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नई दिल्ली@ भारत का अमेरिका को बड़ा झटका

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ट्रंप की ये गलती अमेरिका को पड़ेगी बहुत महंगी
चीन पर भारत लेने जा रहा है बड़ा फैसला…
नई दिल्ली,13 अगस्त 2025 (ए)।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ऊटपटांग फैसलों से भारत और अमेरिका के रिश्तों को काफी नुकसान पहुंचाया है। चाहे 50 फीसदी टैरिफ लगाने का निर्णय हो या फिर बार-बार भारत पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाने का दावा करना। ट्रंप ने पिछले कुछ दिनों में ऐसे कई काम किए हैं,जो भारत के लिहाज से ठीक नहीं हैं। ट्रंप की इन हरकतों के कारण ही भारत ने एक बार फिर चीन के साथ अपने संबंध सुधारने शुरू कर दिए हैं। ग्लोबल पॉलिटिक्स के जानकारों का मानना है कि ट्रंप की इन गलतियों का खामियाजा अमेरिका को भुगतना पड़ सकता है और दोनों देशों के संबंधों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
ट्रंप के इन्हीं फैसलों के चलते ही भारत अब ब्रिक्स देशों के करीब आने लगा है। भारत की यह रणनीति साफ तौर पर बताती है कि अब मोदी सरकार चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर विशेष ध्यान देने वाली है। भारत की विदेश नीति में यह एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि गलवान घाटी में साल 2020 में हुई झड़प के बाद से ही भारत और चीन के रिश्ते काफी निचले स्तर पर पहुंच गए हैं, जो एक बार फिर सुधरते नजर आ रहे हैं। संबंध सुधारने की दिशा में मोदी सरकार का अगला कदम अगले महीने से चीन के साथ सीधी फ्लाइट सेवा शुरू करना है। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से ब्लूमबर्ग में प्रकाशित एक रिपोर्ट में दी गई है।
फ्लाइट्स तैयार रखने के मिल गए निर्देश
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस समझौते की औपचारिक घोषणा तब की जा सकती है, जब पीएम मोदी सात सालों बाद चीन की यात्रा पर जाएंगे और 31 अगस्त को तियानजिन में होने जा ही शंघाई सहयोग संगठन की मीटिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। बताया जा रहा है कि सरकार ने भारतीय एयरलाइन कंपनियों को चीन के लिए तत्काल उड़ानें तैयार करने के लिए कहा है। दरअसल, कोविड-19 महामारी के बाद भारत और चीन के बीच यात्री उड़ानें निलंबित कर दी गई थीं, जिससे दोनों पड़ोसी देशों के यात्रियों को हांगकांग या सिंगापुर से होकर एक दूसरे के देश जाना पड़ रहा था।
चीनी एक्सपर्ट ने भी माना-बेहतर हो रहे संबंध
भारत ने कोरोना महामारी के दौरान सीधी उड़ानें निलंबित कर दी थीं। भारत सरकार के इस फैसले में पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में हुई झड़प का भी बड़ा रोल था। इस झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। कई चीनी सैनिक भी मारे गए थे। बीजिंग के थिंक टैंक सेंटर फॉर चाइना एंड ग्लोबलाइजेशन के चीफ हेनरी वांग के मुताबिक भारत और चीन के बीच संबंध बेहतर हो रहे हैं। ग्लोबल साउथ के नेताओं के रूप में भारत और चीन को एक दूसरे के साथ बात करनी होगी। हेनरी वांग ने आगे कहा कि ट्रम्प के टैरिफ युद्ध ने भारत को यह एहसास दिलाया है कि उन्हें रणनीतिक स्वायत्तता और रणनीतिक स्वतंत्रता बनाए रखनी होगी।


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