- एक के बाद एक गिरफ्तारी…फिर भी सवाल बरकरार…आखिर इन सौदागरों तक माल पहुंचा कौन रहा है?
- सरगुजा से सूरजपुर तक फैला नेटवर्क…छोटे विक्रेता पकड़ में लेकिन बड़े सप्लायर अब भी पहुंच से बाहर…
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,27 जून 2026 (घटती-घटना)। सरगुजा संभाग में नशीले इंजेक्शनों के अवैध कारोबार के खिलाफ संभागीय आबकारी उड़नदस्ता प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी सुपरमैन माने जाने वाले रंजीत गुप्ता की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। शनिवार को सूरजपुर जिले में एक बार फिर कार्रवाई करते हुए टीम ने कथित नशीले इंजेक्शन विक्रेता प्रदीप राजवाड़े को 42 नग इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा। आबकारी विभाग के अनुसार यह कार्रवाई सूरजपुर जिले के थाना जय नगर क्षेत्र में की गई। टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि महुआरी अरसोता जंगल में एक व्यक्ति नशीले इंजेक्शन बेच रहा है। सूचना के आधार पर टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध व्यक्ति को घेराबंदी कर पकड़ा। पूछताछ में उसकी पहचान प्रदीप राजवाड़े निवासी कमलापुर थाना विश्रामपुर के रूप में हुई। उसके पास मौजूद कपड़े के थैले की तलाशी लेने पर 21 नग REXOGESIC और 21 नग AVIL इंजेक्शन बरामद किए गए। आरोपी की मोटरसाइकिल भी जब्त की गई और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
कार्रवाई लगातार,लेकिन नशे की सप्लाई लाइन अब भी सवालों में…
– सुपरमैन रंजीत गुप्ता की टीम द्वारा लगातार नशीले इंजेक्शनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
– पहले अम्बिकापुर में वाहिद अंसारी की गिरफ्तारी।
– फिर कथित सप्लायर मोशीम अंसारी से बड़ी मात्रा में इंजेक्शन बरामदगी।
– इसके बाद लुंड्रा क्षेत्र से कथित सप्लायरों पर कार्रवाई।
– और अब सूरजपुर में प्रदीप राजवाड़े की गिरफ्तारी।
– लगातार सामने आ रहे मामले यह बताते हैं कि नशीले इंजेक्शनों का नेटवर्क केवल एक जगह तक सीमित नहीं है।
लेकिन इसके साथ ही सबसे
बड़ा सवाल भी कायम है…
– इन छोटे विक्रेताओं तक नशीली दवाइयां पहुंच कौन रहा है?
– बड़े सौदागर अब भी जांच के दायरे से बाहर?
– हर कार्रवाई में एक नया आरोपी सामने आता है।
– कुछ इंजेक्शन बरामद होते हैं।
– आरोपी जेल भेज दिया जाता है।
– लेकिन जांच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी अब भी अधूरी दिखाई देती है।
– नशीले इंजेक्शन आखिर किस चैनल से निकलकर इन विक्रेताओं तक पहुंच रहे हैं?
– कौन है वह सप्लाई करने वाला नेटवर्क?
– कौन लोग इस अवैध कारोबार से आर्थिक लाभ उठा रहे हैं?
– इन सवालों का जवाब सामने आना बाकी है।
सुपरमैन रंजीत गुप्ता ने माना, सूरजपुर में सक्रिय हैं सौदागर
सहायक जिला आबकारी अधिकारी सुपरमैन रंजीत गुप्ता ने बताया कि आसपास के सभी जिलों में नशे के सौदागरों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि सूरजपुर जिले में यह पांचवीं बड़ी कार्रवाई है और आगे भी अभियान जारी रहेगा। उनका यह बयान इस बात की ओर भी इशारा करता है कि नशीले इंजेक्शनों का नेटवर्क अब केवल अम्बिकापुर तक सीमित नहीं है,बल्कि आसपास के जिलों तक फैल चुका है।
गढ़वा कनेक्शन से
लेकर स्थानीय नेटवर्क तक
पिछले मामलों में सप्लाई चैन के तार बाहरी क्षेत्रों से जुड़ने की बात सामने आई थी। विभाग ने संसाधनों की कमी और अंतरराज्यीय कार्रवाई की कठिनाइयों का भी उल्लेख किया था। लेकिन अब सवाल यह है कि यदि स्थानीय स्तर पर इतने विक्रेता सक्रिय हैं तो इनके पीछे काम कर रही सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए क्या विशेष रणनीति बनाई गई है?
महुआ शराब से इंजेक्शन तक…
नशे के खिलाफ बड़ी चुनौती…
– सरगुजा संभाग में अवैध नशे का स्वरूप लगातार बदल रहा है।
– कहीं महुआ शराब का अवैध निर्माण पकड़ा जा रहा है।
– कहीं होटल और अन्य स्थानों से शराब बिक्री सामने आ रही है।
– और अब नशीले इंजेक्शनों का नेटवर्क लगातार सामने आ रहा है।
– इससे साफ है कि चुनौती केवल कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है,बल्कि पूरे नेटवर्क को खत्म करने की है।
जनहित के सवाल…
– 42 इंजेक्शन लेकर घूम रहा आरोपी माल कहां से ला रहा था?
– उसके पीछे सप्लायर कौन है?
– क्या जब्त इंजेक्शनों के बैच नंबर की जांच होगी?
– क्या मेडिकल सप्लाई चैन की जांच की जाएगी?
– क्या बड़े कारोबारियों और आर्थिक नेटवर्क तक कार्रवाई पहुंचेगी?
– लगातार गिरफ्तारियों के बाद भी नशीले इंजेक्शन बाजार तक कैसे पहुंच रहे हैं?
आबकारी अभियान की अगली परीक्षा
सुपरमैन रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में आबकारी उड़नदस्ता टीम की लगातार कार्रवाई से छोटे स्तर के विक्रेताओं पर दबाव जरूर बना है, लेकिन नशे के खिलाफ असली लड़ाई तब सफल मानी जाएगी जब सप्लाई की मूल कड़ी तक पहुंच बनाई जाएगी।
क्योंकि हर गिरफ्तारी के बाद एक ही सवाल फिर खड़ा हो रहा है…
सौदागर पकड़े जा रहे हैं,लेकिन नशे का असली कारोबारी कौन है?
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