2004 के बाद ऐसा पहली बार,कांग्रेस बोली…जब तक राहुल नहीं बोलेंगे पीएम को नहीं बोलने देंगे
नई दिल्ली,05 फरवरी 2026। बजट सत्र के 7वें दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास हो गया। 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ है। इससे पहले 10 जून 2004 को विपक्ष ने तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह को धन्यवाद प्रस्ताव पर नहीं बोलने दिया था। गुरुवार को लोकसभा शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की। इस पर स्पीकर ने पहली बार 65 सेकंड के भीतर, दूसरी बार 5 मिनट में और तीसरी बार 2 मिनट में कार्यवाही स्थगित कर दी। लोकसभा 3 बजे दोबारा शुरू हुई लेकिन विपक्ष के हंगामे के बाद शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इस बीच कांग्रेस के लोकसभा से निलंबित सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि जब तक लोकसभा में राहुल गांधी को अपनी बात रखने की इजाजत नहीं दी जाती, तब तक विपक्ष पीएम नरेंद्र मोदी को सदन में बोलने नहीं देगा।
राज्यसभा में भी राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने से रोकने के मुद्दे पर हंगामा
राज्यसभा में भी राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने से रोकने के मुद्दे पर हंगामा हुआ। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राहुल को पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित किताब पर नहीं बोलने दिया, मैं उसपर यहां बोलूंगा। इस पर उपसभापति ने उन्हें रोक दिया। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने खड़गे से कहा- राहुल गांधी नियम नहीं मानते, आप उन्हें समझाते क्यों नहीं। जेपी नड्डा ने भी खड़गे से कहा कि राज्यसभा में लोकसभा का मुद्दा नहीं उठा सकते। आप कांग्रेस को अबोध बालक का बंधक न बनने दें।
सांसद डिंपल यादव बोलीं…हर सांसद
को संसद में अपनी बात कहने का हक
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा- डील पर सरकार की तरफ से कोई स्पष्टिकरण नहीं दिया गया है। यह भी साफ नहीं है कि हमारे किसानों के हितों की रक्षा होगी या नहीं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बारे में उन्होंने कहा- अब जब छपी हुई किताब पेश की जा रही है, तो उन्हें ऐसा करने देना चाहिए। हर सांसद को संसद में अपनी बात कहने का हक है।
मनोज झा बोले-नड्डा के पास शब्दों
की कमी छोटी सोच की निशानी
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के विपक्ष के नेता राहुल गांधी को ‘अबोध बालक’ कहने पर आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा- असली मुद्दा यह है कि (जो किताब अभी रिलीज नहीं हुई है) उस किताब ने सरकार को अपना चेहरा छिपाने पर मजबूर कर दिया है। क्या हमने पहले कभी ऐसी स्थिति देखी है, जहां राष्ट्रपति के भाषण पर कोई चर्चा नहीं हुई हो प्रधानमंत्री बोल नहीं पाए। जो व्यक्ति आमतौर पर बोलने के लिए इतना उत्सुक रहता है, उसे इस बार मौका नहीं मिला, क्योंकि उस किताब ने कुछ सच सामने ला दिए। जहां तक नड्डा जी और दूसरे लोग जो कह रहे हैं, वे और क्या कर सकते हैं। उनकी स्कि्रप्ट और शब्द सीमित हैं। नड्डा आलोचना के लिए बेहतर शब्दों का इस्तेमाल कर सकते थे,लेकिन मैं समझता हूं कि शब्दों की कमी राजनीतिक संकीर्ण सोच की निशानी है।
जेपी नड्डा बोले- पार्टी को
अबोध बालक का बंधक न बनाएं
राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि पीएम मोदी कल तैयार बैठे थे, वहां (लोकसभा) जो भी चीजें हुईं, उनका जवाब देने के लिए। आपने सदन ही नहीं चलने दिया। अब यहां भी यही कर रहे हैं। आप बहुत सीनियर हैं। जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए विपक्ष के नेता खड़गे को नसीहत दी कि आप अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक मत बनाइए। उन्होंने कहा कि आप स्वतंत्र रूप से अपनी पार्टी चलाइए। इस पर खड़गे ने कहा कि आपने जो नाबालिग जैसा हिंदी में कुछ कहा वह ठीक नहीं है। आप किसी के बारे में ऐसा नहीं कह सकते। मुझे आप जो पाठ पढ़ा रहे हैं वह ठीक नहीं है। दोनों सदन मिलकर चलते हैं। एक और बात बार-बार मत टोको कि हमारी पार्टी कैसी है। आपकी पार्टी को तो मोदी जी ने बंधक बना रखा है।
प्रियंका बोलीं…राहुल को
बोलने दें…वे डर क्यों रहे….
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा…उन्हें एलओपी को बोलने देना चाहिए। उन्हें राहुल गांधी को बोलने देना चाहिए। वे किस बात से डर रहे हैं। क्या वे इस बात से डर रहे हैं कि वह किसी किताब से कुछ कोट करेंगे। क्या वे इस बात से डर रहे हैं कि हम उन्हें जवाबदेह ठहराएंगे क्योंकि उन्होंने यह ट्रेड डील की है, जिसके तहत सभी किसानों की जिंदगी बर्बाद होने वाली है।
राज्यसभा में पीएम बोले…कांग्रेस के वक्त डील
यानी बोफोर्स घोटाला,ये मोहब्बत की दुकान मोदी की कब्र खोदने की बात करती है,विपक्ष का वॉकआउट
नई दिल्ली,०५ फरवरी २०२६। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। स्पीच के दौरान विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी को बोलने दिया जाए, तानाशाही नहीं चलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि खड़गेजी की उम्र देखते हुए उन्हें बैठकर नारे लगाने की इजाजत दी जाए। इसके बाद विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। प्रधानमंत्री ने एक घंटा 27 मिनट भाषण दिया। मोदी ने कहा कि ये कौन सी मोहब्बत की दुकान है, जो मोदी की कब्र खोदने की बात करते हैं। ये सार्वजनिक जीवन की मर्यादा का अपमान नहीं है। पीएम बोले- टीएमसी, कांग्रेस, लेफ्ट, डीएमके दशकों से केंद्र में सत्ता का हिस्सा रहे। उनकी पहचान क्या बनी, उनके वक्त डील के नाम पर बोफोर्स याद आता है। आज डील की चर्चा गौरव से होती है।
पीएम बोले- 25 करोड़ लोगों
ने गरीबी को पीछे छोड़ा
पीएम ने कहा कि आज 25 करोड़ लोगों ने गरीबी को पीछे छोड़ा है। आज वे हमारे साथ चल रहे हैं। 2014 के पहले रेलवे क्रॉसिंग से स्कूल की बस जाती थीं, 20-20 बच्चों की मौत खबर आती थी। हमने सारे क्रॉसिंग बंद की इसलिए ये मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं। पीएम मोदी ने कहा- 2014 से पहले 18 हजार गांव ऐसे थे, जिनको बिजली का मतलब नहीं पता था। हमने वहां बिजली वहां पहुंचाई इसलिए ये मोदी की कब्र खोदने के सिवाय कोई रास्ता नहीं दिखता।
पीएम ने कहा- कांग्रेस ने परिवार
के लिए देश को दांव पर लगाया
पीएम ने कहा कि मोहब्बत की दुकान में जो आग भरी पड़ी है, उसका परिणाम है इसलिए ये मोदी की कब्र खोदने का नारा लेकर चल रहे हैं। कांग्रेस के शाही परिवार को देश ने दशकों तक अवसर दिया देश ने अपना भविष्य दांव पर लगाया, लेकिन आपने परिवार के लिए देश को दांव पर लगाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि लाल किले से गरीबी हटाओ का नारा लगाया गया, लेकिन गरीबी हटाने के लिए क्या किया किसी ने नहीं बताया। मैं देश के गरीबों को सलाम करता हूं, उन्होंने हमारी नीतियों पर नीयत पर भरोसा किया और अपने आप को खपाने में कोई कमी नहीं रखी।
पीएम बोले- मैं रोज 2 किलो गाली खाता हूं
पीएम ने कहा कि मेरे से किसी ने पूछा मोदी जी आपके स्वास्थ्य का क्या राज है, मैंने कहा रोज 2 किलो गाली खाता हूं। ये मोदी की कब्र क्यों खोदना चाहते हैं, ये सिर्फ नारा नहीं है ये उनके भीतर का प्रतिबिम्ब है क्यों कि हमने 370 की दीवार गिरा दी, इसलिए मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं।
मोदी ने कहा- हमने नार्थ ईस्ट में शांति लेकर आए , पाकिस्तानी आतंकियों को घर में घुसकर जवाब देते हैं। आपरेशन सिंदूर करते हैं इसकी उनको परेशानी होती है, इसलिए वे मोदी की कब्र खोदते हैं। माओवादी आतंक से निपटने के लिए कदम उठाते हैं, हमने सिंधू जल समझौते को हटा दिया इसलिए वे मोदी की कब्र खोदते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की परेशानी कुछ और है ये पचा नहीं पा रहे कि मोदी यहां तक पहुंचा कैसे और पहुंचा तो पहुंचा अब तक टिका कैसे। ये तो मानकर बैठे थे प्रधानमंत्री पद इनके परिवार की जागीर है।
’मोहब्बत की दुकान वाले मोदी तेरी कब्र खुदेगी के नारे लगा रहे’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैसे कांग्रेस के साथियों का हमारा विशेष प्रेम है। मुझे जो जिम्मेदारी मिली है, उसके तहत विकसित भारत की जमीन मजबूत कर रहे हैं। उसके ताकत दे रहे हैं। एक तरफ देश के युवाओं के लिए मजबूत जमीन तैयार कर रहा हूं, वहीं कांग्रेस मोदी की कब्र खोदने की तैयारी कर रही है। पीएम ने कहा- मोहब्बत की दुकान खोलने वाले मोदी तेरी कब्र खुदेगी के नारे लगा रहे हैं। ये कौन सी दुकान है जो देश के किसी नागरिक की कब्र खोदने की बात करते हैं। ये कौन से संविधान से सीखा है, जो देश के किसी नागरिक की कब्र खोदने की बात करते हैं। मोदी ने कहा कि इसके बाद कहेंगे देखो प्रधानमंत्री राज्यसभा में रो रहा है, ये लोग किस प्रकार के संस्कार से पले बढ़े हैं। मेरे लिए अनुभव बुरा रहा है, 2002 से जब वे विपक्ष में थे, 2004 से जब वे सत्ता में थे तब से और 2014 से संसद का कोई सत्र नहीं गया जब मोदी को गाली न दी हो।
कांग्रेस ने भारत रत्न भूपेन हजारिका का अपमान किया
पीएम ने कहा कि देश के लोकतंत्र के मंदिर को अपमान करना गलत है, स्पीकर के मुंह पर कागज फेंके गए। कल दोबारा किया, उस समय आंध्र के दलित परिवार का बेटा कुर्सी पर बैठा था। पहले नॉर्थ ईस्ट का अपमान किया, फिर दलित का अपमान किया। वो दलित समाज से आते हैं इसिलए आप अपमान करते हैं। पीएम मोदी ने कहा- कांग्रेस के लोगों में असम की जनता के प्रति नफरत है, भारत रत्न भूपेन हजारिका का इन्होंने अपमान किया। हमारा सौभाग्य था कि हमने उन्हें सम्मान दिया। इस पर भी इनको ऐतराज है। ये बोले वो तो सिंगर थे, ये लोग किसी का अपमान करने के पीछे नहीं रहते हैं। हजारिका का अपमान असम का अपमान है, वो कभी नहीं भूलेगा।
पीएम बोले- कांग्रेस ने राष्ट्रपति का अपमान किया
पीएम ने कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रपति का अपमान किया, कल लोकसभा में भी राष्ट्रपति के भाषण पर चर्चा नहीं हो पाई। इन्होंने उनके पद का अपमान किया। गरीबी से निकली हुई एक महिला का अपमान किया। आपने आदिवासियों का अपमान किया है। पीएम ने कहा- अरुणाचल और असम को जोड़ने वाला ब्रिज कितने सालों तक लटका रहा है, उसे हमने पूरा किया। हमारी सोच है कि देशवासियों को भरोसा है हम पर कि कितनी भी चुनौतियां उनका हम समाधान कर सकते हैं
पीएम बोले- कांग्रेस देश के लोगों को समस्या मानते हैं
पीएम ने कहा कि भाजपा हो, हृष्ठ्र हो, समस्या को हल करने के लिए हमारी और कांग्रेस की अप्रोच में जमीन-आसमान का अंतर है। देश के नौजवानों पर हमें भरोसा है। कांग्रेस देशवासियों को ही समस्या मानती है। किस प्रकार से ये लोग सोचते थे। देश के लोगों के बारे में नेहरू और इंदिरा जी की सोच क्या थी। एक बार इंदिरा जी ईरान में भाषण दे रही थी। उन्होंने नेहरूजी के साथ बातचीत का उल्लेख किया। ‘जब किसी ने मेरे पिता जी से पूछा कि उनके सामने कितनी समस्याएं हैं तो उन्होंने कहा 35 करोड़।’ उस समय हमारे देश की जनसंख्या 35 करोड़ थी। इंदिरा जी ने आगे कहा- आज देश की जनसंख्या 57 करोड़ है। मेरी समस्याओं की संख्या भी इतनी ही बड़ी है। कोई ऐसा हो सकता है कि अपने देश के लोगों को समस्या मानें। ये लोग भारत के लोगों को समस्या मानते हैं।
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