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कोंडागांव@सरकारी मक्का प्लांट में भीड़ ने किया हमला…कोंडागांव में दफ्तर-गाडि़यों में तोड़फोड़,फोर्स पर गुलेल से अटैक,कहा- वेस्ट से फसलों को हुआ नुकसान

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कोंडागांव,13 फरवरी 2026। कोंडागांव जिले के कोकोड़ी गांव स्थित मां दंतेश्वरी मक्का प्लांट पर 700-800 ग्रामीणों ने हमला कर दिया। लाठी-डंडे और पत्थर लेकर ऑफिस में घुसकर लोगों ने तोड़फोड़ की है। कैंपस में खड़ी कार, ट्रैक्टर सहित कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों के मुताबिक प्लांट से निकलने वाला वेस्ट खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे फसलें खराब हो रही है। कई बार शिकायत के बाद भी एक्शन नहीं लेने पर लोगों का गुस्सा भड़का है। इस हमले में 10 से 20 लाख रुपए तक के नुकसान का अनुमान है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। गुरुवार रात हमले के बाद आज सुबह ग्रामीणों ने फिर प्लांट में घुसने की कोशिश की तो उन्हें खदेड़ा गया है। कांकेर से भी अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई। प्लांट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। गांव में अभी स्थिति तनावपूर्ण है। ग्रामीण अब दूर से फोर्स पर गुलेल से हमला कर रहे हैं। वहीं, प्लांट पहुंचे महाराष्ट्र के एक ड्राइवर ने कहा कि हमले के दौरान उसने जंगल में छिपकर जान बचाई। अपर कलेक्टर कोंडागांव चित्रकांत चार्ली ठाकुर ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी। फिलहाल, ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर संबंधित प्लांट को एहतियातन बंद कर दिया गया है और जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण प्लांट कोकोड़ी गांव में स्थित है। ग्रामीणों का आरोप है कि मक्का प्लांट से निकलने वाला तरल अपशिष्ट (वेस्ट) उनके खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे फसलें खराब हो रही हैं। किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से प्रशासन को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी नाराजगी के चलते ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से प्लांट का घेराव कर दिया। रातभर गांव के लोगों ने प्लांट को चारों ओर से घेर रखा था। ग्रामीणों ने बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इस दौरान एक वाहन चालक को अपनी जान बचाने के लिए रातभर जंगल में छिपकर रहना पड़ा।
प्रबंधन की भूमिका पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने प्लांट के एमडी विनोद खन्ना पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि प्रबंधन की लापरवाही और नियमित निगरानी के अभाव में समस्या बढ़ती गई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्लांट प्रबंधन समय रहते शिकायतों पर ध्यान देता, तो हालात इस स्तर तक नहीं पहुंचते।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि प्लांट के अधिकारी रायपुर से आते हैं और महीने में केवल एक-दो बार ही निरीक्षण करते हैं, जिससे समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा।
जांच शुरू, प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील
प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रदूषण से जुड़े आरोपों की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
फिलहाल, कोकोड़ी गांव में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।


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