आठ दिवसीय भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का समापन
अंबिकापुर,14 जनवरी 2025 (घटती-घटना)। ओंकारेश्वर मंदिर राजेंद्र नगर में आयोजित संगीतमय श्रीमद भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का मंगलवार को समापन हुआ। जिसमे तुलसी वर्षा व पुष्प होली के साथ व्यास जी की विदाई दी गई। यज्ञ हवन और पुर्नाहुती के पश्चात महाप्रसाद भंडारे का वितरण किया गया। भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कथा व्यास पीठ पर विराजे पंडित ललित नरेंद्र धर दुबे ने भागवत महापुराण में वर्णित कृष्ण-सुदामा मित्रता के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची मित्रता में ना धन का महत्व होता है और ना ही मित्र की आर्थिक स्थिति का महत्व होता है, भगवान अपने भक्तों की सच्ची भावना को पहचान कर उनकी हर परेशानी दूर करते हैं।
श्री ओंकारेश्वर मंदिर सेवा समिति द्वारा मंदिर परिसर में पिछले 8 दिनों से भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा था। समापन अवसर पर कथा व्यास पंडित ललित दुबे ने सुदामा चरित्र का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा सुदामा भगवान कृष्ण के बाल सखा थे। लेकिन अत्यंत गरीब और निर्धन परिवार से थे। वह पत्नी के बहुत कहने पर द्वारकाधीश से मिलने द्वारिका पहुंचे। मित्रता में संकोच और झिझक के कारण कृष्ण को अपना हाल नहीं बता सके। उधर सुदामा को देख श्री कृष्णा भावुक हो गए, उन्होने प्रेम व आदर से सुदामा का सत्कार किया। सुदामा ने द्वारकाधीश को अंजुरी में रखे चावल भेंट किया। मित्र का उपहार कृष्ण ने स्वीकार किया। सुदामा ने कृष्ण को अपनी कठिनाई नहीं बताई फिर भी वह उनकी स्थिति समझ गए। जब सुदामा वापस लौटे तो उन्होंने देखा उनकी झोपड़ी महल में बदल गई थी और परिवार सुखी था। भगवान ने बिना कहे ही उनकी सारी कठिनाइयां दूर कर दी। कथा के पश्चात व्यास जी की विदाई की गई। भागवत कथा के दौरान कृष्ण विवाह की मनोरम झांकी भी निकाली गई। इस पूरे आयोजन में शिवजी पांडेय, एमके नाम देव, रमेश केडिया, राजेंद्र प्रसाद गौतम, प्रभाकर त्रिपाठी, सौरभ बाजपेई, सर्वजीत पाठक, श्री श्रीवास्तव, शिव गुप्ता, अंकित सिंह, तारा नामदेव, भगवती नामदेव, रानी श्रीवास्तव, संगीता सिंह, माधवी बाजपेई ,लक्ष्मी मिश्रा ,अर्चना पाठक रजनी तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साह पूर्वक भाग लिया।
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