- होली के त्यौहार को लेकर रंगों व मिष्ठानों का बाजार रहा गुलजार
- होली त्यौहार को की तिथि व समय को लेकर लोगों के मन में दिखा संशय,होलिका दहन की तिथि और समय को लेकर बना रहा असमंजस
- शुभ मुहूर्त पर हुआ होलिका दहन, धुरेड़ी सोमवार को, फगुहारों की टोली ने किया फाग गीत का गायन

-रवि सिंह-
कोरिया,24 मार्च 2024 (घटती-घटना)। कोरोना वैश्विक महामारी के बाद यह दूसरा वर्ष होगा जब लोग खुलकर रंगों का त्योहार होली मनाएंगे और एक दूसरे को रंग लगाएंगे और आपसी प्रेम और भाईचारे के इस पर्व को जब एक ही रंग में लोग रंग जाते हैं उत्साह के साथ मनाएंगे। होली पर्व वैसे तो हिंदी कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है वहीं यह त्यौहार कई दिनों तक लोग मानते हैं जिसमे यह होलिका दहन से आरंभ होकर आगे कई दिनों तक मनाया जाता रहता है और लोग क्षेत्र अनुसार इसे अलग अलग दिनों तक मनाते रहते हैं। कोरिया जिले में तो एक गांव ऐसा भी है जहां एक हफ्ते पूर्व ही यह त्योहार मना लिया जाता है और होली त्योहार के दिन होली नहीं मनाया जाता वहां लेकिन अन्य जगह फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को ही यह त्योहार मनाया जाता है और इसी दिन लोग एक दुसरे को रंग लगाते हैं और इस तरह आपस में एक ही रंग में वह रंग भी जाते हैं। होली के दिन घर पर ही पुए पकवान नमकीन मिठाई इत्यादि बनाए जाने का विधान है या नियम है वहीं दही बड़े और पुए सहित भांग की बर्फी या शरबत इस दिन का विशेष खानपान है। लोग इस दिन को बड़े उत्साह से मनाते देखे जाते हैं और इस दिन रंगों के अलावा खाने पीने का ही विशेष महत्व रहता है और हर जगह और घर घर लोग उत्साह में नजर आते हैं। होली पर्व की शुरुआत होलिका दहन से होती है जो एक दिन पूर्व की जाती है वहीं होलिका दहन उपरांत स्नान कर ही होली खेलने का नियम है जो लोग पालन करते भी नजर आते हैं।
इस वर्ष होलिका दहन की तिथि और समय को लेकर संशय की स्थिति थी और अलग अलग जगह अलग अलग समय होलिका दहन का समाने आ रहा था लेकिन अंत में 10 बजकर 27 मिनट का रात का समय रविवार का तय हुआ जो सही पाया गया और उसी दिवस और समय फिर होलिका दहन हुआ। एक दिन पूर्व लोग बाजारों में भी नजर आए और उन्हे रंग अबीर पिचकारी सहित मुखौटा एवम कई तरह के बाजे खरीदते देखा गया वहीं मिष्ठान की भी खरीदी लोगों ने की और होली बेहतर तरीके से मनाने सभी ने अपने अपने स्तर से खरीददारी की। रविवार को वैदिक परंपरा के अनुसार की रात 7 बजे होलिका दहन शुभ मुहूर्त में किया गया इस शुभ मुहूर्त पर क्षेत्रवासियों द्वारा उत्साह व उमंग के साथ बैकुन्ठपुर पटना, कटकोना, पाण्डवपारा,डुमरिया,रनई सहित कई जगह होलिका दहन की गई, वहीं आज सोमवार को सभी क्षेत्रवासी धुरेड़ी की तैयारी में है। होली के त्योहार का इंतजार खत्म हुआ रंगों के इस त्योहार को लेकर लोगों ने जमकर खरिदारी की और तैयारियों में जुटे रहे। बच्चे रंग और गुलाल खरीदने में व्यस्त देखे गए वहीं बुजूर्ग खाद्य सामाग्री व सजी खरीदते हुए दिखे। बाजार में सुबह से ही चहल-पहल देखने को मिली। लोगों ने होली के लिए पिचकारी सहित कम केमीकल वाले रंग खरीदने में व्यस्त दिखे। वहीं बच्चे ब्रांन्डेड व लंबे समय तक न छुटने वाले रंगों को लेकर एक दूसरे दुकानों में घूमते नजर आए।
घरों में दिनभर बनेंगे मिष्ठान और पकवान
लोगों के घरों में आज दिनभर मिष्ठान और पकवान बनते रहने वाले हैं और लोग घर पर बनी मिठाइयां ही ज्यादा खाने वाले हैं। गुजिया,पुए,और दही बड़े आज घर घर के व्यंजन होंगे। लोगों ने पहले से ही तैयारी कर ली है। वैसे लोगों ने बाजार से भी मिष्ठान की खरीददारी कर ली है और घर पर भी उनकी तैयारी है इस तरह वह दो दो तरह से मिष्ठान का मजा लेने वाले हैं आज दो देखने को मिलने वाला है। होली के दिन घर आने वालों को घर पर बनी मिठाइयों सहित पकवानों का लुफ्त प्रदान करना ही हर किसी का उद्देश्य होता है जो देखने को मिलता रहा है आगे भी देखने को मिलने वाला है।
प्रशासन सहित पुलिस अलर्ट स्थिति में
जिले में प्रशासन और पुलिस अलर्ट स्थिति में है। फ्लैग मार्च करके पुलिस ने जता दिया है की गड़बड़ी होने पर वह त्वरित निर्णय लेने में कोई हिचक नहीं दिखाने वाले और निश्चित कार्यवाही उनकी तरफ से किया जायेगा। प्रशासन सहित पुलिस ने कई बिंदुओं का एक निर्देश जारी कर दिया है जिसका पालन आम लोगों के लिए जरुरी है और पालन नहीं किए जाने पर कार्यवाही होना तय है। वाहन तेज गति से चलाने,शराब पीकर चलाने ,डीजे बजाने,जबरन रंग लगाने, सहित कई मामलों में पुलिस कार्यवाही करेगी शांति भंग मानकर यह उसके द्वारा बता दिया गया है। होली सहित आदर्श आचार संहिता के मद्देनजर यह निर्देश कड़ाई से पालन करने निर्देश जारी हैं
होलिका दहन को लेकर भी बना रहा असमंजस,अलग- अलग समय और तिथि से लोग होते रहे दिग्भ्रमित
इस वर्ष होली पर्व के एक दिन पूर्व होने वाले होलिका दहन को लेकर भी असमंजस नजर आया,समय तिथि क्या होगी यह अंत तक स्पष्ट नहीं था,वैसे अंत में 10 बजकर 27 मिनट रात का समय दिन रविवार दिनांक 24 मार्च का तय हुआ और उसी समय होलिका दहन किया गया। भद्रा के कारण होलिका दहन को लेकर समय को लेकर संशय बना रहा वहीं बाद में यह माना गया की चूंकि भ्रद्रा का असर नहीं पड़ रहा इसलिए एक दिन पूर्व होलिका दहन किया जा सकता है और अंत में हुआ भी वही और फिर 10 बजकर 27 मिनट रात में होलिका दहन किया गया।
चंद्रग्रहण का भी योग,भारत में नहीं होगा इसका असर
इस साल होली का त्योहार 25 मार्च को पड़ा है। इस साल होली के दिन हिंदू पंचांग के अनुसार चंद्रग्रहण भी लगने वाला है। चंद्र ग्रहण शुरू होने से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है. चूंकि यह चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं है। हर साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि की रात होलिका दहन होता है, फिर अगले दिन रंग वाली होली खेली जाती है, इस साल होली का त्योहार 25 मार्च को मनाया जाएगा. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार होली के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है। ज्योतिष गणना के मुताबिक, यह चंद्र ग्रहण कन्या राशि में लगेगा,यह एक उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा, आइए जानते हैं कि यह चंद्र ग्रहण कहां-कहां दिखेगा और भारत में इसका सूतक काल मान्य होगा या नहीं।
कब लगेगा चंद्र ग्रहण ?
साल का पहला चंद्र ग्रहण सोमवार, 25 मार्च को होली के दिन लगेगा. यह चंद्र ग्रहण सुबह 10 बजकर 24 मिनट से लेकर दोपहर 03 बजकर 01 मिनट तक रहेगा। यानी चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 36 मिनट की होगी।
क्या भारत में दिखेगा चंद्र ग्रहण ?
खगोलविदों की मानें तो होली के दिन लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा. यह चंद्र ग्रहण उार-पूर्व एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया,अमेरिका,जापान,रूस,आयरलैंड, इंग्लैंड, स्पेन, पुर्तगाल, इटली, प्रशांत, अटलांटिक और आर्कटिक महासागर जैसी जगहों से दिखाई पड़ेगा।
होली गीतों की गूंज
शुभ मुहूर्त में होलिका दहन होने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को रंग गुलाल लगाकर जहां पर्व की शुभकामनाएं दी वहीं होलिका दहन के साथ ही होली का हुडदंग शुरू हो गया। होली के गीत ‘होली खेले रघुवीरा अवध में, होली खेले रघुवीरा, हिल मिल आवे लोग लुगाई, भई मलहन में बीरा अवध में होली खेले रघुवीरा‘। गूंजंने लगे।
बच्चों ने एक दिन पहले शुरू की होली
होली के पर्व को लेकर बच्चे इतने ज्यादा उत्साहित है कि उन्हें सुबह षाम होली खेलने की चिंता सताने लगी है जिसे लेकर घरो में रोना धोना करते नजर आ रहे थे आखिर कई जगह बच्चों ने होली दहन से पूर्व होली खेलना शुरू कर दिये थे। बच्चों की मस्ती होली को और मजेदार बना रही है।
रंग पंचमी का पर्व शुरू
होलिका दहन के बाद रंग पंचमी का पर्व षुरू हो गया है। पांच दिनों तक चलने वाले रंग पंचमी महोत्सव में प्रेम और भई-चारा दिखेगा। बुजुर्गों का कहना है कि होली ऐसा पर्व है जब सभी पुराने बाद-विवादों को छोड़कर लोग गले मिलते हैं और यह पर्व भईचारे को कायम करते हुए विवाद का विनाषक पर्व भी माना गया है।
बंद रहेंगी मदिरा दुकानें
होली पर्व के अवसर पर 25 मार्च को जिले की समस्त मदिरा दुकाने बंद रहेंगी। होली के दिन लोक शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए को देशी व विदेशी मदिरा दुकानें पूर्णतः बंद रहेगी।
शंतिति समिति की बैठक
जिले के सभी थान व पुलिस सहायता केन्द्र में शांति समिति की बैठक भी आयोजित की कई, जिसमें थाना प्रभारी ने बैठक में उपस्थित सभी लोगों से आपसी भाई चारे एवं सौहार्द्र के साथ मनाए जाने को लेकर अपने विचार प्रकट किए, जिसमें होली के पर्व को लेकर चंदा वसूली नहीं करने और किसी प्रकार के जहरीले एवं रासायनिक केमिकलों को प्रयोग नहीं करने की बात कही गई, इसके साथ ही कटकोना,पाण्डवपारा व पटना वासियों से होली षांती पूर्वक मनाने की अपील की गई।
असामाजिक तत्वों पर रहेगी पैनी नजर
होली को लेकर थाने में अतिरिक्त बल आ चुका है ताकि शराब माफिया, शराबियों सहित अन्य असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जाए, हुड़दंगी व शराब पीकर उत्पात मचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। जिसको लेकर होलिका दहन के पहले से ही पुलिस द्वारा सर्चिंग शुरू कर दिया गया है ताकि क्षेत्रवासी षांती पूर्वक होली का पर्व मना सकें।
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