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संपादकीय

लेख@जब देश में वन की आवश्यकता नहीं है तो फिर विभाग की भी आवश्यकता क्यों है?

व्यर्थ की जरूरत के लिए जंगल का विनाश सरकार की जरूरत?जब वन ही नहीं रहेगा तो राष्ट्रीय पक्षी व पशु की जरूरत क्या,उन्हें क्यों संरक्षण देने की जरूरत?देश का राष्ट्रीय पशु बाघ राष्ट्रीय पक्षी मोर है पर उनके रहने के लिए जंगल कहां है?छत्तीसगढ़ के बाद अब तेलंगाना में 400 एकड़ वन भूमि नष्ट की जा रही है?वन व जंगल …

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लेख@ गूगल गुरु के कचरा ज्ञान से पैदा होते सम्पूर्णानन्द पत्रकार?

जहां सबेरा है,वही बसेरा है ओर बसनेवाले कई किस्म के है। आजकल यू-ट्यूबर-व्हाट्सअप, इस्ट्राग्राम कुटुंबएप, फ़ेसबूक आदि पर विशेष प्रकार की वाहियात अक़्लमंद ज्ञानी बेशर्मियों की कब्जेवाली मीडिया खरपतवार गाजरघाँस की तरह फ़ेल चुकी है, इससे बचने के सारे उपाय असफल है। जिसने कभी कागज कलम छुआ नहीं वही गूगल गुरु की प्रेरणा से गीतकार, साहित्यकार ओर पत्रकार बन गया …

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लेख@ हीटवेव : भारत के लिए बढ़ता हुआ सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट

भारत में हीटवेव अब केवल मौसमी असुविधा नहीं,बल्कि एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन चुकी है। वर्ष 2024 में हीटवेव की आवृत्ति और तीव्रता रिकॉर्ड स्तर पर पहुँची, विशेषकर उत्तर-पश्चिम भारत में। अत्यधिक तापमान के कारण डिहाईड्रेशन,हीट स्ट्रोक, श्वसन व हृदय संबंधी बीमारियों में वृद्धि हुई है, जिससे बुजुर्गों, बच्चों, निम्न आय वर्ग और बाहरी श्रमिकों पर असमान रूप से …

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लेख@ एक जरूरी बचाव,लेकिन क्या लोग ऊब गए हैं?

1930 की चेतावनी और पकते कान: साइबर सतर्कता या शोरगुल? साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और ऑनलाइन ठगी से बचाव की चेतावनियाँ इतनी बार सुनाई देने लगी हैं कि लोग अब इनसे ऊबने लगे हैं। बैंक, फोन कंपनियाँ, न्यूज़ चैनल्स, और सोशल मीडिया हर जगह साइबर फ्रॉड के अलर्ट्स छाए हुए हैं, जिससे लोग ठगी से कम और चेतावनी से ज़्यादा …

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लेख@ प्रेरणा के स्रोत हैं भगवान श्री राम

प्रेरणा का सबसे अच्छा उदाहरण वाल्मीकि कृत श्री रामचरितमानस के किष्किन्धा काण्ड में देखा जा सकता है। जब वानर सेना-भगवान राम और हनुमान के नेतृत्व में वानरों की टीम माता सीता को बचाने के लिए लंका पहुँचने के लिए हिंद महासागर के तट पर पहुँची, तो समुद्र को पार करना था -एक ऐसा कार्य जो लगभग असंभव था। इस बिंदु …

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लेख@ बढ़ती अर्थव्यवस्था:क्या सबको मिल रहा है फायदा?

भारत की अर्थव्यवस्था में आय की असमानता एक गंभीर विषय बन गई है। इससे समाज और राष्ट्र का आर्थिक विकास प्रभावित हो रहा है। संतुलित अर्थव्यवस्था के लिए आय का समान वितरण आवश्यक है। असमान आय से क्रय शक्ति प्रभावित होती है और आर्थिक असंतुलन बढ़ता है। अमीरी और गरीबी के बीच खाई बढ़ रही है। सम्पत्ति चंद हाथों में …

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लेख @ लेखक की स्वतंत्रता बनाम संपादकीय नीति:बहस के नए आयाम

संपादक आमतौर पर अनूठी और मौलिक रचनाएँ चाहते हैं ताकि उनकी पत्रिका की विशिष्टता बनी रहे। दूसरी ओर,लेखकों को यह स्वतंत्रता होनी चाहिए कि वे अपनी रचनाएँ अधिक से अधिक स्थानों पर भेज सकें, खासकर जब संपादक बिना किसी समयसीमा के रचनाओं को स्वीकार या अस्वीकार करने का अधिकार रखते हैं। साहित्य और प्रकाशन की दुनिया में संपादकों और लेखकों …

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लेख@ शारदीय नवरात्रि माता का सातवां स्वरूप माँ कालरात्रि

मित्रों माँ दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती हैं। दुर्गा पूजा के सातवें दिन माँ कालरात्रि की उपासना का विधान है। इस दिन साधक का मन सहस्रार चक्र में स्थित रहता है। इसके लिए ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों का द्वार खुलने लगता है।देवी कालरात्रि को व्यापक रूप से माता देवी-काली, महाकाली, भद्रकाली,भैरवी,मçृत्यू,रुद्रानी, चामुंडा,चंडी और दुर्गा के …

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@लेख @@ भ्रष्टाचार पर लगाम और पारदर्शिता की नई पहल

वक्फ संशोधन बिल 2024:पारदर्शिता और जवाबदेही की ओर एक क्रांतिकारी कदमवक्फ संशोधन बिल 2024 लोकसभा में पारित हुआ,जिसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है। भारत में वक्फ बोर्ड के अंतर्गत लाखों एकड़ भूमि आती है, लेकिन वर्षों से इसके दुरुपयोग, भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोप लगते रहे हैं। यह बिल वक्फ बोर्डों की मनमानी पर …

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@लेख@ भंवरों की देवी है जीण माता

राजस्थान के सीकर-जयपुर मार्ग पर गोरिया के पास जीणमाता गांव में देवी स्वरूपा जीण माता का प्राचीन मंदिर बना हुआ है। जीण माता का वास्तविक नाम जयन्ती माता है। माता दुर्गा की अवतार है। यह मंदिर शक्ति की देवी को समर्पित है। घने जंगल से घिरा हुआ है यह मंदिर तीन छोटी पहाड़ों के संगम पर स्थित है। जीण माता …

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