@ क्या उनका पॉवर इतना नहीं कि वह प्रभारी डीपीएम सूरजपुर व अपने ओएसडी पर कार्यवाही कर सकें…?
@ प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री का पॉवर घटती-घटना समाचार-पत्र का दफ्तर तोड़ने तक ही नजर आया…
-रवि सिंह-
रायपुर/अंबिकापुर, 04 अगस्त 2024 (घटती-घटना)। 1977 में एक मूवी आई थी जिसका नाम था चाचा भतीजा उसका एक गीत था बुरे काम का बुरा नतीजा चल भाई चाचा और भतीजा जो गीत सभी को बहुत पसंद आता था यह गीत आज एक बार फिर ताजा नजर आ रही है वह भी स्वास्थ्य विभाग के मामले में चाचा -भतीजा जोड़ी काफी सुर्खियों में है क्या स्वास्थ्य विभाग में भी चाचा-भतीजा जोड़ी विष्णु देव साय की छवि को धूमिल करने के लिए काफी है। कुछ उसी तर्ज पर स्वास्थ्य विभाग चल रहा है और बुरे काम का बुरा नतीजा सरकार भुगतना पड़ेगा। 28 जुलाई 2024 को सुबह 5 बजे वह भी रविवार का दिन होने के बावजूद प्रदेश सरकार के निर्देश पर खासकर स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर सरगुजा जिले का जिला प्रशासन कई बुलडोजर लेकर दैनिक घटती -घटना समाचार-पत्र के कार्यालय पहुंचता है वहीं इस दौरान जिले के राजस्व विभाग के कई आला अधिकारी वहीं जिले का एक बड़ा पुलिस अमला भी उस दौरान साथ होता है जो समाचार-पत्र के कार्यालय और संपादक के प्रतिष्ठान को जमीदोंज करते हैं और फिर आत्म संतुष्ट होकर लौट जाते हैं जैसे उन्होंने कोई जंग जीत ली हो या किसी पड़ोसी देश के कब्जे से कोई कब्जा की गई जमीन छुड़ा ली हो। वैसे सरगुजा जिला प्रशासन खासकर राजस्व अमला इसलिए दैनिक घटती-घटना समाचार पत्र के कार्यालय और उसके संपादक के प्रतिष्ठान के पीछे पड़ा था उसे जमीदोंज करना चाहता था क्योंकि दैनिक घटती-घटना स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य मंत्री उनके एक तथाकथित भतीजे जो पहले कोरिया जिले में प्रभारी डीपीएम था वर्तमान में सूरजपुर जिले में प्रभारी डीपीएम है जिसकी डिग्री फर्जी है ऐसी शिकायत है वहीं स्वास्थ्य मंत्री का एक ओएसडी राज्य प्रशासनिक सेवा का अधिकारी जो फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र के आधार पर नौकरी कर रहा है जिसकी शिकायत खुद नामजद रूप में दिव्यांग संघ कर रहा है को लेकर लगातार समाचार प्रकाशित कर रहा था वहीं वह कार्यवाही की मांग कर रहा था, स्वास्थ्य मंत्री को आगाह कर रहा था जिससे वह क्षुब्ध थे और उन्होंने समाचार-पत्र का शासकीय विज्ञापन बंद करा दिया था और जब इसका विरोध कलम बंद अभियान चलाकर दैनिक घटती -घटना ने जारी किया स्वास्थ्य मंत्री बौखला गए और अपनी पॉवर दिखाने आतुर हो गए और उन्होंने पहले अपने तथाकथित भतीजे से जो शिकायत अनुसार फर्जी डिग्री के आधार पर प्रभारी डीपीएम है स्वास्थ्य विभाग में से दैनिक घटती-घटना कार्यालय और संपादक के प्रतिष्ठान की भूमि की शिकायत कराते हैं और फिर उसके आधार पर नया कानून सरकार से लागू करवाते हैं और उसके आधार पर दैनिक घटती-घटना कार्यालय और संपादक के प्रतिष्ठान को बिना समय प्रदान किए जमीदोंज कराते हैं। वैसे स्वास्थ्य मंत्री इस काम में अपनी पूरी ताकत लगाते हैं और दैनिक घटती-घटना के कार्यालय और संपादक के प्रतिष्ठान को जमींदोज करके ही वह चैन की सांस ले सके लेकिन वहीं यदि उनके उस ओएसडी जो दिव्यांग प्रमाण-पत्र के आधार पर राज्य प्रशासनिक सेवा का अधिकारी है वहीं उनका तथाकथित भतीजा जो फर्जी डिग्री के आधार पर प्रभारी डीपीएम है कई वर्षों से वहीं भ्रष्टाचार के भी जिसके ऊपर आरोप हैं उनके ऊपर कोई कार्यवाही कर पाने का पॉवर स्वास्थ्य मंत्री में नहीं है ऐसा प्रतीत होने लगा है क्योंकि वह इस मामले में मौन हैं। वैसे एक शोक संतप्त संपादक के यहां शोक संवेदना देने पहुंचने की बजाए शोक समय को अपने लिए अवसर बनाना स्वास्थ्य मंत्री लिए आसान रास्ता था संपादक का विरोध कलम बंद वाला रुकवाने के लिए जिसका उन्होंने भरपूर फायदा उठाया लेकिन फिर भी वह कलम बंद अभियान नहीं रुकवा सके और न ही अपनी पॉवर वह दोषियों पर कार्यवाही में ही जता सके। वैसे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जी ने जिस तत्परता से सत्य प्रकाशित करने वाले समाचार पत्र पर केवल इसलिए जमीदोंज कराने की उसके कार्यालय को संपादक के प्रतिष्ठान को कार्यवाही कराई विज्ञापन उसका रुकवाया शासकीय यदि वह उसकी जरा सी भी तत्परता दिखाते वह फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र वाले अपने ओएसडी पर कार्यवाही कर सकते थे अपने फर्जी डिग्री के आरोप वाले भतीजे पर कार्यवाही कर सकते थे जिसके लिए कानून उन्हे कोई नया नहीं बनाना पड़ता उपलब्ध कानूनी प्रक्रिया का ही पालन कर ऐसा संभव हो जाता जबकि दैनिक घटती-घटना के विरुद्ध कार्यवाही के लिए उन्हें कानून बनाना पड़ा। क्या स्वास्थ्य मंत्री जी अपना पॉवर अब भतीजे के लिए ओएसडी के लिए इस उद्देश्य से इस्तेमाल करेंगे की उनकी नौकरियों और उनके प्रमाण पत्रों की जांच हो वह भी जल्द और जल्द कार्यवाही हो?
क्या बुरे काम का बुरा नतीजा…चल भाई चाचा और भतीजा…
क्या यह गीत.. छत्तीसगढ़ प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में सटीक बैठ रहा है…
1977 में एक मूवी आई थी जिसका नाम था चाचा भतीजा उसका एक गीत था बुरे काम का बुरा नतीजा चल भाई चाचा और भतीजा जो गीत सभी को बहुत पसंद आता था यह गीत आज एक बार फिर ताजा नजर आ रही है वह भी स्वास्थ्य विभाग के मामले में चाचा भतीजा जोड़ी काफी सुर्खियों में है क्या स्वास्थ्य विभाग में भी चाचा भतीजा जोड़ी विष्णु देवता की छवि को धूमिल करने के लिए काफी है कुछ उसी तर्ज पर स्वास्थ्य विभाग चल रहा है और बुरे काम का बुरा नतीजा सरकार भुगतना पड़ेगा।
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