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अम्बिकापुर@निजी स्कूलों पर सख्तीः मनमानी फीस वसूली और महंगी किताबों पर होगी कार्रवाई

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डीईओ ने जारी किए कड़े निर्देश,मान्यता रद्द करने तक की चेतावनी

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,12 फरवरी 2026 (घटती-घटना)। जिले के निजी विद्यालयों में मनमानी फीस वसूली, अवैध शुल्क लेने और एनसीईआरटी/ एससीईआरटी के अलावा महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें लागू करने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी सरगुजा ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा द्वारा 11 फरवरी को जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने तक की कार्रवाई की जाएगी। आरटीई अधिनियम के तहत प्रत्येक निजी विद्यालय में न्यूनतम 16 सदस्यीय स्कूल प्रबंधन समिति का गठन अनिवार्य किया गया है। समिति द्वारा अनुमोदित शुल्क ही विद्यार्थियों से लिया जा सकेगा। बिना अनुमति फीस बढ़ाने या अवैध मदों में शुल्क वसूलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। शुल्क निर्धारण के बाद उसकी प्रति सूचना पटल पर चस्पा करना और कार्यालय में प्रस्तुत करना भी जरूरी होगा। आरटीई अधिनियम की धारा 13(1) के तहत प्रवेश के समय कैपिटेशन फीस लेना प्रतिबंधित है। जिला शिक्षा अधिकारी ने 12 निर्धारित मदों के अलावा किसी भी प्रकार का शुल्क लेने पर रोक लगाई है। इनमें शिक्षण शुल्क, विज्ञान, खेल, परीक्षा, पुस्तकालय, क्रियाकलाप, बस किराया, निधि, शाला विकास, स्वास्थ्य बीमा और बागवानी शुल्क शामिल हैं। इसके अलावा कंप्यूटर शुल्क, बिजली-पानी शुल्क, स्मार्ट क्लास शुल्क, वार्षिकोत्सव शुल्क, नए सत्र शुल्क आदि को अवैध बताया गया है।
आदेश में कहा गया है कि निजी विद्यालय किसी विशेष दुकान से किताब, कॉपी, यूनिफॉर्म या अन्य सामग्री खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव नहीं बना सकते। विद्यालयों को कक्षा अनुसार पुस्तक सूची, प्रकाशक का नाम, यूनिफॉर्म और अन्य जानकारी सूचना पटल पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। 24 नवंबर 2025 की बैठक की कार्यवाही में स्पष्ट किया गया है कि सभी निजी विद्यालयों में एनसीईआरटी/एससीईआरटी की पुस्तकों का ही उपयोग किया जाएगा। महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें अनिवार्य करने पर रोक लगाई गई है। दोबारा शिकायत मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए मान्यता समाप्त करने की चेतावनी दी गई है। आरटीई प्रावधानों के तहत प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निःशुल्क प्रवेश देना अनिवार्य बताया गया है।
मूलभूत सुविधाएं जरूरी
डीईओ ने कहा है कि विद्यालयों में पृथक शौचालय, स्वच्छ पेयजल, खेल मैदान, अग्निशमन यंत्र और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं अनिवार्य हैं। कमी पाए जाने पर मान्यता रद्द की जा सकती है।
परिवहन, सुरक्षा और अपार आईडी पर निर्देश
स्कूल बस चालकों का पुलिस सत्यापन, परिसर सुरक्षा, नशामुक्ति अभियान, महिला उत्पीडऩ रोकथाम अधिनियम के तहत समिति गठन तथा छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही अपार आईडी का कार्य तीन दिवस में पूर्ण करने को कहा गया है। निर्देशों का पालन नहीं करने वाले विद्यालयों पर एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए मान्यता समाप्त की जाएगी। सभी निजी विद्यालयों को आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।


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