उद्योगपतियों को 253 एकड़ जमीन 5 लाख लीज पर दी
रायपुर,18 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने बालोद में हुए जंबूरी कार्यक्रम में अनियमितता का मुद्दा उठाया। उन्होंने स्कूल शिक्षामंत्री से सवाल पूछा कि आयोजन के लिए टेंडर से पहले काम कैसे शुरू हुआ और 4 दिन के अंदर काम कैसे पूरा हो गया। जवाब में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शायरी पढ़ी और कहा कि नेशनल का काम अलग है और हमारा काम अलग है। वहीं, स्कूलों के युक्तियुक्तकरण पर सरकार से जवाब मांगा गया। अतिथि शिक्षकों के मुद्दे पर विपक्ष ने वॉकआउट किया। इसके साथ ही उद्योगों को कम दर पर जमीन आवंटन के मुद्दे पर सदन में विपक्ष ने हंगामा किया। खल्लारी विधायक द्वारकाधीश यादव ने उद्योग मंत्री से सवाल किया कि उद्योगपतियों को 253 एकड़ जमीन महज 4 लाख 82 हजार 302 प्रति हेक्टेयर की दर पर 99 साल के लिए दिया गया है। यह किस नियम के तहत आवंटित किए गए हैं। लखनलाल देवांगन ने जवाब दिया कि राज्य सरकार ने नवीन ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सौर विद्युत परियोजना लगाई जा सकती है। इस जवाब पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया।
विधायक राघवेन्द्र सिंह ने बालोद में
हुए जंबूरी में अनियमितता की शिकायतों पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया
– राघवेन्द्र सिंह – स्कूल शिक्षामंत्री भारत स्काउट गाइड के पदेन अध्यक्ष हैं, इसके लिए नियमों में क्या संशोधन किया गया और कब किया गया।
– गजेन्द्र यादव – स्काउट गाइड को लेकर यह सवाल दूसरी बार आया है। जवाब देने से पहले शायरी कही वफा जानते जब तुम, तो मेरी वफा समझा पाता प्रेम में कितना समर्पण था मेरे,यह तुझे मैं बता पाता बार-बार बेगुनाही की अपनी, कितना भरोसा दिलाऊं ऐ हमदम रूठकर बैठ जाते हो हर बार,कैसे मनाऊं ऐ हमदम जानते हो तुम बेदाग हैं हम, तुम्हारी इस महफिल में फिर भी इतने सवालात, ज़हन में क्यों आते हैं हमदम
– गजेन्द्र यादव – छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद पहले शिक्षामंत्री सत्यनारायण शर्मा थे। मध्यप्रदेश से अलग होने के बाद राज्य सरकार ने कैबिनेट में प्रस्ताव पारित किया कि स्काउट गाइड एक स्वतंत्र संस्था है और इसका चुनाव होना चाहिए। सत्यनारायण शर्मा के अनुमोदन के बाद पहली बार चुनाव हुआ और वे निर्वाचित अध्यक्ष बने। आयुक्त के रूप में तरुण चटर्जी नियुक्त हुए। इसके बाद डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी यह प्रक्रिया जारी रही। बाद में जब भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बने,तब प्रस्ताव पारित किया गया कि चुनाव के बजाय स्कूल शिक्षामंत्री पदेन अध्यक्ष होंगे और मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्त व्यक्ति राज्य मुख्य आयुक्त बनाया जाएगा। इसमें भारत स्काउट गाइड ने अलग से कंडिका जोड़ी।
– राघवेन्द्र सिंह – 13 दिसंबर 2025 को आपको मनोनीत किया गया। 10 दिसंबर को पहला टेंडर निकला था। उससे पहले वह कौन सी समिति थी और उसके अध्यक्ष कौन थे, जिसके अनुसार जंबूरी आयोजन तय किया गया।
– गजेन्द्र यादव – छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन की बैठक हुई थी। इसमें राष्ट्रीय मुख्यालय के कार्यकारी अध्यक्ष नया रायपुर और बालोद के दोनों स्थलों का निरीक्षण करने आए थे। उन्होंने बालोद का चयन किया। मेरे अध्यक्ष बनने से पहले ही यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। टेंडर मेरे कहने पर नहीं हुआ, बल्कि राज्य कार्यकारिणी की बैठक में निर्णय लिया गया।
– राघवेन्द्र सिंह – 10 दिसंबर को निकला पहला टेंडर निरस्त कर नया टेंडर किया गया, जिसे 4 जनवरी 2026 को खोला जाना था। लेकिन टेंडर खुलने से पहले ही काम शुरू हो गया और टेंडर खुलने के चार दिन के भीतर ही सारे काम पूरे हो गए। यह कैसे संभव है।
– एमएलए सुशांत शुक्ला – वैसे ही संभव है, जैसे बोरे-बासी दिवस पर भेंट-मुलाकात में होता है।
– राघवेन्द्र सिंह – आप मुद्दे को डायवर्ट मत कीजिए। यह बोरे-बासी का सवाल नहीं है। मेरा सीधा सवाल है कि टेंडर खुलने से पहले काम शुरू हुआ। क्या इस पर विधानसभा की समिति से जांच कराई जाएगी।
– गजेन्द्र यादव – नेशनल का काम अलग था और हमारा काम अलग। उनका काम पहले पूरा हो गया था। हमारा काम 10 तारीख के बाद का था। जांच वहीं होती है, जहां कोई घोटाला हुआ हो।
– चरणदास महंत – पहले भी जब यह सवाल आया था, तब भी स्पष्ट जवाब नहीं मिला था। आज भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा है। मंत्री गुमराह कर रहे हैं, इसलिए हम बहिर्गमन करते हैं।
विधायक विक्रम मंडावी ने उठाया अतिथि शिक्षकों का मुद्दा
– विक्रम मंडावी – अतिथि शिक्षकों को सरकार प्रतिमाह कितना वेतन दे रही है।
– गजेन्द्र यादव – 20 हजार रुपए प्रतिमाह निर्धारित है,जो उनकी उपस्थिति के आधार पर दिया जाता है।
– विक्रम मंडावी – क्या अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए कोई योजना बनाई जा रही है।
– गजेन्द्र यादव – ऐसी कोई योजना नहीं है। हम नियमित शिक्षकों की भर्ती कर रहे हैं, अतिथि शिक्षक अलग श्रेणी में आते हैं।
– विक्रम मंडावी – आपने कहा था कि सरकार बनने के बाद नियमितीकरण किया जाएगा।
– गजेन्द्र यादव – ऐसा कहीं नहीं कहा गया था।
– विक्रम मंडावी – मोदी की गारंटी में नियमितीकरण का वादा किया गया था।
– गजेन्द्र यादव – सदन में ऐसा कुछ भी नहीं कहा गया है।
– उमेश पटेल – आपने 20 हजार रुपए प्रतिमाह और उपस्थिति के आधार पर भुगतान की बात कही है। यदि एक दिन अनुपस्थित रहते हैं तो कितना वेतन काटा जाता है। अतिथि शिक्षकों को एक दिन की भी छुट्टी नहीं मिलती।
– गजेन्द्र यादव – नियमितीकरण उन लोगों का किया जाता है जो डेली वेजेस पर कार्य करते हैं।
– उमेश पटेल – ये भी डेली वेजेस की तरह ही है, क्योंकि भुगतान प्रतिदिन के हिसाब से किया जा रहा है। नियमित कर्मचारियों को छुट्टी मिलती है और उनका वेतन नहीं कटता। मोदी की गारंटी को पूरा करेंगे या नहीं।
– गजेन्द्र यादव – मोदी जी की सभी गारंटी पूरी की जा रही हैं और आगे भी की जाएगी।
– उमेश पटेल – कब तक पूरी करेंगे, इसकी समय सीमा बताएं।
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