हॉस्टल,पीजी,कोचिंग सेंटर,स्कूल व बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश,अवैध-मिलावटी शराब के खिलाफ संयुक्त अभियान और सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी
-संवाददाता-
बैकुण्ठपुर,11 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद कोरिया जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है,कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने जिले के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय संभावित जोखिमों की पहले से पहचान कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए,कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है,इसलिए सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। हॉस्टल से लेकर बड़े शैक्षणिक भवनों तक तत्काल निरीक्षण-कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को जिले के हॉस्टल,पीजी,कोचिंग सेंटर,स्कूल, छात्रावास,आंगनबाड़ी केंद्र,स्वास्थ्य केंद्रों तथा बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण कराने और आवश्यकतानुसार सेफ्टी ऑडिट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, निरीक्षण के दौरान केवल भवन की सामान्य स्थिति देखने के बजाय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जांच करने को कहा गया है, इनमें भवन की संरचनात्मक स्थिति, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा, आपातकालीन निकासी मार्ग तथा विद्यार्थियों और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े अन्य आवश्यक मानक शामिल हैं, कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण के दौरान यदि कोई भवन जर्जर, असुरक्षित अथवा जोखिमपूर्ण स्थिति में पाया जाता है तो उसकी वास्तविक स्थिति का तत्काल आकलन किया जाए और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।
सिर्फ कमी चिन्हित नहीं,निराकरण भी सुनिश्चित करें- कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया कि निरीक्षण की प्रक्रिया केवल कमियां गिनाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए,जहां भी सुरक्षा संबंधी खामियां सामने आएं, वहां सुधारात्मक कार्रवाई की समय-सीमा तय कर उसके पालन की नियमित समीक्षा की जाए, उन्होंने कहा कि बच्चों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े संस्थानों में छोटी सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम दे सकती है। इसलिए संभावित खतरे की पहचान होते ही उसे दूर करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
घटना के बाद कार्रवाई नहीं, पहले जोखिम की पहचान जरूरी-कलेक्टर श्रीमती यादव ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासन की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिसमें दुर्घटना होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय दुर्घटना की संभावना को पहले ही समाप्त किया जा सके, इसके लिए संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं, विशेष रूप से विद्यार्थियों से जुड़े संस्थानों, छात्रावासों और सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
अवैध और मिलावटी शराब के खिलाफ संयुक्त अभियान
समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने जिले में अवैध एवं मिलावटी शराब के निर्माण,बिक्री, भंडारण और परिवहन के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए,उन्होंने आबकारी विभाग,पुलिस और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ संयुक्त अभियान चलाने को कहा, संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित जांच और निगरानी बढ़ाने के साथ ही अवैध शराब की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई करने को कहा गया है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी
दूसरे राज्यों से जिले में अवैध शराब की संभावित आवक को रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों और प्रमुख परिवहन मार्गों पर विशेष निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं,पुलिस और आबकारी विभाग को समन्वय के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने तथा आवश्यकता के अनुसार संयुक्त जांच और कार्रवाई करने को कहा गया है। इससे अवैध शराब के परिवहन और आपूर्ति की संभावनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने का प्रयास किया जाएगा।
लापरवाही मिलने पर तय होगी जिम्मेदारी…
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि शासन के निर्देशों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी, उन्होंने कहा कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रशासन की प्राथमिकता तत्परता, सतत निगरानी और समय पर कार्रवाई होनी चाहिए। संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का तत्काल पालन सुनिश्चित करने तथा की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब असली परीक्षा अमल की…
प्रशासन के निर्देशों के बाद जिले में जोखिमपूर्ण भवनों की स्थिति, विशेषकर बच्चों और विद्यार्थियों से जुड़े संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी, निरीक्षण कितने भवनों में हुआ,कितने भवनों में खामियां मिलीं और चिन्हित खामियों को कितनी समय-सीमा में दूर किया गया—यह आने वाले दिनों में प्रशासनिक कार्रवाई की वास्तविक तस्वीर सामने लाएगा।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur