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दुर्ग भिलाई@CGPSC घोटाला…पूर्व परीक्षा नियंत्रक वासनिक के घर रेड

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राजनांदगांव में भी ईडी की दबिश,रिटायर्ड आईएएस के ठिकानों पर छापे,दस्तावेजों की जांच

दुर्ग भिलाई,03 जून 2026। CGPSCभर्ती परीक्षा घोटाला मामले में ईडी ने रायपुर, दुर्ग-भिलाई और राजनांदगांव में छापेमारी की है। पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के रायपुर स्थित घर में कार्रवाई चल रही है। वहीं रिटायर्ड आईएएस जेके ध्रुव के भिलाई सेक्टर-10 स्थित घर पर जांच जारी है। बता दें कि जेके ध्रुव सीजी-पीएससी भर्ती घोटाले में आरोपी हैं और फिलहाल जेल में हैं। इस कार्रवाई को भारतमाला घोटाला मामले में उनके कनेक्शन से भी जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। वहीं राज्यपाल के पूर्व सचिव अमृत खलखो के भिलाई तालपुरी स्थित निवास पर भी जांच चल रही है। बता दें कि उनकी बेटी नेहा का 13वीं रैंक और बेटे निखिल का 17वीं रैंक के साथ डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयन हुआ था। राजनांदगांव में तत्कालीन डिप्टी परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर के घर पर भी छापा मारा गया है। गणवीर इस मामले में पहले से ही जेल में बंद हैं। ईडी की करीब आठ अधिकारियों की टीम पहुंची हुई है। घर के अंदर दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया। इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं।

टामन सिंह ने रिश्तेदारों और करीबियों को लाभ पहुंचाया
सीबीआई ने दलील दी कि, साल 2020 से 2022 के बीच आयोजित राज्य सेवा परीक्षा में बड़े स्तर पर अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रिश्तेदारों और करीबी लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया। जांच में सामने आया कि एक निजी कंपनी से सीएसआर मद के तहत 45 लाख रुपए एक एनजीओ को दिए गए। जिसकी अध्यक्ष सोनवानी की पत्नी थीं। इसके बदले प्रश्नपत्र लीक किए गए।
प्रश्न पत्र लीक करने में रही प्रमुख भूमिका
सीबीआई का यह भी आरोप है कि, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक और डिप्टी परीक्षा नियंत्रक ललित गनवीर ने अध्यक्ष के निर्देश पर उद्योगपति श्रवण गोयल को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए। जिन्होंने आगे यह प्रश्नपत्र अपने बेटे और बहू को दिए। दोनों का चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हुआ। वहीं, सोनवानी के भतीजों का चयन डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी एसपी पद पर हुआ।


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