना की प्रत्येक कड़ी की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई हो, फिलहाल पति,सास और ससुर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है,लेकिन देवर की गिरफ्तारी और विवेचना की अगली कार्रवाई अभी बाकी है,निशा की मौत के मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि क्या पुलिस जांच मायके पक्ष द्वारा लगाए गए प्रताड़ना और मारपीट के आरोपों की पुष्टि तक पहुंचती है और मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं? इसका जवाब जांच पूरी होने और न्यायालय में साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगा, फिलहाल तीन आरोपी जेल में हैं, एक आरोपी फरार है और मामले की जांच जारी है।
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