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अम्बिकापुर@ भाजपा नेता नीलेश सिंह ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

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सोनपुर से लालमाटी तक फैले क्षेत्र के पर्यावरण,वन्यजीव और जैव विविधता संरक्षण के लिए विशेष योजना की मांग
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,21 जून 2026 (घटती-घटना)।
सोनपुर से लेकर लालमाटी तक फैली लगभग 12 किलोमीटर लंबी महामाया पर्वत श्रृंखला के संरक्षण,वन्यजीव संवर्धन और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री नीलेश सिंह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को ज्ञापन सौंपकर विशेष कार्ययोजना बनाने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि अंबिकापुर क्षेत्र की महामाया पर्वत श्रृंखला प्राकृतिक, पर्यावरणीय और जैव विविधता की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। सोनपुर, खैरबार,कांतिप्रकाशपुर, मानिकप्रकाशपुर और लालमाटी तक फैला यह क्षेत्र मिश्रित वन क्षेत्र है, जहां विभिन्न प्रजातियों के वन्यजीव, हिरण, पक्षी और अन्य जीव-जंतु पाए जाते हैं। इसके अलावा यहां इमारती और फलदार वृक्षों की भी प्रचुरता है। भाजपा नेता नीलेश सिंह ने मुख्यमंत्री को दिए ज्ञापन में कहा कि महामाया पर्वत श्रृंखला स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ अंबिकापुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह क्षेत्र भू-जल संरक्षण, स्वच्छ वायु, जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने मांग की कि इस प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए शासन स्तर पर ठोस पहल की जाए और क्षेत्र के विकास के साथ पर्यावरण संतुलन को भी प्राथमिकता दी जाए।
ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें…
भाजपा नेता नीलेश सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि—

सोनपुर से लालमाटी तक फैली महामाया पर्वत श्रृंखला का विस्तृत पर्यावरणीय एवं जैव विविधता सर्वेक्षण कराया जाए।
क्षेत्र को वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यावरणीय दृष्टि से संरक्षित क्षेत्र घोषित करने की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए।
हिरण,पक्षियों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विशेष योजना बनाई जाए।
फलदार एवं इमारती वृक्षों के संरक्षण के साथ व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जाए।
पहाड़ी नालों,जल स्रोतों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए।
स्थानीय ग्रामीणों की सहभागिता से पर्यावरण संरक्षण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाए।
अवैध कटाई, खनन और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए।
उन्होंने कहा कि महामाया पर्वत श्रृंखला क्षेत्र की अमूल्य प्राकृतिक संपदा है, जिसका संरक्षण केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं बल्कि आने वाली पीढि़यों के भविष्य के लिए भी आवश्यक है।
मुख्यमंत्री से उन्होंने आग्रह किया कि इस क्षेत्र के संरक्षण और संवर्धन के लिए जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएं, जिससे प्राकृतिक विरासत सुरक्षित रह सके।


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