सूखती की भरपाई करने जिला खाद्य अधिकारी समितियों पर बना रहे दबाव
ने उच्च अधिकारियों को कई बार लिखा पत्र
- संवाददाता –
रामानुजगंज,01 जून 2024 (घटती-घटना)।रामानुजगंज धान खरीदी करने के करीब चार माह पूर्ण होने जा रहे हैं, वही विकासखंड मुख्यालय से दुरुस्त ग्राम कामेश्वरनगर धान खरीदी केंद्र में अभी भी खुले आसमान के नीचे 2270 मि्ंटल धान पड़ा हुआ है। समिति के द्वारा कई बार जिला विपणन अधिकारी एवं जिला खाद्य अधिकारी को पत्र लिखा गया परंतु इसके बाद भी धान का उठाव नहीं हो रहा है। जबकि नौतपा अब अपने आखिरी दिनों में चल रहा है। धान खरीदी केंद्र डूमरपान में भी धान उठाव पूरा नहीं हो पाया है।
गौरतलब है धान की खरीदी 31 जनवरी तक शासन के द्वारा निर्धारित की गई थी जिसे बढ़ाकर 4 फरवरी तक किया गया था। वही जिला विपणन अधिकारी से सभी सहकारी समितियां के द्वारा धान उठाव के लिए एग्रीमेंट किया जाता है। जिसमें बफर लिमिट के बाद 72 घंटे में धान का उठाव किए जाने के बात का जिक्र होता है। परंतु बलरामपुर रामानुजगंज में 49 धान उपार्जन केंद्रों में से किसी भी धान उपार्जन केंद्र में समय पर धान का उठाव नहीं हुआ, जिस कारण समितियो को नुकसान उठाना पड़ रहा है। सभी समितियां में सूखती गई है। बलरामपुर रामानुजगंज जिले के दूरस्थ ग्राम कामेश्वरनगर समिति में 2270 मि्ंटल धान अभी भी खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। धान खरीदी हुए करीब 4 महीना बीतने वाला हैं। लंबे समय तक खुले आसमान के नीचे धान रहने के कारण प्रत्येक बोर में एक से तीन किलो की सूखती गई है जिसकी अब भरपाई करने के लिए जिला खाद्य अधिकारी के द्वारा दबाव बनाया जा रहा है।
धान उठाव के लिए
कई बार किया पत्राचार
सहकारी समितियां के धान खरीदी प्रभारी ने बताया कि धान उठाव के लिए कई बार जिला विपणन अधिकारी एवं जिला खाद्य अधिकारी को पत्राचार किया गया। परंतु उसके बाद भी समय पर धान का उठाव नहीं हो पाया, जिस कारण हम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। समिति प्रबंधको ने कहा कि अभी तक धान का उठाव नहीं किया गया है वहीं जिला खाद्य अधिकारी के द्वारा जीरो करने के लिये अनावश्यक दबाव डाला जा रहा है।
नहीं उठता जिला खाद्य अधिकारी से फोन
जिला खाद्य अधिकारी बलरामपुर श्री कामते से मोबाइल नम्बर +91 98261 81272 पर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई। लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। बता दें खाद्य अधिकारी श्री कामते बलरामपुर-रामानुजगंज में वर्षों से पदस्थ हैं। इसलिए उनकी मनमानी किसी से छुपी नहीं है। समय-समय पर अपनी कार्यशैली से ये अक्सर विवादों से घिरे भी रहे हैं।
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