- नगर निगम चिरमिरी क्षेत्र में चल रही चर्चा,भाजपा ने जानबूझकर उतारा कमजोर प्रत्याशी…प्रत्याशी का वजन सिर्फ मंत्री की वजह थोड़ी बढ़ा नजर आ रहा है?
- फैसले से उठा सवाल,मजबूत दावेदार आखिर क्यों किए गए किनारे
- क्या विधानसभा चुनाव में सहयोग करने का मिला ईनाम?
- प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री पर उठी उंगली,क्या मजबूरी थी ऐसी साठगांठ करना?
- अभी से सभी की जुबान पर डॉक्टर विनय जायसवाल बनेंगे महापौर, एक निगम सीट पर भाजपा की हार लगभग तय माना जा रहा है क्यों?
- वहीं यदि स्वास्थ्य मंत्री अपनी एफर्ट लगाकर डॉक्टर विनय को हरा सके तो सभी के मुंह पर लगेगा ताला
- हाशिए पर क्यों डाले गए जनाधार रखने वाले भाजपा नेता?
- भाजपा प्रत्याशी कोई बड़ा चेहरा नहीं,कार्यकर्ताओं में दिख रही मायूसी


-रवि सिंह-
एमसीबी/चिरमिरी,30 जनवरी 2025 (घटती-घटना)। एमसीबी जिले के एकमात्र नगर निगम चिरमिरी के महापौर पद के चुनाव मामले में अब डॉक्टर विनय जीत दर्ज कर जायेंगे ऐसी बातें लगातार सामने आने लगी है। कहने वालों का कहना है की डॉक्टर विनय को महापौर की कुर्सी तोहफे में मिलने जा रही है और भाजपा का प्रत्याशी काफी कमजोर है और जो अपने दम पर महापौर का चुनाव जीत पाने में सफल नहीं होने वाले।
बता दें कि चिरमिरी नगर निगम के महापौर पद के लिए भाजपा प्रत्याशी की घोषणा के बाद से ही यह आम चर्चा है कि भाजपा ने कमजोर प्रत्याशी को इसलिए मौका दिया क्योंकि मनेंद्रगढ़ विधायक की यह मांग थी जिससे पूर्व विधायक की वह मदद कर सकें चुनाव जीतने में जिन्होंने वर्तमान विधायक की मदद की थी चुनाव जीतने में। अब यह बात कितनी सच है कितनी इस बात की सच्चाई है यह तो घटती घटना नहीं जानता लेकिन माना जा रहा है कि भाजपा प्रत्याशी के सामने डॉक्टर विनय आरम्भ से ही मजबूत हैं और वह जितने की स्थिति में हैं। डॉक्टर विनय के खिलाफ कई और ऐसे दावेदार थे भाजपा से जो मजबूत टक्कर कड़ी टक्कर दे सकते थे लेकिन उन्हें पार्टी ने मौका क्यों नहीं दिया यह सभी का सवाल है। वैसे डॉक्टर विनय जायसवाल का कांग्रेस पार्टी में ही काफी विरोध हुआ है प्रदेश पदाधिकारी सहित ब्लॉक अध्यक्ष एवम कईयों ने पार्टी से बगावत कर दी है और कुछ ने निर्दल जाकर चुनाव भी लड़ने का ऐलान किया है वहीं भाजपा की बगावत नजर नहीं आ रही है जो है अंदरूनी जो परिणाम को प्रभावित करेगी यह माना जा रहा है। भाजपा कांग्रेस दोनों ही दलों में महापौर के लिए कई दावेदार थे जिनमें कांग्रेस से भी कई मजबूत दावेदार थे वहीं भाजपा से भी मजबूत दावेदार थे उनमें से एक तरफ डॉक्टर विनय को वहीं दूसरी तरफ एक वकील को भाजपा से टिकट मिला जो अप्रत्याशित रहा जो अपेक्षित ही नहीं था वैसा ही रहा। वैसे अभी यह माना जा रहा है कि भाजपा प्रत्याशी कमजोर है और वह डॉक्टर विनय को एकतरफा जीत दिलाने में मददगार ही साबित होगा लेकिन एक तरफ यह भी चर्चा है कि यदि मनेंद्रगढ़ विधायक साथ ही स्वास्थ्य मंत्री भाजपा विधायक के लिए पूरी तरह मेहनत करते हैं वह चुनाव जीत जाएंगे और डॉक्टर विनय हार जायेंगे वहीं यदि समझौते वाली बात सही निकली और विधानसभा चुनाव की मदद का बदला चुकाने का कोई वादा था आपसी तो डॉक्टर विनय की जीत तय है।
अपने कार्यकाल के दौरान जो उन्होंने किया उसे लेकर आज भी वह मुखर नहीं हो पाए…
डॉक्टर विनय जायसवाल का कार्यकाल ऐसा रहा है कि वहां कुछ था तो वह केवल भ्रष्टाचार था केवल भ्रष्टाचार और यही वजह है कि अपने कार्यकाल को लेकर आज तक वह मुखर नहीं हो सके। बता दें कोरोना काल में डॉक्टर विनय दंपçा का स्वार्थ आपदा में अवसर वाला था यह तभी से उजागर है और यही वजह है कि वह खुलकर कुछ बोल पाने में असमर्थ हैं। उनके पास कुछ है तो वह स्वेक्षानुदान का लालच है जो उन्होंने चुनाव लड़ने की लालसा में चिरमिरी के युवाओं को दिया था जिसकी वसूली टिकट कटने की वजह से वसूली नहीं हो सकी थी और उसी वसूली में वह लगे हैं महापौर बनकर वह वसूली करेंगे। कुल मिलाकर स्वेक्षानुदान की वसूली करके ही वह मानेंगे और वही करने वह निकले हैं।
डॉ विनय जायसवाल के लिए यह चुनाव करो या मरो की स्थिति में…
डॉक्टर विनय के लिए यह चुनाव करो मरो वाला मसला है। वह हारते हैं तो राजनीति उनकी खत्म होती है जीत जाते हैं तो वह अगले विधायक प्रत्याशी कांग्रेस से होंगें। वैसे इस बीच ऐसे कार्यकर्ता पार्टी के मायूस हैं जिन्होंने झंडा उठाया और पार्टी के लिए काम किया इस बार की हार भी मेहनत के बाद स्वीकार किया। अब उन्हें लगता है कि गद्दारी ही बेहतर है जब डॉक्टर विनय को निष्कासन और गद्दारी का इनाम टिकट स्वरूप मिला तो मेहनत की बजाए यही आजमाया जाए।
बीजेपी विनय के भ्रष्टाचारों को सोशल मीडिया पर जमकर कर रही वायरल
भाजपा के लोग डॉक्टर विनय के भ्रष्टाचार को सोशल मीडिया पर उजागर कर रहे हैं। अब भाजपा के पास अंतिम यही एक रास्ता भी है क्योंकि प्रत्याशी का कमजोर होना इसकी वजह है।अब देखना है कि कांग्रेस प्रत्याशी डॉ विनय की पोल खोलकर भाजपा क्या अपनी जीत सुनिश्चित कर पाती है।
विनय जायसवाल कि सोशल मीडिया में हो रही फजीहत…बोलती बंद है उनकी…
डॉक्टर विनय जायसवाल कांग्रेस प्रत्याशी बनाए गए हैं,वह जबसे प्रत्याशी बनाए गए हैं सोशल मीडिया पर उनकी लगातार फजीहत हो रही है। बता दें कि उनके कार्यकाल को लेकर खासकर कोरोना वैश्विक महामारी के समय डॉक्टर विनय दंपçा ने आपदा को अवसर बनाया था और नकली सेनिटाइजर बांटा था वहीं कई और भ्रष्टाचार किया था ऐसा आरोप सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर डॉक्टर विनय का प्रदर्शन भी खराब ही है कभी का सेलिब्रिटी आज एक दो चार लाइक कमेंट के लिए तरस रहा है। वैसे स्टेप डी नकली सेनिटाइजर साथ ही आपदा को अवसर बनाना दो विषय हैं जहां डॉक्टर विनय बैकफुट पर हैं, जहां चिरमिरी की जनता के साथ उन्होंने छल किया है।
स्वास्थ्य मंत्री के द्वारा अपने प्रत्याशी को जीत दिलाने पर ही लोगों के मुंह होंगे बंद
स्वास्थ्य मंत्री व पूर्व विधायक विनय जायसवाल को लेकर चुनावी सरगर्मी में तरह-तरह की बातें हो रही हैं और यह तो हर चुनाव में होता है अक्सर देखा भी जाता है इस चुनाव में यह नया नहीं है, पर यहां पर लोगों के जुबान पर ताला तब लगेगा जब वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री अपने प्रत्याशी को जीता ले जाएंगे और यदि जीत नहीं दिला सके तो कहीं न कहीं वह आलोचकों के बयान को सही साबित कर जाएंगे? जो इस समय सुनने को मिल रहा है। इस दृष्टिकोण से भी स्वास्थ्य मंत्री के लिए चुनाव काफी महत्वपूर्ण हो गया है और उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है अपने प्रत्याशी को जीत दिलाना। वहीं यदि प्रत्याशी को जीत दिला देते हैं तो अपने प्रतिद्वंद्वी पूर्व विधायक डॉ विनय जायसवाल की राजनीति पर भी वह विराम लगा देंगे, यानी की राजनीति उनकी खत्म कर देंगे, पर क्या ऐसा कर पाने में वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री कामयाब हो पाएंगे यह तो परिणाम बताया।
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