मुबई, 01 जुलाई 2022। महाराष्ट्र मे शिवसेना की सरकार मे उलटफेर होने के बाद भी वहा राजनीति गतिरोध जारी है। शिवसेना नेता एकनाथ शिदे भाजपा के साथ मिल कर सरकार बनाने मे कामयाब रहे और उन्होने मुख्यमत्री पद की शपथ ली है। इसके बाद भी सियासी कलह थमी नही है और एक बार फिर से विवाद सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुचा है। शिवसेना के चीफ व्हिप सुनील प्रभु ने सुप्रीम कोर्ट मे अर्जी दाखिल कर एकनाथ शिदे और उनके समर्थक 15 विधायको के सदन मे घुसने पर रोक लगाने की माग की है। पार्टी का कहना है कि जब तक इन विधायको को मिले अयोग्यता के नोटिस पर फैसला नही होता है, तब इन्हे एट्री नही दी जा सकती। यही नही उनकी ओर से विधानसभा मे बहुमत परीक्षण पर भी रोक लगाने की माग की गई है।
महाराष्ट्र झाकी है, बीएमसी और 2024 बाकी है, पवार के साथ ‘खेला’ की तैयारी
शिवसेना की अर्जी मे कहा गया है कि एकनाथ शिदे समेत 16 विधायको को डिप्टी स्पीकर की ओर से अयोग्यता का नोटिस भेजा गया था। अभी इस पर कोई फैसला नही हो सका है। ऐसे मे उस पर कोई निर्णय होने से पहले इन लोगो की विधानसभा मे एट्री नही होनी चाहिए। इसके अलावा ये लोग विधायक के तौर पर बहुमत परीक्षण मे मतदान का भी अधिकार नही रखते है। इसी तर्क के साथ सुनील प्रभु ने कहा है कि फिलहाल महाराष्ट्र विधानसभा मे बहुमत परीक्षण पर भी रोक होनी चाहिए। बता दे कि एकनाथ शिदे ने गुरुवार शाम को ही महाराष्ट्र के सीएम पद की शपथ ली थी और भाजपा के नेता देवेद्र फडणवीस डिप्टी सीएम बन गए है।
महाराष्ट्र विधानसभा का सत्र 2 और 3 जुलाई को
गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा का सत्र 2 और 3 जुलाई को बुलाया गया है। इस दौरान पहले सदन के स्पीकर का चुनाव होगा और फिर शिदे सरकार बहुमत साबित करेगी। सरकार की तैयारी किस स्तर पर है इसे इस बात से समझा जा सकता है कि आज शाम को भाजपा विधायक दल की मीटिग होने वाली है। यह बैठक विधानसभा स्पीकर के चुनाव को लेकर ही बुलाई गई है और इसमे स्पीकर के उम्मीदवार पर फैसला हो सकता है। स्पीकर के चुनाव के बाद ही सदन मे उनकी देख-रेख मे बहुमत परीक्षण की प्रक्रिया होगी। लेकिन शिवसेना विधायको की अयोग्यता पर फैसले तक इस पर रोक लगाने की माग कर रही है। देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस पर क्या फैसला आता है।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur