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जगदलपुर@बस्तर में 108 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण….

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डंप से 3.61 करोड़ कैश,1 किलो सोना और 101 घातक हथियार बरामद
जगदलपुर,11 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े 108 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें 44 महिला माओवादी भी शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वाले इन माओवादियों पर कुल 3 करोड़ 29 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस मुख्यालय में दी गई जानकारी
बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर के शौर्य भवन पुलिस समन्वय केंद्र में आयोजित पत्रकार वार्ता में पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने इस बड़ी सफलता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नक्सलियों के आत्मसमर्पण से संगठन को बड़ा झटका लगा है और क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
101 घातक हथियार बरामद
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली जानकारी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर सुरक्षा बलों ने कई स्थानों पर कार्रवाई की। इस दौरान अलग-अलग ठिकानों से एके-47, इंसास राइफल,एलएमजी और बीजीएल सहित कुल 101 घातक हथियार बरामद किए गए। इसे नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पुनर्वास अभियान का दिख रहा असर : पुलिस अधिकारियों के अनुसार ‘पुनर्वास से पुनर्जीवन’ अभियान का प्रभाव लगातार दिखाई दे रहा है। इस पहल से प्रेरित होकर पिछले 26 महीनों में छत्तीसगढ़ में कुल 2714 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं।
बस्तर में बढ़ी आत्मसमर्पण की संख्या : आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी 2024 से लेकर 9 मार्च 2026 तक बस्तर संभाग में 2625 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन अपनाया है। इसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों और प्रशासन के प्रयासों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इसी क्रम में ओडिशा के कंधमाल जिले में भी माओवादी संगठन को झटका लगा है। वहां स्टेट कमेटी सदस्य सनू पोटाम उर्फ नीतू सहित 10 माओवादियों ने हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण किया है। इन सभी पर कुल 1 करोड़ 65 लाख 62 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
डंप से मिली भारी मात्रा में नगदी और सोना
सुरक्षा बलों को नक्सलियों के डंप से बड़ी मात्रा में नगदी और सोना भी बरामद हुआ है। एक स्थान से लगभग 3 करोड़ 61 लाख रुपये नकद और करीब 1 किलोग्राम सोना मिला है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 64 लाख रुपये बताई जा रही है।
कई बड़े नक्सली नेताओं ने छोड़ा हथियार
आत्मसमर्पण करने वालों में संगठन के कई प्रमुख सदस्य भी शामिल हैं। इनमें पश्चिम बस्तर डिवीजन के डीवीसीएम राहुल तेलाम, पंडरु कोवासी और झितरु ओयाम, पूर्व बस्तर डिवीजन के डीवीसीएम रामधर उर्फ बीरु, उत्तर बस्तर डिवीजन के डीवीसीएम मल्लेश, पीएलजीए बटालियन नंबर एक के कमांडर मुचाकी और आंध्र-ओडिशा सीमा क्षेत्र के डीवीसीएम कोसा मंडावी जैसे नाम शामिल हैं।


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