Breaking News

नई दिल्ली@जंतर-मंतर लाठीचार्ज मामले पर संसद में जवाब देंगे शाह विपक्ष को सुनना पड़ेगा,भाग नहीं सकते : किरण रिजिजू

Share

  • लोकसभा में 4 बिल पेश हुए,इनमें केरल का नाम केरलम करने वाला बिल शामिल…
  • लोकसभा में 4 बिल पेश हुए,इनमें केरल का नाम केरलम करने वाला बिल शामिल…

नई दिल्ली,10 अगस्त 2026। गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस एक्शन मामले पर सदन में जवाब देंगे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि शाह विस्तार से जवाब देंगे लेकिन विपक्ष को भरोसा देना होगा कि वह बहस से भागेगा नहीं। उन्हें गृहमंत्री का जवाब बिना हंगामा किए सुनना पड़ेगा। हालांकि शाह कब बोलेंगे, रिजिजू ने इसकी जानकारी नहीं दी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस एक्शन को लेकर विपक्ष लगातार गृहमंत्री के बयान की मांग कर रहा है। शाह संसद परिसर में नियमित रूप से आ रहे हैं, लेकिन उन्हें सदन में नहीं देखा गया है। मानसून सत्र 20 जुलाई से चल रहा है। 13 अगस्त को इसका समापन है। तीन हफ्ते के दौरान लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित हुई है। एंटी-पेपर लीक बिल पर बहस के अलावा किसी और मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई है।
संसद से पास हुआ बैंकर्स
बुक्स एविडेंस बिल, 2026

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 को लोकसभा में 3 अगस्त को पेश किया था। 6 अगस्त को लोकसभा ने ध्वनिमत से पारित किया। राज्यसभा में यह बिल सोमवार को पेश हुआ और आज ही बिल पारित कर दिया। बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 का मकसद बैंकों के रिकॉर्ड को अदालत में सबूत के तौर पर इस्तेमाल करने के नियमों को मौजूदा डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था के हिसाब से अपडेट करना है।
संसद ने टैक्स बिल को मंजूरी दी
सीतारमण ने कहा…यूपीआई लेनदेन रहेंगे मुफ्त

संसद ने सोमवार को‘कराधान और अन्य कानून संशोधन विधेयक-2026’ को ध्वनिमत से पारित कर दिया। राज्यसभा ने विधयेक पर चर्चा के बाद इसको लोकसभा में वापस भेज दिया। इस विधयेक में विदेशी निवेश के नियमों, डिजिटल पेमेंट (यूपीआई/एमडीआर),कच्चे हीरे के व्यापार में छूट और आरईआईटी/ इनविट्स पर टैक्स से जुड़े बदलाव शामिल हैं। इसे लोकसभा ने पहले ही अपनी मंजूरी दे दी थी। समयऔर कैलेंडर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कराधान और अन्य कानून संशोधन विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए साफ किया कि यह कानून यूपीआई पर कोई टैक्स नहीं लगाता है और डिजिटल पेमेंट सिस्टम मुफ्त बना रहेगा। पिछले हफ्ते लोकसभा से पास हुए इस विधयेक को राज्यसभा ने वित्त मंत्री के जवाब और संक्षिप्त चर्चा के बाद ‘वॉइस वोट’ (मौखिक मतदान) से वापस भेज दिया।
सीतारमण ने राज्यसभा में इस विधयेक पर चर्चा के दौरान जोर देकर कहा कि इसमें यूपीआई पर किसी भी तरह के टैक्स या लेनदेन चार्ज का प्रस्ताव नहीं है। वित्त मंत्री ने कहा, क्या उपभोक्ता को कोई यूपीआई चार्ज देना होगा ? नहीं। सीतारमण ने सदन को बताया लॉन्च के समय से यूपीआई कंज्यूमर्स के लिए मुफ्त रहा है। उन्होंने कहा हर भारतीय बिना किसी ट्रांजैक्शन चार्ज के इस इंस्टेंट डिजिटल सुविधा का इस्तेमाल करता रहेगा। भौगोलिकसंदर्भ
उल्लेखनीय है कि राज्यसभा ने ‘कराधान और अन्य कानून संशोधन विधेयक, 2026’ पर विचार किया और इसे लोकसभा को वापस भेज दिया। चूंकि इसे ‘ धन विधेयक’ के तौर पर प्रोसेस किया गया था, इसलिए वित्त मंत्री सीतारमण द्वारा पेश किए जाने के बाद उच्च सदन ने संवैधानिक प्रक्रियाओं के अनुसार इसे लोकसभा को वापस भेज दिया है।
प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग को
लेकर विपक्ष का संसद परिसर में प्रदर्शन

संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष और सरकार के बीच गतिरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। विपक्षी सांसदों ने दिल्ली में 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद में बयान देने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि जब तक गृह मंत्री इन मुद्दों पर सदन में स्पष्टीकरण नहीं देते,तब तक विपक्ष कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा आगे नहीं बढ़ने देगा। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि गतिरोध तब तक बना रहेगा,जब तक केंद्रीय गृह मंत्री संसद में बयान नहीं देते। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने भी विपक्ष की मांग को स्पष्ट करते हुए कहा… कि किसी भी विधेयक,जिसमें एफसीआरए बिल भी शामिल है,पर चर्चा से पहले अमित शाह को संसद में आकर दिल्ली के छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई पर बयान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह विपक्ष की स्पष्ट मांग है और बयान के बिना सरकार को इन मामलों पर आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। एफसीआरए बिल को लेकर भी विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि पार्टी इस विधेयक को एक बड़े समुदाय के खिलाफ उठाए गए कदम के रूप में देखती है। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित बदलाव समुदाय और देश के हितों के खिलाफ हैं तथा इससे शिक्षा और राष्ट्रीय प्रगति में योगदान देने वाले महत्वपूर्ण संसाधनों पर असर पड़ सकता है। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने विश्व आदिवासी दिवस के संदर्भ में भी गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा।


Share

Check Also

रुद्रप्रयाग@श्रावण के सोमवार को केदारनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब

Share 14.45 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शनरुद्रप्रयाग,10 अगस्त 2026। श्रावण माह के सोमवार के पावन …

Leave a Reply