नई दिल्ली,24 मार्च 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया के हालात पर राज्यसभा में मंगलवार को 21 मिनट बोले। उन्होंने कहा कि अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग जारी रही तो इसके दुष्परिणाम होंगे। आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेने वाला है। इसमें राज्यों का सहयोग जरूरी है। टीम इंडिया की तरह काम करने होगा। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में हमारे जहाज और भारतीय क्रू फंसा हुआ है। ये चिंताजनक है। हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। गैस-तेल, फर्टिलाइजर्स जैसे जरूरी सामान की सप्लाई पर असर पड़ा है। एक दिन पहले पीएम ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी थी। उन्होंने कहा था कि इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। इसलिए हमें तैयार रहना होगा। हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। पीएम ने कहा कि मैं राज्यों की सरकार से आग्रह करना चाहता हूं कि गरीबों पर, श्रमिकों पर बुरा असर पड़ता है इसलिए पीएम गरीब अन्न कल्याण योजना का लाभ मिलता रहे इसके लिए प्रोएक्टिव कदम उठाए जाएं,राज्य सरकार विशेष व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि राज्यों से अनुरोध है कि संकट कितना भी बड़ा हो, भारत की तेज ग्रोथ बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। हमें तेज रिफॉर्म करते रहने होंगे। कोरोन के महा-संकट में केंद्र और राज्यों ने टीम इंडिया में कोविड मैनेजमेंट का बेहतरीन मॉडल सामने रखा था। हमें उसी भावना के साथ आगे काम करना है। पीएम ने कहा कि राज्यों और केंद्र के प्रयासों से देश इस संकट का सामना कर पाएगा। इस संकट अलग प्रकार का है। समाधान भी अलग प्रकार के होंगे। धीरज के साथ, संयम के साथ,शांत मन से मुकाबला करना होगा।
स्वदेशी जहाज तैयार करने पर खर्च होंगे 70,000 करोड़ रुपये
पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और इसके कारण पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच, भारत ने अपनी आपूर्ति शृंखला को सुरक्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम उठाया है। राज्यसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि आयात के लिए विदेशी जहाजों पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने 70,000 करोड़ रुपये की विशाल स्वदेशी जहाज निर्माण परियोजना शुरू की है। यह कदम इस बात का संकेत है कि भारत वैश्विक अस्थिरता के बीच अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट पर राज्यसभा में बोलते हुए कहा, ‘एलपीजी के घरेलू उत्पादन को भी बड़े पैमाने पर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
मौजूदा संकट ने पूरी दुनिया को भुला दिया
पीएम ने कहा कि बीते सालों में सरकार की कोशिश रही है कि दूसरे देशों पर निर्भरता कम से कम हो। हम आत्मनिर्भर हों, यही एकमात्र विकल्प है। 90 फीसदी से ज्यादा ट्रेड जहाजों पर होता है। यह वैश्विक संकट में ऐसी स्थिति को और गंभीर बना देती है। बीते दशक में किए गए प्रयासों से भारत अपने जरूरतों के अधिकांश हथियार भारत में बना रहा है। पीएम ने कहा कि एक समय था, जब भारत जीवन रक्षक दवाइयों के लिए दूसरे पर निर्भर था। रेयर अर्थ मीनिरल में निर्भरता को लेकर भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। मौजूदा संकट ने पूरी दुनिया की इकॉनोमी को हिला दिया है। वेस्ट एशिया में जो नुकसान हुआ है, उससे उबरने में बहुत समय लगेगा। भारत पर इसका कम असर हो, इसके लिए लगातार कोशिश की जा रही है। सरकार पल-पल बदलते हालत पर नजर रख रही है।
आने वाले समय में हमारे देश की बड़ी परीक्षा
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने इंटर मिनिस्टि्रयल ग्रुप बनाया है, जो इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट में आने वाली दिक्कतों का आकलन करता है। कोरोना के समय में अलग-अलग सेक्टर से निपटने के लिए अफसरों के एम्पॉवर्ड ग्रुप बने थे, वैसे ही अभी 7 एम्पावर्ड ग्रुप बने हैं। सरकार कोशिश कर रही है कि आने वाले बुआई के सीजन में किसानों को खाद मिलती रहे। सरकार ने खाद की सप्लाई के लिए तैयारी की है। किसानों को आश्वस्त करूंगा कि सरकार हर चुनौती के समाधान के लिए उनके साथ खड़ी है। ये राज्यों का सदन है। आने वाले समय में संकट हमारे देश की बड़ी परीक्षा लेने वाला है। इसमें सफलता के लिए राज्यों का सहयोग जरूरी है।
पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा हुआ
राज्यसभा में पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से हम सभी परीचित हैं। इस युद्ध को 3 हफ्ते से अधिक समय हो गया है। इससे पूरे दुनिया में गंभीर उर्जा संकट पैदा हो गया है। भारत के लिए भी हालात चिंताजनक है। पेट्रोल डीजल, गैस और फर्टिलाइजर की रूटीन सप्लाई प्रभावित हो रही है। गल्फ देशों में एक करोड़ भारतीय रहते हैं। उनका जीवन और आजीविका भी भारत के लिए बड़ी चिंता है। पीएम ने कहा कि होर्मूज में अनेक जहाज फंसे हैं। उनमें भारतीय क्रू फंसे हैं। जरूरी है कि भारत की संसद की उच्च सदन से शांति और संवाद की एकजुट आवाज पूरी दुनिया तक जाए। युद्ध की शुरूआत के बाद से मैंने वेस्ट एशिया के देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात की है। गल्फ के देशों के साथ बात कर रहे हैं। अमेरिका और इजराइल के संपर्क में हैं।
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