अंबिकापुर,25 जुलाई 2025 (घटती-घटना)। मणिपुर स्थित संत गहिरा गुरु आश्रम में श्रावण अमावस्या के अवसर पर संत गहिरा गुरु की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर नगर निगम अंबिकापुर के सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत गहिरा गुरु,जिनका जन्म रायगढ़ जिले के गहिरा गांव में हुआ था,एक महान संत और समाज सुधारक थे। उन्होंने वनवासी समाज के उत्थान के लिए जीवन समर्पित कर दिया और सामाजिक कुरीतियों को मिटाने में अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जनजाति गौरव युवा समाज के प्रदेश अध्यक्ष इन्दर भगत ने बताया कि संत गहिरा गुरु ने मात्र सात वर्ष की उम्र में साधना शुरू की थी। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी योगदान दिया। संस्कृत विद्यालय और महाविद्यालय की स्थापना कर लोगों को शिक्षा से जोड़ा। सरगुजा संभाग का एकमात्र विश्वविद्यालय उनके नाम पर स्थापित है, जो उनके योगदान को सम्मानित करता है। समारोह को पार्षद सालेम केरकेट्टा, किरण साहू, अशोक सोनवानी और विधायक प्रतिनिधि सुरेश मालिक ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। संचालन यदुवंश केरकेट्टा और राम बिहारी सिंह पैंकरा ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और वार्डवासी उपस्थित रहे।
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