Breaking News

बिलासपुर@ बेरोजगार पति को ताने मारना मानसिक क्रूरता

Share

प्रिंसिपल बनने के बाद बदला पत्नी का व्यवहार
हाईकोर्ट ने मंजूर की तलाक की अपील,फैमिली कोर्ट का आदेश निरस्त
बिलासपुर,19 अगस्त 2025(ए)।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तलाक के केस में महत्वपूर्ण फैसला दिया है। जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस एके प्रसाद की डिवीजन बेंच ने कहा है कि बेरोजगार पति को ताना मारना मानसिक कू्ररता की श्रेणी में आता है। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए पति की तलाक की अर्जी मंजूर कर ली है। दरअसल, भिलाई निवासी अनिल कुमार सोनमणि उर्फ अनिल स्वामी पेशे से वकील हैं। उनकी शादी 26 दिसंबर 1996 को हिंदू रीति रिवाज से हुई थी। शादी के बाद सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन समय के साथ पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगा। इस दौरान उनके दो बच्चे भी हो गए। अब उनकी बेटी 19 साल और बेटा 16 साल का है। इसी दौरान पति ने अपनी पत्नी को पीएचडी कराया, जिसके बाद वो प्रिंसिपल की नौकरी जॉइन की। वकील पति का आरोप है कि प्रिंसिपल बनने के बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया और वह अक्सर छोटी-छोटी बातों पर विवाद करने लगी। कोरोना काल में बेरोजगार हो गया पति कोरोना काल में जब कोर्ट बंद हो गए थे, इससे पति की वकालत से आय भी बंद हो गई। ऐसे में प्रिंसिपल पत्नी ने बेरोजगार पति को ताने मारना शुरू कर दिया। बात-बात पर झगड़ा कर पति को अपमानित भी करने लगी। जिससे पति मानसिक तनाव में आ गया।


Share

Check Also

बलरामपुर @ पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

Share कलेक्टर और एसपी ने शहीद परिजनों को शॉल-श्रीफल भेंटकर किया सम्मानित,समस्याओं के निराकरण का …

Leave a Reply