नई दिल्ली,19 जून 2026। अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते के बाद अब होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी आधिकारिक तौर पर हटा ली गई है। पिछले 66 दिनों से जारी इस कड़े सैन्य प्रतिबंध के हटने को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, नाकेबंदी खत्म होने के बावजूद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट किया है कि उनके नौसैनिक जहाज अभी भी उस इलाके में अपनी उपस्थिति बनाए रखेंगे। कमांड का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शांति समझौते की शर्तों का पालन पूरी ईमानदारी से हो रहा है और क्षेत्र में शांति बहाली की प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रहे। यह तैनाती किसी आक्रामकता के लिए नहीं, बल्कि समझौते की निगरानी और सुरक्षा के लिए है। इस शांतिपूर्ण बदलाव के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका वैश्विक शांति के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने मध्य-पूर्व के सभी पक्षों से अपील की है कि वे शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के संकल्प पर कायम रहें। ट्रंप ने कहा, ‘हम क्षेत्र के सभी लोगों से शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के वादे पर बने रहने की उम्मीद करते हैं।’ उनके इस बयान के पीछे की खुशी बाजारों में भी साफ देखी जा रही है; तेल की गिरती कीमतें और शेयर बाजार में आती तेजी यह संकेत दे रही है कि दुनिया ने इस शांति समझौते का स्वागत किया है। ट्रंप ने लेबनान, हिज्बुल्लाह और इजरायल समेत सभी मोर्चों पर पूर्ण और स्थायी युद्धविराम की उम्मीद जताई है। होर्मुज स्ट्रेट की यह नाकेबंदी अचानक नहीं हुई थी, बल्कि इसके पीछे एक लंबा सैन्य संघर्ष था।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur