राज्यसभा में भी पास हुआ पेपर लीक संशोधन बिल…लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस
नई दिल्ली,30 जुलाई २०२६। पेपर लीक से जुड़ा संशोधन बिल लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास हो गया। हालांकि जब सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह जवाब देने के लिए खड़े हुए,तब विपक्ष वॉकआउट कर गया। इससे पहले राज्यसभा में चर्चा के दौरान जमकर हंगामा हुआ। आरजेडी सांसद मनोज झा ने एनटीए को खत्म करने की मांग करते हुए कहा कि इसे बंगाल की खाड़ी में फेंक दिया जाए। इससे पहले, लोकसभा में बुधवार को करीब 7 घंटे बहस के बाद पेपर लीक से जुड़ा बिल पारित हो गया था। इधर,बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस सौंपा है। अनुराग का आरोप है राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ असंसदीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। गंभीर और बेबुनियाद आरोप लगाए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में दावा किया कि पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल में सवा लाख छात्रों ने सुसाइड किया है। खड़गे ने कहा- 12 साल में पहली बार शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हुआ। सरकार ने पेपर लीक और प्रदर्शन के दौरान छात्रों की बात नहीं सुनी। बाद में जेपी नड्डा ने उन्हें बुलाया। ये पहले हो गया होता तो छात्रों को लाठी नहीं खानी पड़ती। खड़गे ने कहा- पेपर लीक से जुड़े पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स की रोकथाम) संशोधन बिल में कुछ नया नहीं है। इससे कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। पेपर चुराने वाले बचते रहेंगे। छात्र पिटते रहेंगे। इससे पहले, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में पेपर लीक से जुड़ा बिल पेश किया।
खड़गे ने कहा- शिक्षा कुछ लोगों का विशेषाधिकार नहीं
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कुछ सालों में 152 परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं, लेकिन एक को भी सजा नहीं हुई। सरकार क्या कर रही थी। क्या एजेंसियां सो रही थीं। शिक्षा कुछ लोगों का विशेषाधिकार नहीं है। शैक्षणिक संस्थाओं पर आरएसएस का कब्जा है। बजट में छह फीसदी भागीदारी शिक्षा बजट की होनी चाहिए, लेकिन 3′ से भी कम है।
सभापति ने कहा- खड़गे का मनुस्मृति वाला बयान रिकॉर्ड से हटाया जाएगा
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा- खड़गे ने जो पक्ष रखा है, मैं उसको प्रमाणित करना चाहूंगा। जयराम रमेश बहुत विद्वान हैं। मैं उन्हें बताना चाहूंगा कि विलियम जोन्स कलकत्ता हाईकोर्ट के जज थे। उन्होंने 1790 मनु स्मृति का अनुवाद किया। 3 किताबों का अनुवाद किया गया। दोनों उपलब्ध हैं। सुधांशु ने आगे कहा- बाबा साहब की किताब ‘हू वर शूद्र’, में उन्होंने लिखा है। द अनटचेबल्स में उन्होंने लिखा है कि मनु के काल में कोई छुआछूत नहीं थी। इन्होंने बोला- विलियम से पहले की दर्जन किताबें मिलती हैं। जहांगीर नामा, तर्जुके बाबरी है। किसी में इसका जिक्र नहीं हैं।
नड्डा बोले…खड़गे जी भावावेश में न आएं, तर्क के साथ बात रखें…
खड़गे की स्पीच के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने खड़गे को टोका। उन्होंने कहा- विपक्ष के नेता को हम शांति से सुन रहे हैं, लेकिन खड़गेजी भावावेश में न आएं। तर्क के साथ अपनी बात रखें। अभी जो उन्होंने शब्द इस्तेमाल किए वे असंसदीय हैं।
अनुराग की मांग…इडियट-अंधभक्त
कहने पर बिना शर्त माफी मांगें राहुल
तीन पन्नों के इस नोटिस में ठाकुर ने बिरला से मांग की है कि वे इस मामले को विशेषाधिकार समिति को भेजें ताकि इसकी विस्तृत जांच हो सके और मामले में एक्शन लिया जा सके। इसमें राहुल गांधी से सदन और शाह से बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश देने की मांग भी शामिल है। 29 जुलाई को सदन की कार्यवाही का जिक्र करते हुए, जब एंटी पेपर लीक संशोधन बिल पर बहस हो रही थी। ठाकुर ने कहा कि विरोध कर रहे छात्रों के साथ हुई बातचीत का ब्योरा देते समय गांधी ने नियम 352 का उल्लंघन किया। 3 पेज के नोटिस में अनुराग ने लिखा है कि राहुल ने इडियट और अंधभक्त शब्द का इस्तेमाल करके सदन की अवमानना की है।
राघव चड्ढा बोले… छात्रों की बात
सुनकर सरकार ने एक्शन लिया
राज्यसभा में राघव चड्ढा ने नीट के छात्रों से कहा कि उनका गुस्सा जायज है। उनकी बात प्रधानमंत्री ने सुनी और गार्जियन की तरह सिस्टम बदला। सरकार पेपर लीक के खिलाफ पहली बार एक फ्रेमवर्क लेकर आई है। राघव ने बताया कि सरकार ने तमाम एक्शन लिए। मात्र 75 दिन में चार्जशीट भी फास्ट ट्रैक कोर्ट में दायर करा दी गई, जांच को लटकाया नहीं। सरकार अपराधी के मन में खौफ पैदा करने के लिए ऐसा कानून लेकर आई है।
संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन,
छात्रों पर कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सरकार को घेरा

संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कथित कार्रवाई और राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर सरकार को निशाने पर लिया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने मकर द्वार के पास प्रदर्शन करते हुए 20 जुलाई को दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की कथित पैलेट गन कार्रवाई का विरोध किया। विपक्ष ने इस मामले में गृहमंत्री अमित शाह से माफी मांगने की मांग की और छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने की मांग उठाई। समाजवादी पार्टी के सांसदों ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए संसद परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान सांसदों ने ‘चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए और बैनर दिखाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
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