अम्बिकापुर 02 जुलाई 2025 (घटती-घटना)। केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल अंबिकापुर में पदस्थत उप निरीक्षक से 22 लाख रुपए ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। उसने मामले की रिपोर्ट गांधीनगर थाने में दर्ज कराई है। पुलिस अज्ञात के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार आर महेन्द्रन पिता के रामास्वामी उम्र 55 वर्ष केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल अंबिकापुर में उपनिरिक्षक के पद पर पदस्थ है। 5 जून की सुबह करीब 9.23 बजे सीआरपीएफ कैंप अंबिकापुर में था। तभी अज्ञात व्यक्ति इसके मोबाइल पर फोन कर बताया कि टेलीकॉम डिपार्टमेंट गोर्वमेंट ऑफ इंडिया दिल्ली से रविशंकर बोल रहा हूं। आपके आधार से सीम कार्ड लिया गया है और उक्त सीम से गैर कानूनी काम हो रहे हैं। सीम को दो घंटे में बंद कर दिया जाएगा और इसकी रिपोर्ट दिल्ली पुलिस में की जा रही है। कुछ देर बाद पुन: दिल्ली पुलिस के नाम पर एक व्यक्ति ने फोन कर सीआरपीएफ एसआई का नाम पूछा। इसके बाद इसके मोबाइल पर वीडिया कॉल किया। सामने वाला व्यक्ति पुलिस यूनिफॉर्म में था। आपना आइडी दिखाते हुए कहा कि आपके आधार से बैंक ऑफ बॉरोदा नेहरू पैलेस दिल्ली में 23 जनवरी 2025 को खाता खोला गया है। जिसमें गैर-कानूनी रुपयों का लेन-देन हो रहा है। सीआरपीएफ जवान ने बताया कि वह मेरा खाता नहीं है। इसके बाद सामने वाला व्यक्ति ने कहा कि इस खाते में लगभग 2 करोड़ रुपए का लेन देन हुआ है। मामले में पकड़ा गया आरोपी बताया है कि खातेधारक को 10 प्रतिशत दिया गया है। फ्रॉड ने कहा कि आपके खाते का वेरिफिकेशन होगा। सामने वाला व्यक्ति आरबीआई का अलग-अलग खाता नंबर देकर वेरिफकेशन के नाम पर रुपए ट्रांजेक्शन करने को कहा। वेरिफिकेशन के बाद 72 घंटे के अंदर रुपए वापस खाते में भेज दिया जाएगा। फिर इसी वीडिया कॉल पर डीसीपी सीबीआई के नाम पर दूसरा व्यक्ति बात करने लगा। इसने सीआरपीएफ जवान को एक खाता नंबर दिया। और उसमें 49 हजार 999 रुपए 6 जून को डालने के लिए बोला। सीआरपीएफ एसआई ने दिए गए खाते में सैलरी अकाउंट से ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद सामने वाला व्यक्ति ने सीआरपीएफ जवान को कहा कि तुम्हारे खाते में जितना पैसा है उसका वेरिफिकेशन किया जाएगा। सीआरपीएफ जवान ने डर से अपने खाते का 2 लाख 54 हजार 648 रुपए दिए गए अलग-अलग खाते में ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद फ्रॉड द्वारा 8 जून को पुनः फोन कर सीआरपीएफ एसआई को बताया गया कि वेरिफिकेशन में 17 हजार आराधी के खाते से मैच करता है। जिसमें आपके खिलाफ मनी लॉन्डि्रंग का केस बनता है। और आज शाम तक गिरफ्तारी की जाएगी। फिर भी आपको बचाने की कोशिश की जागएगी। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में बात करूंगा। इसके बाद फोन कट कर दिया और थोड़ी देर बाद पुनः कॉल कर बताया गया कि तुम कल तक 10 लाख रुपए का इंतेजाम करो और तुम्हारे परिवार का खतरा हो सकता है इस बात को किसी से मत बताना। सीआरपीएफ डर से किसी को नहीं बताया और हर घंटे व्हाट्सऐप पर अपना रिपोर्ट देते रहना। 9 जून को पुनः फोन आया और कहा गया कि रुपए की व्यवस्था हुई की नहीं। सीआरपीएफ एसआई के मना करने पर कहा गया कि 10 लाख नहीं दोगे तो बेल नहीं हो पाएगा और शाम तक गिरफ्तारी कर ली जाएगी। डर से सीआरपीएफ जवान ने पत्नी का जेवर बैंक में गिरिवी रखवाकर दस लाख रुपए दिए गए खाते नंबर में ट्रांसफर करवाया। 10 जून को पुनः फोन कर बताया गया कि बेल मिल गया है। सामने वाला व्यक्ति ने बेल नोटिस सीआरपीएफ जवान के व्हाट्सऐप पर भेजा। इसके बाद 11 जून को पुनः फ्रॉड ने सीआरपीएफ जवान को फोन कर बताया कि तुम्हारा व तुम्हारे परिवार के सदस्यों का एफडी व इंसोरेंश का भी वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसके लिए 7 लाख रुपए व्यवस्था करने को बोला गया। तभी छुटकारा मिलने की बात कही गई। सीआरपीएफ एसआई ने डर कर अपने बेटे का एफडी तोडकर 5 लाख 11 सौ 40 रुपए दिए गए खाते में ट्रांसफर करा दिया। इसके बाद फ्रॉडों ने कहा कि वेरिफिकेशन के बाद आपके सारे रुपए वापस जिस-जिस खाते से आए हैं कर दिया जाएगा। केवल 18 हजार रुपए वापस नहीं किए जाएंगे। क्योंकि ये रुपए अपराधी के बातों से मैच कर रहा है। इसके बाद फ्रॉड का मोबाइल बंद हो गया। सीआरपीएफ एसआई को ठगी होने का एहसास हुआ। इसके बाद उसने मामले की रिपोर्ट गांधीनगर थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात मोबाइल धारकों के खिलाफ धारा 66 (डी) व 118 (4) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur