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मनेंद्रगढ़@ एमसीबी कलेक्टर कार्यालय के भूमिपूजन को लेकर मंत्री और पूर्व विधायक आमने-सामने

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गुलाब कमरो का पलटवार…स्वास्थ्य मंत्री जी…चश्मे की जरूरत आपको है,मुझे नहीं…कार्यालय की जगह,प्रोटोकॉल और जिले के संघर्ष को लेकर सियासत तेज
खबर विशेष
मनेंद्रगढ़,18 अगस्त 2026 (घटती-घटना)।
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) के संयुक्त जिला कलेक्टर कार्यालय भवन के निर्माण कार्य के भूमिपूजन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है,भूमिपूजन कार्यक्रम के बाद पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कार्यक्रम की तैयारियों,जनप्रतिनिधियों की कथित उपेक्षा और कलेक्टर कार्यालय के लिए चयनित स्थान को लेकर सवाल खड़े किए हैं, दोनों नेताओं के बयानों के बाद कलेक्टर कार्यालय का भूमिपूजन राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने आरोप लगाया कि कलेक्टर कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक भवन के निर्माण कार्य का शुभारंभ आनन-फानन में किया गया,उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के लिए न तो उचित प्रोटोकॉल तैयार किया गया,न आमंत्रण पत्र जारी किए गए और न ही क्षेत्र के सांसद, जनप्रतिनिधियों तथा उन लोगों को आमंत्रित किया गया,जिन्होंने एमसीबी जिले के निर्माण की मांग को लेकर लंबे समय तक संघर्ष किया,आंदोलन किए और जेल तक गए।
कलेक्टर कार्यालय की जगह को लेकर सवाल…
गुलाब कमरो ने कहा कि उन्होंने क्षेत्रवासियों की मांग और जनभावनाओं को देखते हुए कई बार पत्र लिखकर कलेक्टर कार्यालय ऐसी जगह बनाए जाने की मांग की थी,जो जनकपुर, कोटाडोल और भरतपुर जैसे दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों से आने वाले लोगों के लिए सुगम हो तथा राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप स्थित हो, उनका कहना है कि इसके बावजूद जनभावनाओं और सुझावों की अनदेखी करते हुए जल्दबाजी में स्थान तय किया गया,उन्होंने सवाल उठाया कि जब पर्याप्त तैयारी नहीं थी,जनप्रतिनिधियों से चर्चा नहीं हुई और जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित नहीं की गई तो निर्माण कार्य के शुभारंभ में इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई गई?
चश्मे की जरूरत आपको है,मुझे नहीं…
मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कहा…‘स्वास्थ्य मंत्री जी, चश्मे की जरूरत आपको है, मुझे नहीं,’ उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस सरकार ने एमसीबी जिले का निर्माण नहीं किया होता तो आज भाजपा सरकार और मंत्री को कलेक्टर कार्यालय के भूमिपूजन का श्रेय लेने का अवसर ही नहीं मिलता,कमरो ने भाजपा सरकार के पिछले 15 वर्षों के कार्यकाल पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि जब प्रदेश में लंबे समय तक भाजपा की सरकार थी और मंत्री स्वयं विधायक रहे, तब एमसीबी जिला क्यों नहीं बनाया गया और उस दौरान कलेक्टर कार्यालय का भूमिपूजन क्यों नहीं हुआ?
सड़कों के श्रेय पर भी राजनीतिक वार
पूर्व विधायक ने भरतपुर क्षेत्र में हो रहे सड़क निर्माण कार्यों के श्रेय को लेकर भी मंत्री पर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि जिन सड़कों को भाजपा सरकार अपनी उपलब्धियों के रूप में गिना रही है,उनमें क्षेत्र की सांसद और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के प्रयासों की भी भूमिका है,उन्होंने कहा कि‘जनता सब देख रही है—जिला कांग्रेस सरकार ने बनाया,सड़कें सांसद के प्रयासों से आ रही हैं और अब श्रेय लेने भाजपा मैदान में उतर गई है। ‘
मंत्री ने मंच से दिया जवाब…
भूमिपूजन कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने उन्हें केवल कलेक्टर और एसपी दिए थे,‘बाबू भी नहीं मिले थे,’कलेक्टर कार्यालय के स्थान को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि जनकपुर और कोटाडोल से लोग पांच किलोमीटर आगे भी जा सकते हैं,मंत्री ने कहा कि हाईवे पर जिला पंचायत कार्यालय का निर्माण हो रहा है और जहां जमीन उपलब्ध हुई है,वहां कलेक्टर,एसपी,खनिज और परिवहन विभाग के कार्यालय बनाए जाएंगे,उन्होंने विकास कार्यों पर सवाल उठाने वालों से ‘पावर वाला चश्मा’लगाने की बात कही,भरतपुर क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने करीब एक हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य होने का दावा भी किया और कहा कि विकास कार्यों का विरोध करने के बजाय उसमें सहयोग किया जाना चाहिए।
दूरस्थ ग्रामीणों की परेशानी का मुद्दा…
मंत्री के इस बयान पर भी कमरो ने आपत्ति जताई कि जनकपुर और कोटाडोल से लोग पांच किलोमीटर और आगे जा सकते हैं,उन्होंने कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के आदिवासी और ग्रामीण परिवारों की वास्तविक परिस्थितियों को समझना जरूरी है,साधन-विहीन ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त दूरी तय करना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि मंत्री पद की गरिमा के अनुरूप ऐसे बयानों से बचना चाहिए,गुलाब कमरो ने कहा कि एमसीबी जिला केवल प्रशासनिक इकाई नहीं,बल्कि क्षेत्र की जनता के लंबे संघर्ष और जनभावनाओं का परिणाम है,इसलिए जिले के महत्वपूर्ण संस्थानों के निर्माण जैसे ऐतिहासिक अवसरों पर संघर्ष करने वाले लोगों,जनप्रतिनिधियों और जनता की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए,उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों का विरोध उनका उद्देश्य नहीं है,लेकिन विकास के साथ पारदर्शिता,लोकतांत्रिक परंपराओं और क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों का सम्मान भी जरूरी है।


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