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कोरिया@ जिले के सुशासन तिहार में ऐसे-ऐसे आवेदन कराए गए जो तत्काल ही निराकरण हो सके?

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कोरिया जिले के ग्राम पंचायत पुटा में सुशासन तिहार में सबसे ज्यादा आवेदन शौचालय निर्माण के सामने आए…
एक-एक घर से चार चार सदस्यों ने शौचालय निर्माण की मांग की है क्या एक ही घर में प्रशासन चार-चार शौचालय बनवाएगा?
भाजपा नेताओं के यहां भी नहीं है शौचालय…फिर इतने दिन से क्या खुले में जा रहे थे शौच,आवेदनों से तो यही बात आ रही सामने?
क्या भाजपा ने अपने ही नेताओं को खुले में शौच नहीं है जाना, अभियान से अपने पिछले 15 सालों के कार्यकाल में नहीं लाभान्वित किया?


-रवि सिंह-

कोरिया,05 मई 2025 (घटती-घटना)। सुशासन तिहार वर्तमान राज्य सरकार की एक ऐसी पहल थी जिससे प्रदेश वासियों को उनकी समस्याओं से निराकरण मिल सके,साथ ही उनकी जायज मांग पूरी हो सके,पर इस सुशासन तिहार की आड़ में प्रशासन ने सरकार के सामने अपनी ही पीठ ठोकने के लिए जो चाल चली उस चाल में वह खुद ही फंसते नजर आ रहे हैं, कोरिया जिला प्रशासन को जितने आवेदन इस सुशासन तिहार में मिले उसमें से लगभग आवेदन ऐसे करवाए गए जो तत्काल ही निराकृत हो सके,जिसमें तो कुछ ऐसे आवेदन थे जो लगाए जाने योग्य नहीं थे पर मांग बताकर आवेदन कराया गया,जाति प्रमाण पत्र से लेकर शौचालय निर्माण की मांग ज्यादा इस सुशासन तिहार पर जोर डाल रही थी,शौचालय निर्माण की मांग इन मांगो के बीच सबसे विचित्र मांग थी और ऐसे ऐसे लोगों ने अपने लिए शौचालय की मांग की जो संपन्न भी हैं और भाजपा नेता भी हैं,जबकि 10 सालों में केंद्र सरकार ने हर गांव में शौचालय बनवा दिए थे उसके बावजूद भी इतनी मात्रा में शौचालय मांगने की मांग ने सरकार पर ही सवाल खड़े कर दिए और खुले में शौच मुक्त भारत अभियान की पोल खोल दी है,यदि 5 साल के कांग्रेस सरकार को छोड़ दिया जाए तो उसके पहले और उसके बाद भी भाजपा की सरकार है क्या शौचालय भाजपा की सरकार में बने ही नहीं या फिर जो शौचालय बने वह सिर्फ आंकड़ों में ही गुम हो गए? जिसका आज नतीजा है कि शौचालय की मांग के लिए इतनी अधिक मात्रा में आवेदन आए है और सभी आवेदनों को स्वीकार भी कर लिया गया और सभी को स्वीकृति भी दे दी गई, जबकि देखा जाए तो भाजपा नेताओं के यहां ही शौचालय नहीं है एक एक घर से पांच-पांच आवेदन शौचालय के लिए आए हैं जिनके पास 10 एकड़ से अधिक जमीन है लाखों का धान बेच रहे हैं उनके घर भी क्या शौचालय के लिए पैसे नहीं है? क्या सरकार का पैसा ही खाना उनका उद्देश्य है? खासकर आवेदन देने वाले भाजपा नेताओं का यही उद्देश्य है? क्या अभी तक वह लोग खुले में शौच करने जा रहे थे?
सही मायने में भाजपा नेताओं के घर शौचालय नहीं हैं तो फिर शौचालय के लिए खर्च की गई पिछली राशि…क्या गबन कर ली गई?
ऐसा ही एक उदाहरण कोरिया जिले के ग्राम पंचायत पूटा में भी देखने को मिला। यहां भाजपा नेताओं के घर से पांच पांच आवेदन शौचालय के लिए आए हैं। सवाल यह है कि 15 साल के प्रदेश में भाजपा की सरकार के पिछले कार्यालय में और अभी के डेढ़ वर्षों के कार्यकाल में वहीं केंद्र की भाजपा सरकार के 11 वर्ष के कार्यकाल में भाजपा नेताओं को ही खुले में शौच जाने से नहीं रोक पाई भाजपा सरकार,यदि सही मायने में भाजपा नेताओं के घर शौचालय नहीं हैं तो फिर शौचालय के लिए खर्च की गई पिछली राशि क्या गबन कर ली गई। दैनिक घटती-घटना यह नहीं कहना चाह रहा कि शौचालय की मांग नाजायज है और इसकी स्वीकृति नहीं मिलनी चाहिए बल्कि यह कहना चाहता है कि इस मामले में जांच होनी चाहिए। वैसे ग्राम पुटा के भाजपा के जिस नेता के घर से पांच पांच आवेदन शौचालय के लिए आए उनके घर प्रशासन को एक दल भेजना चाहिए और यह जांच जरूर करनी चाहिए कि उनके यहां क्या सच में शौचालय नहीं है? और उनके घर के लोग खुले में शौच के लिए मजबूर हैं और यदि यह सही पाया जाता है तो इस अभियान की जिम्मेदारी निभाने वाले पर कार्यवाही करनी चाहिए वहीं यदि आवेदन शासकीय राशि हथियाने के उद्देश्य से किया गया है। भाजपा को भी अपने ऐसे नेताओं के ऐसे आवेदनों को लेकर ध्यान देना चाहिए और प्रशासन से इसकी चर्चा करनी चाहिए कि इसकी जांच करे प्रशासन और दोनों परिस्थिति में वह कार्यवाही करे दोष होने पर संबंधित विभाग और अधिकारी पर जिसने भाजपा नेताओं को ही खुले में शौच जाने पर मजबूर कर रखा है और आवेदन झूठा पाए जाने पर संबंधित नेता पर भी। वैसे ग्राम पुटा के भाजपा नेता के घर से लगाए गए शौचालय मांग के आवेदन को शासकीय राशि के गबन के लिए किया गया आवेदन लोग बता रहे हैं।
भाजपा नेता के घर से पांच पांच शौचालय की मांग आश्चर्य सहित संदेह की बात,क्या शासकीय राशि के गबन के लिए लगाया आवेदन?
पुटा के भाजपा नेता के अकेले घर से शौचालय के लिए पांच पांच आवेदन सुशासन तिहार के लिए लगाए गए हैं,यह आवेदन आश्चर्य सहित संदेह उत्पन्न भी करते हैं, क्या यह शासकीय राशि के गबन के लिए किए गए आवेदन हैं, यह आवेदन यह साबित करता है कि जिले में खुले में शौच की स्थिति आज भी है। वैसे इस मामले में प्रशासन के निराकरण की प्रतिक्षा जरूर रहेगी क्योंकि प्रशासन ऐसे आवेदन कर क्या कार्यवाही करता है यह देखने वाली बात होगी।
क्या प्रशासन मौके कर जाकर करेगा जांच,क्या आवेदन बिना मौके पर जाए ही होगा निराकृत?
भाजपा नेता के घर से पांच पांच शौचालय के आवेदन मामले में अब यह देखना है कि क्या प्रशासन मौके पर जाकर जांच करता है या कार्यालय से ही आवेदन निराकृत कर देता है। वैसे निराकरण क्या करता है आवेदन मामले में यह भी देखने वाली बात होगी,वैसे भाजपा नेता के घर शौचालय नहीं है यह मानने लोग तैयार नहीं क्योंकि वह खासे संपन्न हैं।
क्या इस तरह के आवेदन जो भाजपा नेताओं ने सुशासन तिहार में लगाए हैं वह खुद ही सरकार के अभियान को असफल साबित करने वाले आवेदन नहीं हैं,क्या ऐसे आवेदन जरूरतमंद के हक मारने का प्रयास नहीं?
सुशासन तिहार अंतर्गत कोरिया जिले के ग्राम पुटा में लगाए गए भाजपा नेता के घर के आवेदन जो पांच पांच शौचालय की मांग वाले आवेदन हैं वह खुद की ही भाजपा सरकार के अभियान को असफल बताने वाले आवेदन नहीं हैं क्या यह असल जरूरतमंद के हक मारने वाले आवेदन नहीं माने जाएंगे। पूरे मामले में जिला प्रशासन की भूमिका अब देखने वाली होगी।
82 प्रतिशत आवेदनों का निराकरण
सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविरों के पहले चरण को व्यापक जन समर्थन मिला है। 8 से 11 अप्रैल तक आयोजित शिविरों व अन्य माध्यमों से प्राप्त कुल 63,543 आवेदनों में से 51,494 का निराकरण किया जा चुका है, जो कुल आवेदनों का 82 प्रतिशत से अधिक है। बताया जा रहा है कि मांग से संबंधित 62,457 आवेदनों में से 50,845 का समाधान किया गया है, जबकि शिकायत से संबंधित 1,086 आवेदनों में से 649 का निराकरण हुआ है। इनमें प्रधानमंत्री आवास,शौचालय, सीमांकन,हैंडपंप,महतारी वंदन योजना,जाति/निवास/आय प्रमाण-पत्र, बिजली कनेक्शन व उज्जवला गैस कनेक्शन, किसान सम्मान निधि, और बकरी पालन संबंधी आवेदन प्रमुख हैं।
शिविर विभिन्न नगरीय निकायों और जनपद पंचायत क्षेत्रों में आयोजित होंगे…
कलेक्टर ने बताया कि प्रशासन की पहलकदमी और नवाचार से दूरस्थ अंचलों में लोगों तक पहुँचने के लिए समाधान ऑन व्हील्स,सुशासन संगवारी, हेल्पलाइन और सुशासन गीत जैसी पहल की गईं। अस्पतालों में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से भी आवेदन लिए गए। कलेक्टर ने बताया कि तीसरे चरण की शुरुआत 5 मई से 31 मई तक जिले भर में 17 समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ये शिविर विभिन्न नगरीय निकायों और जनपद पंचायत क्षेत्रों में आयोजित होंगे। पटना नगर पंचायत में 8 मई, शिवपुर चरचा 15 मई बैकुण्ठपुर नगर पालिक परिषद 22 मई को है। इसी तरह बैकुंठपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के बंजारीडांड (5 मई), तोलगा (7 मई), पोड़ी (9 मई), छिंदिया (14 मई), टेंगनी (16 मई), फूलपुर (19 मई),मनसुख (21 मई),मोदीपारा (26 मई), बुढ़ार (28 मई),जमगहना (31 मई) सोनहत जनपद पंचायत में कटगोड़ी (10 मई), अकलासरई (17 मई),रामगढ़ (23 मई), सलगंवा (30 मई) को समाधान शिविर आयोजित की गई है।


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