ऐसे में मनुष्य के चांद पर जाने का क्या फायदा जब भूखा नन्हा बच्चा गोल चांद को पृथ्वी से निहार कर गोलाकार रोटी समझ खाने के लिए ललचा जाता हो और माँ से कहता है माँ क्यों न हम रोटियों के पेड़ लगाएं और रोटी तोडें¸ आम तोडें¸ खाएं।पूरा विश्व आज नन्हे बच्चों के कुपोषण का शिकार है। वैश्विक स्तर …
Read More »संपादकीय
लेख @ पर्यावरण प्रदूषण मानवता के समक्ष सबसे बड़ड़ी चुनौती
डगमगाते पर्यावरण को संभालने का समय वर्तमान समय में पर्यावरण प्रदूषण सबसे बड़ी वैश्विक समस्या है। पिछले तीन दशकों से महसूस किया जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी समस्या पर्यावरण से ही जुड़ी है। मानवीय क्रियाकलापों के कारण प्रकृति में लगातार बढ़ते दखल के कारण पृथ्वी पर बहुत से प्राकृतिक संसाधनों का विनाश हुआ है। आधुनिक जीवनशैली,पृथ्वी …
Read More »लेख @ पर्यावरण संरक्षण के प्रति करना होगा जागरूक
हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता हैं। यह एक वैश्विक संदेश देता है कि अब वह समय आ गया है जब मनुष्य और प्रकृति के बीच खोए हुए सन्तुलन को फिर से स्थापित किया जाना चाहिए। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस 2025 का थीम है विश्व स्तर पर प्लास्टिक प्रदूषण का अंत। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा …
Read More »सम्पादकीय @ कैडर अफसरों को जायज हक
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के कैडर अधिकारियों के मनोबल को बढ़ाने वाले फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने इन बलों में आईपीएस अधिकारियों की तैनाती में संतुलन रखने का रास्ता खोल दिया है। अदालत ने इन बलों में महानिरीक्षक स्तर तक के आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति दो वर्षो में ‘उत्तरोत्तर’ करने का आदेश दिया है ताकि कैडर अधिकारी अपने जायज …
Read More »कविता @ सांस की कीमत पूछी गई…
सांस की कीमत पूछी गईसाँस-साँस को मोहताज किया,जीवन को नीलाम किया।मासूम थी,बस एक साल की,फिर भी व्यवस्था ने इनकार किया।वेंटिलेटर चाहिए? पूछा गया,सिफ़ारिश है? तौल कर कहा।दोपहर से लेकर रात तलक,बच्ची की साँसों ने दस्तक दी हर पल।कभी सिस्टम की फाइल में अटकी,कभी डॉक्टरों के मुँह के फेर में भटकी।कंधे पर बैठी थी ममता की पुकार,पर अस्पताल ने लगाया इंतज़ार।पीजीआई …
Read More »कविता @ पढ़े-लिखे अनपढ़ लोग …
कानून के रखवाले खुद कानून की खिल्ली हैं उड़ाते,गुनहगार को जेल में सब सुविधाएं मुहैया हैं करवाते,आम आदमी की घिस जाती है एशिया न्याय पाने के लिएगुनहगारों के लिए रात को भी दरवाजे हैं खुल जाते,जिन पर जिम्मेवारी है भारत का भविष्य बनाने कीबच्चों के भविष्य से वही हैं खिलवाड़ कर जाते,दूसरों को नशे से दूर रहने के बारे में …
Read More »लेख @ वीर क्रांतिकारी राजा भभूतसिंह:सतपुड़ा की गोद से जन्मी आज़ादी की ज्वाला
मध्य भारत की धरती,विशेषकर मालवा और नर्मदा तटवर्ती सतपुड़ा क्षेत्र,प्राचीन समय में अवंतिका महाजनपद का हिस्सा रही है। इस क्षेत्र की महादेव पहाडिय़ाँ,ताप्ती और नर्मदा की घाटियाँ,हजारों वर्षों से धार्मिक और आध्यात्मिक साधना की भूमि रही हैं। यहाँ का कोरकू आदिवासी समाज भोलेनाथ को अपना आराध्य और कुल देवता मानता है। ऐसा विश्वास है कि कोरकू समाज भोलेनाथ के गणों …
Read More »लेख @ बांग्लादेश देश के मुखिया मोहम्मद यूनिस भी
चाइना से मिलकर पूर्वोत्तर भारत में साजिशे रच रहे हैं मोहम्मद यूनिस ने हाल ही में चाइना में कहा कि चिकन नेक भारत की दुखती रग है। ये बात उन्होंने ऐसे समय पर कही है जब भारत और बांग्लादेश के संबंधों में निर्वासित शेख हसीना की भारत में उपस्थिति को लेकर तल्खी आयी है। उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश की पूर्व …
Read More »लेख @ आदर्श शिक्षक,कुशल प्रशासक, संवेदनशील साहित्यकार और समाजसेवी का सुंदर संगम
डॉ. मुश्ताक अहमद शाह के व्यक्तित्व का सबसे बड़ा पहलू उनका आत्मविश्वास और समाज के प्रति समर्पण है। वे जिस भी भूमिका में रहे—शिक्षक,प्रिंसिपल, ग्रामीण विकास अधिकारी या मंच संचालक—हर जगह उन्होंने अपने आत्मविश्वास,सकारात्मक सोच, विनम्रता और नेतृत्व क्षमता से लोगों को प्रभावित किया। आत्मविश्वास किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है,जो न केवल बाहरी …
Read More »लेख @ दुल्हन फर्जी,रिश्ता असली बेवकूफी का
फर्जी रिश्तों का व्यापार: शादी नहीं,ठगी का धंधा भारत में शादियों को लेकर एक सांस्कृतिक उत्सव,पारिवारिक प्रतिष्ठा और भावनात्मक जुड़ाव की भावना जुड़ी होती है। लेकिन जब इस पवित्र रिश्ते को ठगों का व्यवसाय बना दिया जाए,तो यह सिर्फ एक व्यक्ति नहीं,बल्कि पूरे समाज के विश्वास की हत्या होती है। हरियाणा के हिसार से सामने आया ताज़ा मामला इसी सामाजिक …
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घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur