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सूरजपुर@किसी भी कानूनी लड़ाई में खुद को कमजोर न समझें : न्यायाधीश हिमांशु पण्डा

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सूरजपुर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम,ग्रामीणों को निःशुल्क कानूनी सहायता, डिजिटल ठगी और नशा मुक्ति पर दी अहम जानकारी
सूरजपुर,26 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)।
सूरजपुर जिले में आम नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा ग्राम पंचायत ऊंचडीह और लोधीमा में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया,यह कार्यक्रम सूरजपुर में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी प्राप्त की, यह आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती विनीता वार्नर के मार्गदर्शन तथा सचिव सुश्री पायल टोपनो के निर्देशन में संपन्न हुआ,कार्यक्रम की अध्यक्षता द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी हिमांशु पण्डा ने की, कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत के साथ हुई, जिसमें चौकी प्रभारी योगेंद्र जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण रजवाड़े, उप सरपंच मोहित रजवाड़े और सरपंच प्रदीप सिंह ने न्यायाधीश का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
निःशुल्क विधिक सहायता की दी जानकारी-कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायाधीश हिमांशु पण्डा ने ग्रामीणों को विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के प्रावधानों की सरल भाषा में जानकारी दी,उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए निःशुल्क विधिक सहायता और सलाह की व्यवस्था उपलब्ध है,लेकिन जानकारी के अभाव में कई लोग इसका लाभ नहीं उठा पाते,उन्होंने कहा कि किसी भी कानूनी समस्या के सामने खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए,देश के सभी न्यायालयों में विधिक सेवा संस्थाएं कार्यरत हैं,जहां जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता दी जाती है, उन्होंने बताया कि नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 पर संपर्क कर भी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
मोटर व्हीकल एक्ट और सुरक्षा नियमों पर जोर– कार्यक्रम में न्यायाधीश ने मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी, उन्होंने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन बीमा अनिवार्य है और इनके अभाव में दुर्घटना की स्थिति में कानूनी कार्रवाई के साथ भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है, उन्होंने हेलमेट के उपयोग और यातायात नियमों के पालन पर विशेष बल देते हुए लोगों से सुरक्षित ड्राइविंग की अपील की।
नेशनल लोक अदालत और अन्य योजनाएं- न्यायाधीश पण्डा ने आगामी नेशनल लोक अदालत (09 मई 2026) के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि लोक अदालत के माध्यम से लंबित मामलों का त्वरित और सरल समाधान संभव है, उन्होंने मध्यस्थता प्रक्रिया, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण अधिनियम 2007, मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के लिए विधिक सेवा योजनाएं और छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रकाश डाला।
डिजिटल ठगी और नशा मुक्ति पर जागरूकता- कार्यक्रम में चौकी प्रभारी योगेंद्र जायसवाल ने डिजिटल ठगी और साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर ग्रामीणों को जागरूक किया, उन्होंने बताया कि अनजान लिंक, ्रक्क्य फाइल्स और संदिग्ध कॉल्स से बचना जरूरी है, साथ ही सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी, उन्होंने नशा मुक्ति को लेकर भी संदेश दिया और कहा कि ‘हम बदलेंगे, युग बदलेगा’ की सोच के साथ समाज को नशामुक्त बनाने की जरूरत है, उन्होंने नशे से होने वाली दुर्घटनाओं और सामाजिक नुकसान का उल्लेख करते हुए लोगों से इस बुराई से दूर रहने की अपील की।
कार्यक्रम में रही व्यापक भागीदारी- कार्यक्रम का संचालन पैरा लीगल वॉलंटियर सत्य नारायण ने किया। इस दौरान गांव के सरपंच, सचिव, चौकी स्टाफ, पीएलवी उमेश कुमार रजवाड़े सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।


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