पाकिस्तान के दोस्त सिद्धू को सीएम बनाया तो कांग्रेस छोड़ड़कर विरोध करुंगा

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कांग्रेस आलाकमान को कैप्टन की
खुली चेतावनी

-डॉ.राजकुमार मिश्र-


अम्बिकापुर,¸ ,,18 सितंबर २०२१ (घटती-घटना)। पंजाब के मुख्यमंत्री अब भूतपूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कहे जाएंगे।उन्होंने अपने सभी मंत्रियों के साथ बाकायदा अपना इस्तीफा गवर्नर को सौंप दियाहै।
कैप्टन को कांग्रेस की मुखिया सोनिया गांधी से ऐसी उम्मीद नही थी । राजीव गांधी के प्रिय मित्र रहे अमरिंदर सिंह के पटियाला पैलेस में ही राजीव गांधी से विवाह के बाद सोनियाजी ठहरी थीं।लेकिन वह घनिष्ठता भी राजनैतिक स्वार्थ के सामने अर्थहीन हो गई। पता नही,कांग्रेस पार्टी के सिरमौर मां बेटे ने नवजोत सिंह सिद्धू में ऐसे कौन से सुरखाब के पर लगे देख लिये कि उन्होंने सिद्धू के लिए अपनी पार्टी के 50 सालो से अभिन्न सहयोगी रहे कैप्टन को दूध में से मक्खी की तरह सत्ता से बेदखल कर दिया!
कैप्टन पहले भी पूरे पांच सालों तक पंजाब के सीएम रह चुके है,इस बार भी करीब छह महीनों बाद ही वह पांच साल की एक और पारी पूरी कर लेनेवाले थे।वह विधान सभा चुनाव में जोरशोर से उतरने की तैयारी कर रहे थे।अपने पार्टी घोषणापत्र में किए गए वादों में से लगभग 95 प्रतिशत वादे पूरे कर दिए है।पूरे पंजाब में अस्सी प्रतिशत से ज्यादा जमीन जाट बिरादरी के पास है इस बिरादरी में कैप्टन का मानसम्मान अत्यधिक रहा है।मगर सोनिया गांधी ने किसी बात की परवाह नही की।उन्होंने कैप्टन से सीधे इस्तीफा देने को नही कहा बल्कि ऐसी परिस्थितियां बना दीं जिनसे अमरिंदर सिंह को घुटन महसूस होने लगी यहां तक कि उन्होंने इस्तीफा देने से ठीक पहले सोनिया गांधी को खूब खरीखोटी सुनाते हुए साफ कह दिया कि आपने मुझे बहुत अपमानित कर दिया अब बनालो अपनी पसन्द का मुख्यमंत्री।
जिस नवजोत सिंह सिद्धू को कैप्टन की अनिच्छा के बावजूद सोनियाजी ने पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाकर कैप्टन के सिरदर्द को बढ़ाया उस सिद्धू पर आज अपने इस्तीफे के तुरन्त बाद बड़ा हमला बोलते हुए कैप्टन ने सिद्शु को पाकिस्तान की सरकार और सेना का ऐसा दोस्त बताया जिसके कारण देश की सुरक्षा को भारी खतरा हो सकता है।कैप्टन ने यहां तक कह दिया कि अगर सिद्धू को मुख्यमंत्री बनाया गया तो वह(कैप्टन)कांग्रेस पार्टी को ही छोड़ देंगे और ऐसे फैसले का विरोध भी करेंगे।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस की बैठक में आज उपस्थित लगभग सभी कांग्रेस विधायकों ने सर्वसम्मति से एक ओरस्तव पारित करके कांग्रेस अध्यक्ष को मनचाहा नया सीएम नियुक्त करने का अधिकार सौंप दिया।अब प्रेक्षकों की नजरें आलाकमान पर टिक गई है


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