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अम्बिकापुर@ कलेक्ट्रेट उद्यान में रोपा गया दुर्लभ ‘दहिमन’ का पौधा

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सरगुजा प्रेस क्लब की पहल,पौधा प्रेमी प्रशांत सिंह चीकू ने शहडोल से लाकर उपलब्ध कराया
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,11 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)।
दुर्लभ और उपयोगी माने जाने वाले दहिमन वृक्ष के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में सरगुजा प्रेस क्लब ने पहल की है। प्रेस क्लब के तत्वावधान में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित उद्यान में दुर्लभ दहिमन के पौधे का रोपण किया गया। पौधा मध्यप्रदेश के शहडोल से लाकर शहर के बाबूपारा निवासी प्रकृति एवं पौधा प्रेमी प्रशांत सिंह चीकू ने उपलब्ध कराया। पौधारोपण के अवसर पर सांसद चिंतामणि महाराज, लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज और कलेक्टर अजीत वसंत सहित पत्रकार एवं प्रकृति प्रेमी मौजूद रहे। कलेक्ट्रेट परिसर के उद्यान को दुर्लभ पौधे के संरक्षण के लिए उपयुक्त स्थान मानते हुए कलेक्टर से चर्चा के बाद यहां पौधा रोपा गया। रोपण के तत्काल बाद पौधे की सुरक्षा के लिए घेरा भी तैयार किया गया।
पत्तियों पर उभरते हैं लिखावट जैसे निशान : प्रशांत सिंह चीकू ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और पत्रकारों को दहिमन वृक्ष की विशेषताओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दहिमन को वैज्ञानिक रूप से ष्टशह्म्स्रद्बड्ड द्वड्डष्द्यद्गशस्रद्बद्ब नाम से जाना जाता है। इसे दहिपालश और सीतापत्र जैसे नामों से भी जाना जाता है। इस वृक्ष की खास विशेषता इसकी पत्तियां हैं। पत्ती की सतह पर किसी नुकीली वस्तु से खरोंचने के बाद कुछ समय पश्चात निशान गहरे दिखाई देने लगते हैं। इसी विशेषता के कारण इसे कई जगह ‘राइटिंग लीफ ट्री’ के नाम से भी जाना जाता है। यह मध्य भारत के कुछ वन क्षेत्रों में पाया जाता है और इसकी दुर्लभता को देखते हुए संरक्षण की आवश्यकता बताई जाती है।
औषधीय उपयोग की मान्यता,शोध की जरूरत : पौधा प्रेमी प्रशांत सिंह चीकू ने बताया कि स्थानीय और आदिवासी परंपराओं में दहिमन वृक्ष के विभिन्न हिस्सों के औषधीय उपयोग का उल्लेख मिलता है। हालांकि इन औषधीय दावों की वैज्ञानिक पुष्टि और प्रभावशीलता के लिए अधिक शोध की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दुर्लभ प्रजाति होने के कारण इसके पौधों को संरक्षित कर अधिक से अधिक स्थानों पर विकसित करने की जरूरत है। कलेक्टर अजीत वसंत ने कलेक्ट्रेट उद्यान एवं बायोटेक पार्क के प्रभारी डॉ. प्रशांत शर्मा को पौधे की नियमित देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी है। कलेक्ट्रेट परिसर में लगाया गया यह पौधा आने वाले समय में दुर्लभ वृक्षों के संरक्षण और लोगों में प्रकृति के प्रति जागरूकता का केंद्र भी बन सकता है। प्रेस क्लब की यह पहल केवल एक पौधा लगाने तक सीमित नहीं, बल्कि दुर्लभ स्थानीय वनस्पतियों के संरक्षण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी देती है।


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