- छत्तीसगढ़ की बेटी इशिता पांडे ने बढ़ाया शिक्षा जगत का मान,ऑक्सफोर्ड में होंगी शामिल
- 9,400 शिक्षकों में चमकीं इशिता पांडे,अब ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में विशेष प्रशिक्षण
- झगराखंड से ऑक्सफोर्ड तक पहुंचीं शिक्षिका इशिता पांडे
- ‘इंडियाज बेस्ट टीचर्स अवॉर्ड्स 2026’ की राष्ट्रीय विजेता बनीं इशिता पांडे
- कंप्यूटर साइंस के नवाचार ने दिलाई राष्ट्रीय पहचान, अब ऑक्सफोर्ड का बुलावा
- राष्ट्रीय मंच पर झगराखंड का गौरव, इशिता पांडे को ऑक्सफोर्ड में प्रशिक्षण का अवसर
-संवाददाता-
मनेन्द्रगढ़,11 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। केंद्रीय विद्यालय SECL झगराखंड की कंप्यूटर साइंस शिक्षिका इशिता पांडे ने शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले सहित छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें ‘इंडियाज बेस्ट टीचर्स अवॉर्ड्स 2026’ में सरकारी स्कूल श्रेणी के अंतर्गत कंप्यूटर साइंस विषय की राष्ट्रीय विजेता चुना गया। यह सम्मान शिव नादर फाउंडेशन और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के Saïd Business School से जुड़े प्रतिष्ठित कार्यक्रम के तहत प्रदान किया गया। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में देशभर के 32 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से 9,400 से अधिक शिक्षकों ने नामांकन कराया था। कड़ी चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों से गुजरने के बाद इशिता पांडे ने राष्ट्रीय विजेताओं में स्थान बनाया।
अब ऑक्सफोर्ड में मिलेगा विशेष प्रशिक्षण का अवसर- राष्ट्रीय विजेता बनने के बाद इशिता पांडे को University of Oxford ·Ô¤ Saïd Business School में आयोजित एक सप्ताह के विशेष शैक्षणिक एवं नेतृत्व कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिलेगा, इसके साथ ही वह पांच सप्ताह के ऑनलाइन प्रोफेशनल डेवलपमेंट कार्यक्रम का भी हिस्सा बनेंगी, यह कार्यक्रम उनके लिए न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक अनुभव हासिल करने का अवसर होगा, बल्कि शिक्षा में नेतृत्व, नवाचार और आधुनिक तकनीक के उपयोग से जुड़े नए आयामों को समझने का अवसर भी प्रदान करेगा।
CS Labs सॉफ्टवेयर को अंतरराष्ट्रीय जूरी ने सराहा- राष्ट्रीय फाइनल के दौरान इशिता पांडे द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को अंतरराष्ट्रीय जूरी की विशेष सराहना मिली, विशेष रूप से उनके द्वारा विकसित CS Labs सॉफ्टवेयर को उल्लेखनीय नवाचार के रूप में देखा गया,अंतरराष्ट्रीय जूरी की सदस्य डॉ. क्रिस्टीना यान झांग और कैरी लोमास ने उनके कार्य की सराहना की,डॉ. झांग नेCS Labs सॉफ्टवेयर को आगे व्यापक स्तर पर ले जाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए, उन्होंने इशिता पांडे को इस नवाचार के लिए बौद्धिक संपदा संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ने, एजुकेशन ग्रांट प्राप्त करने तथा सॉफ्टवेयर को बड़े स्तर पर विद्यार्थियों और शिक्षकों तक पहुंचाने के प्रयास करने का सुझाव दिया,यह सराहना इस बात को रेखांकित करती है कि विद्यालय स्तर पर तकनीक के माध्यम से किए जा रहे उनके प्रयोग को राष्ट्रीय मंच पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच भी पहचान मिली है।
तकनीक आधारित शिक्षा को बनाया नवाचार का माध्यम– कंप्यूटर साइंस जैसे तकनीकी विषय को विद्यार्थियों के लिए अधिक प्रयोगात्मक और रोचक बनाने की दिशा में इशिता पांडे द्वारा किए जा रहे प्रयासों को उनकी इस उपलब्धि का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है, उनके नवाचारों का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय उन्हें प्रयोग, तकनीक और समस्या समाधान आधारित सीखने से जोड़ना है। इसी दृष्टिकोण के तहत विकसित ष्टस् रुड्डड्ढह्य सॉफ्टवेयर को भी राष्ट्रीय फाइनल में विशेष पहचान मिली।
केंद्रीय विद्यालय संगठन में भी खुशी- इशिता पांडे की इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर केंद्रीय विद्यालय संगठन के रायपुर संभाग, केंद्रीय विद्यालय स्श्वष्टरु झगराखंड के विद्यालय परिवार और स्थानीय समुदाय ने हर्ष व्यक्त किया है, विद्यालय परिवार ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताते हुए इशिता पांडे को शुभकामनाएं दीं। शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच भी उनकी उपलब्धि को लेकर उत्साह है।
9,400 से अधिक शिक्षकों के बीच राष्ट्रीय पहचान
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में देशभर से बड़ी संख्या में शिक्षकों ने हिस्सा लिया, 32 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आए 9,400 से अधिक नामांकनों के बीच चयन प्रक्रिया कई चरणों में पूरी हुई, राष्ट्रीय फाइनल का आयोजन शिव नादर विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में किया गया, जहां चयन के अंतिम चरण में देशभर से कुल 16 राष्ट्रीय विजेताओं का चयन हुआ। इनमें सरकारी और निजी स्कूल श्रेणी से आठ-आठ शिक्षक शामिल हैं, सरकारी स्कूल श्रेणी में कंप्यूटर साइंस विषय की राष्ट्रीय विजेता के रूप में इशिता पांडे का चयन उनके तकनीक आधारित शिक्षण और नवाचार को मिली राष्ट्रीय पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
विद्यालय के प्राचार्य और पूरे परिवार को दिया श्रेय
अपनी राष्ट्रीय उपलब्धि पर इशिता पांडे ने इसका श्रेय विद्यालय के प्राचार्य बी. एस. श्रीवास्तव के निरंतर प्रोत्साहन एवं सहयोग तथा पूरे विद्यालय परिवार को दिया, उन्होंने कहा कि विद्यालय में नवाचार और तकनीक आधारित शिक्षण को प्रोत्साहित करने वाला सकारात्मक वातावरण मिला, जिसने उन्हें अपने प्रयोगों को आगे बढ़ाने और विद्यार्थियों के लिए नए तरीके विकसित करने का अवसर दिया, उनके अनुसार किसी भी शिक्षक के लिए उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं होती, बल्कि यह उस पूरे संस्थान और टीम के प्रयासों का परिणाम होती है, जहां शिक्षक को नए प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
झगराखंड से ऑक्सफोर्ड तक पहुंची शिक्षिका की उपलब्धि
एक ओर जहां राष्ट्रीय स्तर पर 9,400 से अधिक शिक्षकों के बीच चयन अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, वहीं अब इशिता पांडे को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के Saïd Business School के विशेष कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिलना उनकी उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय मंच तक ले जाएगा, उनकी यह सफलता यह संदेश भी देती है कि छोटे शहर और सीमित संसाधनों वाले क्षेत्रों में काम कर रहे शिक्षक भी अपने नवाचार और समर्पण के बल पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकते हैं, इशिता पांडे की उपलब्धि को शिक्षा में तकनीक, नवाचार और रचनात्मक प्रयोगों की दिशा में काम कर रहे शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।
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