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अम्बिकापुर@रजिस्ट्री के नाम पर 15 लाख की कथित ठगी! चार साल तक भरोसे में रखकर टालते रहे, अब तीन आरोपियों पर धोखाधड़ी का अपराध दर्ज

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भूमि विक्रय अनुबंध के बाद नकद व ऑनलाइन ली रकम, न रजिस्ट्री की और न पैसे लौटाए; विरोध करने पर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देने का आरोप

अम्बिकापुर,28 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। जमीन खरीदने का सपना दिखाकर लाखों रुपये लेने और वर्षों तक रजिस्ट्री के नाम पर भरोसे में रखने का मामला सामने आया है। कोतवाली थाना क्षेत्र में एक महिला की शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, छल-कपट, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2022 में भूमि बेचने का सौदा तय होने के बाद आरोपियों ने कुल 15 लाख रुपये प्राप्त कर लिए, लेकिन आज तक न तो जमीन की रजिस्ट्री कराई और न ही रकम वापस की।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार, शिकायतकर्ता सुषमा कुमारी, निवासी वर्तमान पता गंगापुरखुर्द कन्या परिसर रोड, अंबिकापुर तथा मूल निवासी दामोदरपुर, रामानुजगंज ने कोतवाली थाने में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि ग्राम सोनपुरकला स्थित खसरा नंबर 253/7, रकबा 0.0610 हेक्टेयर भूमि का विक्रय सौदा 30 लाख रुपये में तय हुआ था। इस सौदे में भूमि स्वामी के रूप में उर्मिला पाण्डेय का नाम सामने आया, जबकि प्रभू विश्वकर्मा ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए सौदा कराया।

नकद और बैंक खाते में दी गई रकम
शिकायत के अनुसार, 19 अक्टूबर 2022 को सौदे के तहत सबसे पहले 5 लाख रुपये अग्रिम नकद दिए गए। इसके बाद एक लाख रुपये आरोपी विकेश विश्वकर्मा के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते में जमा कराए गए। शेष राशि भी अलग-अलग समय पर नकद एवं ऑनलाइन माध्यम से दी गई। इस प्रकार आरोपियों ने कुल 15 लाख रुपये प्राप्त कर लिए।
महिला का कहना है कि रकम देने के दौरान कई लोग प्रत्यक्षदर्शी के रूप में मौजूद थे, जिनके नाम और मोबाइल नंबर भी आवेदन में उल्लेखित किए गए हैं।

हर बार मिलता रहा एक ही जवाब—”दस्तावेज तैयार हो रहा है”
शिकायत में कहा गया है कि पैसे देने के बाद जब भी महिला ने रजिस्ट्री कराने की बात की, आरोपियों द्वारा हर बार यही कहा जाता रहा कि दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं और जल्द ही रजिस्ट्री करा दी जाएगी। इस भरोसे में महिला लंबे समय तक इंतजार करती रही।
बाद में जब उसे संदेह हुआ तो उसने स्वयं रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचकर जानकारी ली। वहां पता चला कि संबंधित भूमि की रजिस्ट्री के लिए कोई दस्तावेज प्रस्तुत ही नहीं किया गया है। इसके बाद महिला ने आरोपियों से संपर्क कर या तो रजिस्ट्री कराने अथवा पूरी रकम वापस करने की मांग की।

पैसे लौटाने से इनकार, धमकी देने का भी आरोप
महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपियों ने न केवल रजिस्ट्री कराने से साफ इनकार कर दिया, बल्कि पैसे लौटाने से भी मना कर दिया। इतना ही नहीं, विरोध करने पर गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। शिकायत के अनुसार, इस घटना के बाद वह मानसिक रूप से काफी परेशान है और आर्थिक संकट का सामना कर रही है, क्योंकि उक्त राशि उसने अपनी जीवनभर की बचत और परिजनों से उधार लेकर दी थी।

वैधानिक नोटिस भी नहीं लिया
आवेदन में उल्लेख है कि मामले के समाधान के लिए अधिवक्ता के माध्यम से आरोपियों को वैधानिक नोटिस भी भेजा गया था, लेकिन 24 अक्टूबर 2025 को आरोपियों ने नोटिस लेने से ही इंकार कर दिया। इसके बाद महिला ने पुलिस की शरण लेकर एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया।

तीनों पर मिलकर साजिश रचने का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि प्रभू विश्वकर्मा, उर्मिला पाण्डेय और विकेश विश्वकर्मा ने पहले से योजना बनाकर उसके साथ धोखाधड़ी की। आवेदन में कहा गया है कि शुरू से ही आरोपियों की नीयत जमीन बेचने की नहीं थी, बल्कि पैसे हड़पने की थी। महिला का आरोप है कि परिवार के इलाज के लिए पैसों की तत्काल आवश्यकता बताकर उसकी भावनाओं का लाभ उठाया गया और विश्वास में लेकर बड़ी रकम हासिल कर ली गई।

पुलिस ने दर्ज किया अपराध, शुरू हुई जांच
पुलिस ने शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। प्रकरण में भूमि विक्रय के नाम पर कथित धोखाधड़ी, छल-कपट, आपराधिक विश्वासघात और अन्य संबंधित धाराओं के तहत जांच की जा रही है। जांच के दौरान बैंक लेन-देन, विक्रय अनुबंध, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा।


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