युद्ध में 1300 सौ चीनी सैनिकों को ढेर कर वीर गति को हुए प्राप्त
-संवाददाता-
वाड्रफनगर,13 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। 1962 भारत-चीन युद्ध में अदम्य साहस और बलिदान का परिचय देने वाले रेजांगला चौकी के अमर शहीदों की स्मृति में वाड्रफनगर के वन विश्राम गृह में श्रद्धांजलि सभा एवं संकल्प दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुनेश्वर यादव एवं रेजांगला कलश यात्रा के प्रदेश सह-संयोजक राजेश कुमार यादव उपस्थित रहे। इस दौरान समाज के सैकड़ों प्रबुद्धजनों ने वीर जवानों की शहादत को नमन किया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने रेजांगला के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 18 नवंबर 1962 की मध्य रात्रि को जब लगभग 3000 चीनी सैनिकों ने रेजांग ला चौकी पर हमला किया, तब वहां कुमाऊं बटालियन में 120 जवान तैनात थे, जिनमें सभी अहीर सैनिक थे। कमांडर मेजर शैतान सिंह को जब मुख्यालय से चौकी खाली करने का आदेश मिला, तो उन्होंने साहसिक शब्दों में कहा कि पीछे हटने से बेहतर है मातृभूमि के लिए सीने पर गोली खाना। ‘दादा किशन’ के जयघोष के साथ इन वीर जवानों ने बहादुरी से मुकाबला करते हुए लगभग 1300 चीनी सैनिकों को ढेर कर दिया। इस भीषण युद्ध में 114 जवान वीरगति को प्राप्त हुए, जिनकी वीरता को देखकर अंत में दुश्मन सैनिकों ने भी उन्हें सलामी दी। श्रद्धांजलि सभा के पश्चात संकल्प सभा का आयोजन किया गया, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया। समाज के विकास हेतु शिक्षा को बढ़ावा देने, दहेज प्रथा पर रोक लगाने, नशाखोरी के विरुद्ध अभियान चलाने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का सामूहिक संकल्प लिया गया। इसके पश्चात वाड्रफनगर के विभिन्न वार्डों में भव्य श्रद्धांजलि रैली निकाली गई, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लेकर ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ जैसे देशभक्ति गीतों के माध्यम से वीर अहीरों की गाथा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्रीमती ममता यादव (महिला प्रदेश अध्यक्ष), हरिहर यादव (महासचिव), राजकुमार यादव, परमानंद यादव, श्यामधारी यादव, व्यासमुनि यादव रामबिहारी यादव रामाधार यादव अखिलेश यादव युवा प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी यादव महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष द्रोपदी यादव तथा कार्यक्रम संचालक अचल यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं मातृशक्ति उपस्थितथ रहे।
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