Breaking News

राजपुर@तहसील परिसर में व्यवस्था के नाम पर खाली मैदान,न बाउंड्री न बैठने की जगह

Share


जमीन की रजिस्ट्री कराने आएं तो धूप-बारिश में खड़े रहिए,शौचालय जाना हो तो रास्ता तलाशिए,सुरक्षा भी भगवान भरोसे


सुदामा राजवाड़े
राजपुर (बलरामपुर),18 अगस्त 2026 (घटती-घटना)। सरकार भले ही आम लोगों को बेहतर प्रशासन और सुविधाएं देने के दावे करती हो, लेकिन राजपुर तहसील कार्यालय परिसर की तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े करती नजर आती है। यहां रोजाना दूर-दराज के गांवों से अपनी जमीन,राजस्व और अन्य सरकारी काम लेकर पहुंचने वाले ग्रामीणों के लिए न ढंग की बाउंड्री है,न प्रतीक्षालय और न सुलभ शौचालय। ऊपर से साफ-सफाई की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। विडंबना यह है कि जिस परिसर में लोगों को अपनी समस्याओं का समाधान कराने पहुंचना होता है, वहीं उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए खुद संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि तहसील कार्यालय जनता की सुविधा के लिए है या जनता की परीक्षा लेने के लिए?
चारदीवारी नहीं,इसलिए
परिसर में वाहन ही वाहन

तहसील परिसर की बाउंड्री वॉल नहीं होने से कार्यालय परिसर और सड़क के बीच कोई स्पष्ट सुरक्षा व्यवस्था नजर नहीं आती। दोपहिया और चारपहिया वाहन बेधड़क परिसर में आते-जाते रहते हैं। ऐसे में कार्यालय में मौजूद ग्रामीणों,महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा होना लाजिमी है। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब एक वर्ष पहले राजपुर नगर पंचायत के एक वरिष्ठ अधिवक्ता भी तहसील कार्यालय से निकलते समय सड़क दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। इसके बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। यानी हादसा हो जाए तो चर्चा, उसके बाद फिर वही पुरानी व्यवस्था—मानो प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार हो।
रजिस्ट्री कराने आएं तो ‘वेटिंग रूम’ नहीं,पेड़ की छांव सही : तहसील परिसर में उप-पंजीयक कार्यालय भी संचालित होता है। जमीन की रजिस्ट्री और अन्य दस्तावेजी कामों के लिए रोज बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। लेकिन उनके बैठने या प्रतीक्षा करने के लिए कोई समुचित प्रतीक्षालय नहीं है। बारिश हो तो पानी से बचने की जद्दोजहद और धूप हो तो छांव तलाशना—यही यहां आने वाले लोगों की दिनचर्या बन गई है। बुजुर्ग और महिलाएं घंटों खड़े रहने को मजबूर होते हैं। व्यंग्य यही है कि सरकारी दफ्तर में काम कराने आए नागरिकों के लिए ‘वेटिंग शेड’ की सुविधा नहीं, लेकिन इंतजार जरूर भरपूर है।
महिलाओं और बुजुर्गों की सबसे ज्यादा परेशानी : तहसील परिसर में सुलभ शौचालय नहीं होने से दूर-दराज से आने वाली महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार लोगों को खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ता है। एक ओर शासन स्वच्छता और महिला सम्मान की बात करता है,वहीं दूसरी ओर तहसील जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक कार्यालय में बुनियादी शौचालय सुविधा का अभाव व्यवस्था की गंभीर कमी को दर्शाता है।
कचरा पेटी की जगह खोद दिया ‘कचरा गड्ढा’ : साफ-सफाई की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। उप-पंजीयक कार्यालय के दरवाजे के सामने व्यवस्थित डस्टबिन रखने के बजाय गड्ढा खोदकर कचरा डाले जाने की शिकायत है। इससे गंदगी और दुर्गंध के साथ संक्रमण का खतरा भी बना रहता है।
विडंबना देखिए—जिस कार्यालय में लोग जमीन-जायदाद के दस्तावेज सुरक्षित कराने पहुंचते हैं,उसके सामने कचरा खुले गड्ढे में ‘स्थायी पता’ बना चुका है।
स्टाम्प वेंडर और दस्तावेज लेखकों का भी दर्द : तहसील परिसर में काम करने वाले स्टाम्प वेंडर और दस्तावेज लेखकों का कहना है कि तहसील कार्यालय शुरू होने के बाद से ही यहां की बुनियादी व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। रोजाना अधिकारियों और कर्मचारियों की नजर के सामने अव्यवस्थाएं रहती हैं, लेकिन समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं दिखती।
बड़ा सवाल…हादसे के बाद जागेगा प्रशासन? तहसील कार्यालय कोई सामान्य परिसर नहीं, बल्कि ऐसा सार्वजनिक केंद्र है जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण और नगरवासी अपने जरूरी सरकारी कामों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में बाउंड्री वॉल, प्रतीक्षालय,शौचालय और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं किसी विलासिता की चीज नहीं,बल्कि न्यूनतम आवश्यकता हैं। अब सवाल स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से है—क्या किसी बड़े हादसे या जनआक्रोश के बाद ही तहसील परिसर की तस्वीर बदलेगी? या उससे पहले ही यहां सुरक्षित, स्वच्छ और सर्वसुविधायुक्त व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी?
एसडीएम से संपर्क का प्रयास,नहीं उठा फोन : इस संबंध में राजपुर एसडीएम देवेंद्र प्रधान से उनके मोबाइल नंबर 62603 60570 पर संपर्क कर तहसील परिसर की अव्यवस्थाओं और आवश्यक सुविधाओं के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
फिलहाल राजपुर तहसील परिसर की तस्वीर यही सवाल पूछ रही है… जनता सुविधा लेने तहसील पहुंच रही है या सुविधा तलाशने?


Share

Check Also

सूरजपुर@ अग्रवाल महिला मंडल ने धूमधाम से मनाया सावन उत्सव

Share सावन सुंदरी प्रतियोगिता बनी आकर्षण का केंद्र,आयुषी तायल चुनी गईं सावन सुंदरी 2026–संवाददाता-सूरजपुर,18 अगस्त …

Leave a Reply